एक्सप्लोरर

Ram Ji: भगवान श्रीराम के 7 अनसुने रहस्य, जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं!

Lord Rama Facts: श्रीराम जी से जुड़ी तमाम बातें वाल्मीकि रामायण में लिखी गई हैं. कुछ ऐसे किस्से और रहस्य भी हैं जो शायद बहुत कम लोगों को पता है, जानें राम जी के अनसुने रहस्य.

Lord Rama Stories: श्रीराम को भारत की आत्मा कहा जाता है, क्योंकि प्रभु राम ने एक आदर्श चरित्र प्रस्तुत कर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है. ब्राह्मण संहिताएं कहती हैं ‘रमन्ते सर्वत्र इत राम:’ यानी जो सभी जगह रमा हुआ है वो राम है.

भगवान राम ने चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी तिथि के दिन अवतार लिया था. इस दिन हिंदूओं के हर घर में राम जी की पूजा की जाती है. वाल्मीकि रामायण में राम जी से जुड़े हर प्रसंग को व्यक्त किया गया है. आइए जानते हैं राम जी के कुछ अनसुने रहस्य.

वनवास में आदिवासियों को दी सीख - 14 साल के वनवास के दौरान श्रीराम ने जंगल में आदिवासियों को धनुष एवं बाण बनाना सिखाया, तन पर कपड़े पहनना सिखाया, गुफाओं मका उपयोग रहने के लिए करें ये पाता. उन्होंने आदिवासियों के बीच परिवार की धारणा का विकास किया और एक दूसरे का सम्मान करना सिखाया. यही वजह है कि आज देश में आदिवासियों के कबीले नहीं समुदाय होते हैं.

राम जी का विशिष्ट अस्त्र - कहा जाता है कि राम को अग्‍निवेश ने एक विशिष्‍ट कांच दिया था, जो संभवत: दूरबीन के समान था. इसी दूरबीन से राम ने लंका के द्वार पर लगे 'दारूपंच अस्‍त्र' को देखा और प्रक्षेपास्‍त्र छोड़कर नष्‍ट कर दिया था.

क्यों थी सिर्फ 12 कलाएं - श्रीराम और कृष्ण दोनों ही विष्णु जी के अवतार है लेकिन कृष्ण के पास समस्त 16 कलाएं थी लेकिन राम जी 12 कलाओं से पूर्ण थे. दरअसल श्रीराम सूर्यवंशी थे और सूर्य की 12 कलाएं ही होती हैं. यह मान्‍यता है कि श्रीराम में सूर्यदेव की समस्त कलाएं विद्यमान थीं.

युद्ध में राम जी के लिए किसने भेजा रथ - तुलसीदास लिखते हैं कि, जब राम-रावण का युद्ध शुरू तो रावण अपने मायारथ पर आया और श्रीराम पैदल ही उसकी ओर बढ़े. राम जी के आत्मविश्वास और शौर्यता में कोई कमी नहीं थी लेकिन शास्त्रों के अनुसार इंद्र देव ने राम जी की सहायता के लिए अपना दिव्य रथ युद्ध भूमि पर भेजा था. रथ के सारथि थे मातलि.

विभीषण को दी लंका - भगवान राम ने रावण को मारने के बाद रावण के ही छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा बना दिया था.

कौवे को मिला खास वरदान - एक बार इंद्रदेव के पुत्र जयंत ने श्रीराम की सच्चाई जानने के लिए उनकी परीक्षा ली और कौवे का वेश धारण कर सीता माता के पैर पर तीखी चोंच मार दी जिससे माता लहुलुहान हो गईं. श्रीराम ने क्रोध में कोवे पर बाण छोड़ दिया. जयंत डर के मारे अपने असली रूप में आया और बाण को निष्फल करने की गुहार करने लगा लेकिन बाण निष्फल नहीं हो सकता था.

राम जी ने कहा कि इससे होने वाली हानि को कम किया जा सकता है. तब उस तीर ने कौवे का वेश धारण किए हुए जयंत की एक आंख पर वार कर आंख फोड़ दी. इस घटना के बाद ही भगवान श्रीराम ने कौवे को वरदान दिया था कि तुम्हें भोजन कराने से पितृ प्रसन्न होंगे.

अहिल्या देवी को श्राप से करा मुक्त - गौतम ऋषि ने अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर बनने का श्राप दिया था और इस श्राप से भगवान राम ने ही उन्हें मुक्ति दिलाई थी.

Mahabharat महाभारत के ये 3 रहस्य, जिन्हें जानकर बदल सकता है आपका जीवन!

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी से पहले घर में रखे लड्डू गोपाल की ये 7 चीजें जरूर जांच लें, सेवा में न हो ये भूल
कृष्ण जन्माष्टमी से पहले घर में रखे लड्डू गोपाल की ये 7 चीजें जरूर जांच लें, सेवा में न हो ये भूल
Aaj Ka Panchang 14 August 2026: आज शुक्रवार लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा का मुहूर्त, योग, राशिफल और पूरा पंचांग देखें
आज शुक्रवार लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा का मुहूर्त, योग, राशिफल और पूरा पंचांग देखें
PM मोदी 15 अगस्त को लाल किले से किन मुद्दों पर कर सकते हैं फोकस? भारत की कुंडली बता रही कैसा रहेगा नया साल
लाल किले से PM मोदी दे सकते हैं बड़ी चेतावनी! 15 अगस्त के बाद भारत में बड़ी हलचल?
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त
जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त

वीडियोज

Pawan Singh की शादी पर Radhe Maa का बड़ा Prediction, 45 की उम्र में मिलेगी Loving Wife!
Ramayana के VFX Trolls पर Ranbir Kapoor का जवाब, बोले- लोग CG Critics बन गए हैं
Pati Brahmachari:😍Isha-Suraj के बीच दिखी केमिस्ट्री, पर इस खुशी के पीछे का राज क्या? #sbs
Bollywood News: संजू-सलमान की जोड़ी! फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त का धमाकेदार स्पेशल एक्शन कैमियो देखने को मिलेगा (13.08.26)
Batwara 1947 vs Awarapan 2: Screens की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
श्रीलंका में भारत की धाक और पाकिस्तान में...! Pew रिसर्च में खुलासा
श्रीलंका में भारत की धाक और पाकिस्तान में...! Pew रिसर्च में खुलासा
NALSAR विवाद: BCI को CJI की नसीहत, 'दखल की जरूरत नहीं, मैं भी छात्र था तो सक्रिय था'
NALSAR विवाद: BCI को CJI की नसीहत, 'दखल की जरूरत नहीं, मैं भी छात्र था तो सक्रिय था'
DC Box Office: इस तमिल फिल्म ने एक हफ्ते में चुपचाप लूट लिया बॉक्स ऑफिस, इतना तगड़ा रिकॉर्ड भी बना डाला
इस तमिल फिल्म ने एक हफ्ते में चुपचाप लूट लिया बॉक्स ऑफिस, इतना तगड़ा रिकॉर्ड भी बना डाला
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने वाले भारतीय गेंदबाज
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने वाले भारतीय गेंदबाज
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बिहार: कुएं में गैस से पिता-पुत्र समेत 4 की मौत, मोटर ठीक करने के दौरान हादसा
बिहार: कुएं में गैस से पिता-पुत्र समेत 4 की मौत, मोटर ठीक करने के दौरान हादसा
Instagram ने 10 साल बाद बदला अपना लोगो! जानें क्या-क्या हुआ बदलाव
Instagram ने 10 साल बाद बदला अपना लोगो! जानें क्या-क्या हुआ बदलाव
10 किलोवाट के सोलर सिस्टम से कितने AC चला सकते हैं? जानिए पूरा हिसाब
10 किलोवाट के सोलर सिस्टम से कितने AC चला सकते हैं? जानिए पूरा हिसाब
Embed widget