Hariyali Amavasya 2026: 12 अगस्त को पुष्य नक्षत्र और गजकेसरी योग में मनेगी हरियाली अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और राशि अनुसार पौधरोपण
हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 पर पुष्य नक्षत्र और गजकेसरी योग का खास संयोग बन रहा है. इस दिन राशि अनुसार पौधरोपण, स्नान-दान और पितृ तर्पण से ग्रह दोष दूर होते हैं व मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

Hariyali Amavasya 2026: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को देशभर में हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या के रूप में अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय है, जिसके कारण इस माह में आने वाली अमावस्या तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है.
इस पावन अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पितरों के निमित्त पिंडदान करने का विशेष विधान है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस बार हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को मनाई जाएगी, जो पर्यावरण और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ फलदायी मानी जा रही है.
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, इस साल श्रावण अमावस्या तिथि का प्रारंभ 11 अगस्त को देर रात 01:54 बजे से होगा, जबकि इसका समापन 12 अगस्त को रात 11:07 बजे होगा. उदयातिथि के नियमों के तहत हरियाली अमावस्या का मुख्य पर्व 12 अगस्त को ही मनाया जाएगा. इस दिन नक्षत्रों और ग्रहों का एक बहुत ही दुर्लभ संयोग निर्मित हो रहा है. हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र रहेगा, साथ ही चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में विराजमान रहेंगे. ग्रहों की इस स्थिति से अत्यंत शुभ 'गौरी योग' और 'गजकेसरी योग' का निर्माण हो रहा है, जिसमें पूजा-पाठ, स्नान और दान करने से साधक को कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है.
धार्मिक महत्व और पूजा विधि
सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है. इस दिन वृक्ष पूजा और कृषि उपकरणों के पूजन का भी विशेष विधान है.
- त्रिदेव का वास: पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है. इस दिन पीपल और तुलसी की पूजा से ग्रह दोष शांत होते हैं.
- किसानों का पर्व: किसान इस दिन खेती में उपयोग होने वाले औजारों की पूजा कर अच्छी फसल की कामना करते हैं.
- पितृ शांति उपाय: नदी किनारे श्राद्ध-तर्पण करें, ब्राह्मणों को भोजन कराएं, गाय को हरा चारा दें और मछलियों को आटे की गोलियां डालें.
राशि अनुसार पौधरोपण
मेष राशि: आंवले का पौधा लगाएं.
वृषभ राशि: जामुन का पौधा लगाएं.
मिथुन राशि: चंपा का पौधा लगाएं.
कर्क राशि: पीपल का पौधा लगाएं.
सिंह राशि: बरगद या अशोक का पौधा लगाएं.
कन्या राशि: शिवजी का प्रिय बेलपत्र या जूही का पौधा लगाएं.
तुला राशि: अर्जुन या नागकेसर का पौधा लगाएं.
वृश्चिक राशि: नीम का पौधा लगाएं.
धनु राशि: कनेर का पौधा लगाएं.
मकर राशि: शमी का पौधा लगाएं.
कुंभ राशि: कदंब या आम का पौधा लगाएं.
मीन राशि: बेर का पौधा लगाएं.
नवग्रह शांति के लिए पौधरोपण
सूर्य ग्रह: सफेद मदार (आक) का पौधा.
चंद्र ग्रह: पलाश का पौधा.
मंगल ग्रह: खैर या शिशिर का पौधा.
बुध ग्रह: अपामार्ग का पौधा.
गुरु ग्रह: पीपल का पौधा.
शुक्र ग्रह: गूलर का पौधा.
शनि ग्रह: शमी का पौधा.
राहु ग्रह: चंदन और दूर्वा का पौधा.
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