एक्सप्लोरर

Handmade Embroidery: हैंडमेड या मशीनमेड? कपड़े की कढ़ाई पहचानने के 4 ट्रिक, दुकानदार नहीं बताते ये बात

Phulkari Embroidery: आजकल मशीनों की मदद से बनने वाली कढ़ाई इतनी सटीक दिखने लगी है कि असली हैंडमेड और मशीनमेड काम में फर्क करना आसान नहीं रह गया है.

How To Identify Handmade Embroidery On Clothes: चिकनकारी हो, पारंपरिक कढ़ाई, फुलकारी या फिर जरी-जरदोजी का बारीक काम, भारतीय हस्तकला की पहचान पूरी दुनिया में है. लेकिन आजकल मशीनों की मदद से बनने वाली कढ़ाई इतनी सटीक दिखने लगी है कि असली हैंडमेड और मशीनमेड काम में फर्क करना आसान नहीं रह गया है. ऐसे में खरीदारी करते समय कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप असली कारीगरी की पहचान कर सकते हैं.

कैसे कर सकते हैं पहचान?

हाथ से की गई कढ़ाई की सबसे बड़ी पहचान उसकी स्वाभाविक असमानता होती है. मशीन एक जैसा पैटर्न बना सकती है, लेकिन किसी कारीगर के हाथ से बने हर टांके में थोड़ा-बहुत अंतर जरूर दिखाई देता है. यही छोटी-छोटी भिन्नताएं उस कढ़ाई को खास और अनोखा बनाती हैं. 

इसे भी पढ़ें- Hand Wash Clothes: महंगे कपड़े मशीन में हो जाएंगे बर्बाद, हाथों से धोने के लिए अपनाएं ये आसान ट्रिक

किन चीजों को ध्यान में रखना चाहिए?

अगर आप किसी कढ़ाईदार कपड़े को खरीदने जा रहे हैं, तो सबसे पहले उसके टांकों को गौर से देखें. मशीन से बनी कढ़ाई में हर सिलाई लगभग एक जैसी दिखाई देती है, जबकि हाथ की कढ़ाई में कहीं दूरी थोड़ी ज्यादा या कम हो सकती है.  यह कमी नहीं, बल्कि असली हस्तकला की पहचान होती है. 

कपड़े को पलटकर देखना

दूसरी अहम ट्रिक है कपड़े को पलटकर देखना. ज्यादातर लोग सिर्फ सामने का हिस्सा देखते हैं, लेकिन असली राज पीछे छिपा होता है. हाथ से की गई कढ़ाई के पीछे धागों की हल्की उलझन, गांठें या असमान पैटर्न नजर आ सकते हैं. वहीं मशीनमेड कढ़ाई का पिछला हिस्सा भी काफी साफ और व्यवस्थित दिखाई देता है.

 गहराई और बनावट पर ध्यान देना

तीसरी बात कढ़ाई की गहराई और बनावट से जुड़ी है. जरदोजी, आरी या चिकनकारी जैसी पारंपरिक कढ़ाई में धागों, मोतियों और अन्य सजावटी तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे डिजाइन में उभरा हुआ प्रभाव दिखाई देता है. मशीन से बनी कढ़ाई अक्सर सपाट दिखती है, जबकि हाथ की कारीगरी में एक अलग तरह की जीवंतता और टेक्सचर महसूस होता है.

समय भी कढ़ाई की असलियत का संकेत देता है

कैलाश पूजारी बताते हैं कि समय भी कढ़ाई की असलियत का संकेत देता है. मुश्किल और बारीक डिजाइन तैयार करने में कारीगरों को कई दिन, कई सप्ताह और कभी-कभी महीनों तक मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में अगर कोई बेहद भारी और विस्तृत कढ़ाई वाला कपड़ा बहुत कम समय में तैयार होने का दावा कर रहा हो, तो उसके मशीनमेड होने की संभावना अधिक हो सकती है. खरीदारी के दौरान अलग-अलग नमूनों की तुलना करना भी फायदेमंद रहता है. यही वजह है कि असली हैंडमेड कढ़ाई केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि कारीगर की कला, धैर्य और वर्षों के अनुभव की पहचान मानी जाती है.

इसे भी पढ़ें- Dal Cooking Mistakes: दाल बनाते समय ये 4 गलतियां पड़ती हैं भारी, खत्म हो जाती है उसकी ताकत

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Toilet Yellow Stains: बार-बार रगड़ने पर भी नहीं छूट रहे टॉयलेट के दाग? जानें असली वजह
बार-बार रगड़ने पर भी नहीं छूट रहे टॉयलेट के दाग? जानें असली वजह
Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके
मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके
Water Tank Cleaning: बारिश के मौसम में गंदा हो रहा है टंकी का पानी? अपनाएं ये टिप्स
बारिश के मौसम में गंदा हो रहा है टंकी का पानी? अपनाएं ये टिप्स
Floor Mop Cleaning Tips: क्या आपका पोछा भी जल्दी हो जाता है काला? जानें सफाई का सही तरीका
क्या आपका पोछा भी जल्दी हो जाता है काला? जानें सफाई का सही तरीका
Advertisement

वीडियोज

गोरखपुर की लेडी नटवरलाल का करोड़ों वाला मायाजाल!
Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE
Mannat: Dhairya का खतरनाक खेल फेल, Mannat ने बचा लिया Vikrant को मौत के मुंह से!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Parliament Monsoon Session LIVE: 'डरने दीजिए, हम भी डराते रहेंगे...' संसद सत्र शुरू होने से पहले बोले पवन खेड़ा
Monsoon Session 2026: 'डरने दीजिए, हम भी डराते रहेंगे...' संसद सत्र शुरू होने से पहले बोले पवन खेड़ा
'अगर चुनाव में उतरा तो भगवंत मान के खिलाफ ही लड़ूंगा', राजा वडिंग ने दे दिया चैलेंज
'अगर चुनाव में उतरा तो भगवंत मान के खिलाफ ही लड़ूंगा', राजा वडिंग ने दे दिया चैलेंज
'बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान', शेख हसीना के बेटे ने भारत के लिए क्या कहा?
'बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान', शेख हसीना के बेटे ने भारत के लिए क्या कहा?
Ramayana Release Date: रणबीर कपूर की 'रामायण' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें- कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
रणबीर कपूर की 'रामायण' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें- कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
3 दिग्गज गेंदबाज, जो वनडे क्रिकेट में कभी नहीं ले सके 5 विकेट हॉल 
3 दिग्गज गेंदबाज, जो वनडे क्रिकेट में कभी नहीं ले सके 5 विकेट हॉल 
रांची प्रोटेस्ट: सरकार से बातचीत के लिए तैयार हुए छात्र, स्टेट गेस्ट हाउस में होगी बात
रांची प्रोटेस्ट: सरकार से बातचीत के लिए तैयार हुए छात्र, स्टेट गेस्ट हाउस में होगी बात
Gen Z और Gen Alpha से प्रोटेस्ट के बाद पहली बार मिलेंगे मोहन भागवत, क्या होगी बात?
Gen Z और Gen Alpha से प्रोटेस्ट के बाद पहली बार मिलेंगे मोहन भागवत, क्या होगी बात?
Xप्लेन: क्या NEET-UG में ‘टू-स्टेज फॉर्मूला’ से पेपर लीक पर लगेगी लगाम? जानें सबकुछ
क्या NEET-UG में ‘टू-स्टेज फॉर्मूला’ से पेपर लीक पर लगेगी लगाम?
Embed widget