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25 फीट ऊंची आग, बीच में ‘प्रह्लाद भक्त’… मथुरा में 5200 साल पुरानी परंपरा का रोमांचक नजारा!

मथुरा के फालैन गांव में 5200 साल प्राचीन परंपरा आज भी लोगों के बीच जीवित है. जलती होलिका दहन के बीच में संजू पंडा गुजरतें ही नहीं, बल्कि कुछ पल ठहरकर अग्नि देवता को प्रणाम भी करते हैं.

Holika Tradition Mathura Falain Village: होलिका से उठती धधकती आग के बीच लाठी लेकर चिल्लाते लोग, 25 फीट से ज्यादा ऊंची आग की लपटें, सिर पर गमछा बांधे और गले में रुद्राक्ष की माला पहने संजू पंडा नाम का व्यक्ति धधकती आग के बीच में से दौड़ते हुए गुजरता है.

इस खतरनाक परंपरा के दौरान वह जलती आग के बीच में अग्नि देवता को प्रणाम करता है, फिर पलक झपकते ही जलती होलिका को पार कर जाता है. 

फालैन गांव में 5200 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवित

होलिका की लपटों से बाहर आने के बाद उसके मुंह से उफ तक नहीं निकलती, शरीर बिल्कुल भी नहीं झुलसता. यह नजारा मथुरा में मंगलवार की सुबह 4 बजे देखने को मिला. जिसने भी इस नजारे को देखा हैरान रह गया. देश-विदेश के 50 हजार से अधिक लोग बांके-बिहारी की जय-जयकार करने लगे. 

5200 साल प्राचीन परंपरा जिसे जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर फालैन गांव में होलिका दहन की रात मनाई जाती है. इसके परंपरा के पीछे मान्यता है कि, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने भक्त प्रह्लाद को जलाने की कोशिश की थी, लेकिन वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाई थी. 

 
 
 
 
 
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इस चमत्कार के पीछे प्रह्लाद भगवान की कृपा

इस परंपरा को निभाने वाले संजू पंडा ने बताया कि, मैं एकदम सही हूं. सब प्रह्लाद जी की कृपा है, इस चमत्कार के पीछे उन्हीं का हाथ है. इस दौरान उन्होंने यह बताया कि, इस परंपरा को निभाने की शुरुआत 45 दिन पहले ही शुरू हो जाती है.

व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने के साथ पूरे दिन में केवल एकबार ही फल का ही सेवन किया जाता है. मंदिर में ही सोने के साथ प्रह्लाद महाराज की पूजा होती है. 

उन्होंने यह भी बताया कि, इस व्रत को करने वाले गोवंश की पूंछ नहीं पकड़ता. एक बार में हाथ की हथेली में जितना पानी आता है, उतना ही पानी पीते थे. गांव के बाहर नहीं जाते थे. भूमि पर ही बिस्तर लगाकर सोते थे.  ऐसी किसी वस्तु का इस्तेमाल नहीं करते थे, जो चमड़े से बनी है.

25 फीट ऊंची आग, बीच में ‘प्रह्लाद भक्त’… मथुरा में 5200 साल पुरानी परंपरा का रोमांचक नजारा!

पंडा संजू के भाई ने परंपरा के पीछे की मान्यता बताई

पंडा संजू के भाई ने बताया कि, सदियों पहले गांव के प्रह्लाद कुंड से एक माला प्रकट हुई थी. यह माला मंदिर के अंदर ही रहती है. माना जाता है कि, यह वही माला है, जो प्रह्लाद जी के गले में थी. इस माला में बड़े-बड़े 7 मनके थे. बाद में मौनी बाबा ने इन्हीं 7 मनकों से 108 मनके की माला बनाई थी. 

कई पीढ़िया इसी माला से महीने भर पहले से ही जाप करती हैं. होलिका दहन के मौके पर प्रह्लाद कुंड ममें स्नान के बाद इस माला को पहनने के बाद ही आग की लपटों के बीच में से निकल पाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि, मेरा भाई संजू इस माला से सुबह और शाम को 6-6 घंटे जाप करता था. 

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अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
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वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

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