Benefits Of Vigorous Exercise: कसरत ऐसी करो कि फूलने लगे सांस, इससे 60% कम हो जाता है मौत का खतरा!
Does Intense Exercise Lower Death Risk: रिसर्च के दौरान पता चला कि जो लोग ज्यादा विगोरस एक्टिविटी करते थे, उनमें कई बीमारियों का खतरा कम था.चलिए आपको बताते हैं कि इसमें क्या- क्या पता चला है.

Does Intense Exercise Lower Death Risk: अगर आप रोजाना कुछ मिनट भी ऐसी कसरत करते हैं, जिसमें आपकी सांस फूलने लगे, तो यह आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, ऐसी तेज फिजिकल एक्टिविटी कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकती है. रिसर्च में पाया गया कि जो लोग रोज कुछ मिनट भी तेज कसरत करते हैं. जैसे तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना या दौड़ना, उनमें आर्थराइटिस, हार्ट डिजीज और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी कम होता है. खास बात यह है कि इसके लिए घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं, बल्कि छोटे-छोटे एक्टिव मूवमेंट भी असर दिखाते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
इस स्टडी के प्रमुख रिसर्चर प्रोफेसर Minxue Shen के अनुसार, ऐसी कसरत शरीर में ऐसे बदलाव लाती है, जो हल्की-फुल्की एक्सरसाइज से नहीं मिलते. जब आप इतनी तेजी से एक्टिव होते हैं कि सांस फूलने लगे, तो दिल ज्यादा प्रभावी तरीके से खून पंप करता है, ब्लड वेसल्स ज्यादा लचीली बनती हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल करने लगता है.
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इन लोगों को किया गया शामिल
रिसर्च में करीब 96 हजार लोगों के डेटा का एनालिसिस किया गया. इसमें देखा गया कि उनकी रोजमर्रा की एक्टिविटी और खासकर तेज कसरत का उनकी सेहत पर क्या असर पड़ता है. इसके लिए प्रतिभागियों को एक हफ्ते तक खास डिवाइस पहनाई गई, जिससे उनकी गतिविधियों को सटीक तरीके से रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद लगभग सात साल तक उनकी हेल्थ को ट्रैक किया गया. इस दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग ज्यादा विगोरस एक्टिविटी करते थे, उनमें कई बीमारियों का खतरा कम था. खास तौर पर डिमेंशिया का खतरा 63 प्रतिशत तक कम, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 60 प्रतिशत तक कम और मौत का खतरा 46 प्रतिशत तक कम पाया गया.
इन बीमारियों में मायने रखती है स्पीड
रिसर्च में यह भी सामने आया कि अलग-अलग बीमारियों पर इसका असर अलग तरीके से होता है. जैसे आर्थराइटिस और सोरायसिस जैसी सूजन से जुड़ी बीमारियों में एक्सरसाइज की तीव्रता ज्यादा मायने रखती है, जबकि डायबिटीज और लिवर डिजीज में एक्सरसाइज की मात्रा और तीव्रता दोनों अहम होती हैं. यह रिसर्च बताती है कि दिन में कुछ मिनट की तेज कसरत भी आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि हर किसी के लिए तेज कसरत सही नहीं होती. खासकर बुजुर्गों या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करनी चाहिए और जरूरत पड़े तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL



























