महाकुंभ में गंगा के पानी को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट, मिला ये खतरनाक बैक्टीरिया
CPCB Report on Prayagraj Mahakumbh : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि सीवेज के गंदे पानी के संकेतक फेकल कोलीफॉर्म की लिमिट 2500 यूनिट प्रति 100 मिली है.

CPCB Report on Prayagraj Mahakumbh : प्रयागराज महाकुंभ के दौरान गंगा-यमुना में प्रदूषण बढ़ गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज (Prayagraj) में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ गई है, जिससे नदी में पॉल्यूशन का लेवल बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, जब से महाकुंभ चल रहा है तब से प्रयागराज में अलग-अलग जगहों पर फेकल कोलीफॉर्म का लेवल नहाने के लिए प्राथमिक जल गुणवत्ता के हिसाब से नहीं है.
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महाकुंभ के दौरान नदी का प्रदूषण बढ़ा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि सीवेज के गंदे पानी के संकेतक फेकल कोलीफॉर्म की लिमिट 2500 यूनिट प्रति 100 मिली है. प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों में सीवेज के बहाव को रोकने को लेकर अभी एनजीटी सुनवाई कर रहा है. महाकुंभ मेले में सीवेज प्रबंधन योजना को लेकर एनजीटी यूपी सरकार को निर्देश भी दे चुका है।
श्रद्धालुओं के बताएं गंगा के पानी की गुणवत्ता- NGT
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यूपी सरकार को दिए निर्देश में बताया कि श्रद्धालुओं को उस पानी की गुणवत्ता को लेकर जानकारी दें, जहां वे डुबकी लगाने जा रहे हैं. हालांकि डाउन टू अर्थ (DTE) को पता चला है कि ऐसा नहीं किया जा रहा है. एनजीटी ने दिसंबर 2024 में ही निर्देश में कहा था कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में गंगा जल की पर्याप्त उपलब्धता रहनी चाहिए और ये जल नहाने और पीने के लिए सही होना चाहिए.
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2019 के कुंभ में खराब थी पानी की गुणवत्ता
ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह का मुद्दा उठा है. 2019 में प्रयागराज कुंभ पर सीपीसीबी की रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रमुख स्नान के दिनों में भी पानी की गुणवत्ता खराब थी. 2019 कुंभ मेले में 130.2 मिलियन श्रद्धाुल आए थे. रिपोर्ट के अनुसार, करसर घाट पर बीओडी और फेकल कोलीफॉर्म का लेवल अपनी लिमिट से ज्यादा था. प्रमुख स्नान के दिनों में शाम की तुलना में सुबह बीओडी का स्तर ज्यादा था. यमुना में घुलनशील ऑक्सीजन का लेवल मानकों के अनुसार ही था लेकिन पीएच, बीओडी और फेकल कोलीफॉर्म अलग-अलग अवसर पर लगातार लिमिट से ज्यादा ही था.
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