1 जनवरी 2026 को रोहिणी नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इसके बाद चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे।
New Year 2026 Panchang: नए साल पर शुभ-अशुभ मुहूर्त, प्रदोष व्रत का महत्व और राहुकाल का समय जानें! देखें पंचांग
New Year 2026 Panchang: नए साल 1 जनवरी 2026 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और गुरुवार दिन है. जानिए गुरुवार का मुहूर्त, नक्षत्र, योग, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति, प्रदोष व्रत के बारे में.

Panchang of January 1, 2026: हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, नया साल 1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. हिंदू पंचांग की सहायता से जानिए 1 जनवरी 2026 का शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त और राहुकाल के बारे में.
हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, दिन गुरुवार है. ऐसे में अगर कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं तो समय नोट कर लीजिए.
1 जनवरी 2026 का पंचांग
1 जनवरी 2026 को राहुकाल का समय दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से लेकर दोपहर के 3 बजे तक रहेगा. बात की जाए नक्षत्र की तो आज रोहिणी नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 45 मिनट तक है. वहीं चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे. सूर्योदय का समय सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर होगा, वही सूर्यास्त शाम को 5 बजकर 35 मिनट पर होगा.
1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रोहिणी व्रत एवं प्रदोष व्रत के संयोजन से काफी खास रहने वाला है. जो पूरे दिन धार्मिक कार्य करने के लिए संतुलित समय प्रदान करता है.
1 जनवरी 206, गुरुवार का चौघड़िया मुहूर्त
| सुबह 06:40 से 07:59 शुभ मुहूर्त |
| सुबह 07:59 से 09:17 रोग मुहूर्त |
| सुबह 09:17 से 10:36 उद्वेग मुहूर्त |
| सुबह 10:36 से 11:55 चर मुहूर्त |
| दोपहर काल 11:55 से 01:14 पीएम लाभ मुहूर्त |
| दोपहर काल 01:14 पीएम से 02:32 पीएम अमृत मुहूर्त |
| सायंकाल 02:32 पीएम से 03:51 पीएम काल मुहूर्त |
| सायंकाल 03:51 पीएम से 05:10 पीएम शुभ |
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र व्रतों में शामिल है. इस व्रत को करने से जीवन में मानसिक शांति की प्राप्ति होती है. नववर्ष 2026 के पहले दिन पड़ने वाला यह व्रत विशेष है, जो नए आरंभ और शुभ संकेत की ओर इशारा करता है.
प्रदोष व्रत का शुभ समय
1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन शाम 5 बजकर 35 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 19 मिनट तक है. इस शुभ समय में पूजा-अर्चना करना बेहद शुभ माना जाता है. वही प्रदोष व्रत पारण के लिए 02 जनवरी 2026 शुक्रवार की सुबह 06 बजकर 41 मिनट का समय बेहद सही है.
राहुकाल समय
1 जनवरी 2025 को राहुकाल का समय उत्तर भारत में करीब दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से लेकर 3 बजकर 9 मिनट तक है. इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए. गुलिक काल और यमघण्ट काल का मुहूर्त सुबह रहेगा.
1 जनवरी 2026 नए साल का सबसे श्रेष्ठ समय अभिजीत मुहूर्त करीब 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 12 बजकर 51 मिनट तक है. इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने के लिए सही समय है.
वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 36 मिनट से लेकर 6 बजकर 24 मिनट तक है. यह समय आध्यात्मिक गतिविधियों, समय, ध्यान और साधना के लिए सही माना जाता है.
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Frequently Asked Questions
1 जनवरी 2026 को रोहिणी नक्षत्र कितने बजे तक रहेगा?
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