एक्सप्लोरर

एसी कोच के कंबल कितने दिन बाद साफ कराता है रेलवे, ये सेहत के लिए कितने खतरनाक?

रेलवे के एसी कोच में यात्रियों को आरामदायक सफर के लिए बेडरोल दिए जाते हैं, जिनमें कंबल, तकिया, चादर होती हैं. अक्सर इनके गंदे होने की शिकायतें आती रहती हैं.

Railway AC Coach Blanket Cleaning : ट्रेन के एसी कोच में सफर करने वाले पैसेंजर्स को बेडरोल दी जाती है. इसमें दो चादर, एक तकिया, टॉवेल और एक कंबल (Blanket) होता है. यह मुफ्त नहीं होता है, इसका चार्ज किराए में जोड़कर लिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन कंबलों और चादरों की सफाई कितने दिनों में की जाती है. एक RTI के जवाब में रेलवे की ओर से इसका जवाब आया है. आइए जानते हैं एसी कोच में मिलने वाले कंबलों की सफाई कितने दिनों में की जाती है और इससे सेहत को क्या खतरे हो सकते हैं...

यह भी पढ़ें: अब 40 पर्सेंट तक कम हो जाएगा सर्वाइकल कैंसर से मौत का खतरा, 10 साल की टेस्टिंग के बाद तैयार हुआ खास ट्रीटमेंट

रेलवे के कंबल कितने दिनों में साफ होते हैं

रेलवे ने अपने जवाब में बताया है कि एसी कोच में मिलने वाले चादर, तकिए, तौलिए की सफाई हर बार इस्तेमाल के बाद की जाती है. इसके लिए देशभर में 46 डिपार्टमेंटल लाउंडरीज हैं. वहीं, कंबलों की सफाई महीने में सिर्फ एक बार ही की जाती है. अगर कंबल गीला हो जाए या उस पर कुछ गिर जाता है तो बीच में भी उसकी सफाई कराई जाती है. हालांकि, कई बार इसे लेकर मनमानी की खबरें भी आती है. ऐसे में देरी से कंबलों की सफाई और कई यात्रियों द्वारा इसका इस्तेमाल होना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.

क्या कहते हैं इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट

 ट्रेन के चद्दर और कंबल की सफाई को लेकर डॉ देवेंद्र दुबे क्या कहना है कि एक में मिलने वाले चद्दर और कंबल की सफाई बेहद जरूरी है. जो जवाब रेलवे की तरफ से कंबल की सफाई को लेकर आया है वह हैरान कर देने वाला है. डॉक्टर के मुताबिक बगैर खुला हुआ एक का कंबल इस्तेमाल करने से खुजली, एक्जिमा, फंगल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इनफेक्शन, सांस लेने में दिक्कत, पिंपल्स, एलर्जी और अस्थमा जैसी परेशानी हो सकती है.

यह भी पढ़ें: अब 40 पर्सेंट तक कम हो जाएगा सर्वाइकल कैंसर से मौत का खतरा, 10 साल की टेस्टिंग के बाद तैयार हुआ खास ट्रीटमेंट

कंबलों की सफाई न करने से सेहत को क्या खतरे

1. एलर्जी की समस्या

गंदे कंबलों में धूल, मिट्टी और अन्य एलर्जिक पदार्थ हो सकते हैं. बार-बार अलग-अलग यात्रियों के इस्तेमाल से एलर्जी (Allergies) का खतरा बना रहता है. इससे स्किन को कई समस्याएं हो सकती हैं. लालिमा, खुजली और फोड़े-फुंसी निकल सकते हैं.

2. इंफेक्शन

गंदे कंबलों में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस हो सकते हैं जो यात्रियों को संक्रमण (Infection) का शिकार बना सकते हैं. कई यात्रियों के द्वारा इन्हें इस्तेमाल करने से इन वायरस और बैक्टीरिया का ट्रांसफर एक-दूसरे में आसानी से हो सकता है. 

3. स्किन से जुड़ी समस्याएं

ऐसे कंबल जिनकी साफ-सफाई में देरी की जाती है, वे काफी गंदे हो जाते हैं, जिनमें मौजूद धूल और मिट्टी स्किन की सेहत बिगाड़ सकती हैं. इससे एक्जिमा और दाने निकलने जैसी समस्या हो सकती है. 

4. सांस से जुड़ी समस्याएं

गंदे कंबलों में मौजूद धूल और मिट्टी सांस से जुड़ी समस्याएं जैसे अस्थमा (Asthma) और ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) का खतरा बढ़ा सकते हैं. इनकी वजह से फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए ट्रेन या घर में बिना धुले कंबलों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़ें: क्या आपकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं एंटी ग्लेयर लेंस? जान लीजिए ये कितने कारगर

 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author कोमल पांडे

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पत्रकारिता में 11 साल का अनुभव है. पॉलिटिकल, फीचर, नॉलेज के लेखन में दिलचस्पी है. ABP Live के लिए फीचर की खबरें लिखती हूं. खबरें अच्छी हों, रीडर्स को पढ़ने में अच्छा लगे और जो तथ्य हों वो सही हों, इसी पर पूरा जोर रहता है.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
Delhi NCR Health Study: दिल्ली-NCR में हर 20 में से 1 को 2 गंभीर बीमारियां! स्टडी में बड़ा खुलासा
दिल्ली-NCR में हर 20 में से 1 को 2 गंभीर बीमारियां! स्टडी में बड़ा खुलासा
Pankaj Bhadouria Chemotherapy Hair Loss: कीमो में बाल झड़ना महिलाओं को इतना क्यों तोड़ देता है? जानें वजह
कीमो में बाल झड़ना महिलाओं को इतना क्यों तोड़ देता है? जानें वजह
Gallbladder Stones: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? जानें लक्षण और इलाज
पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? जानें लक्षण और इलाज

वीडियोज

Bollywood News: इलायची ऐड पर घिरे SRK, अजय और टाइगर, FDA ने भेजा नोटिस (16.08.26)
Udne ki Asha: Sachin-Sailee के जाने पर रोया Laksh, Roshini को लगी मिर्ची!
Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'
Jharkhand Student Protest Update: छात्रों को नहीं सुन रही हेमंत सरकार! | Hemant Soren | ABP News

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
BJP के राज्य उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, कहा- 'जब से पार्टी ज्वाइन की तब से...'
BJP के राज्य उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा, कहा- 'जब से पार्टी ज्वाइन की तब से...'
अलवर: अमित शाह ने राजस्थान को दी करोड़ों की सौगात, कांग्रेस पर बोला हमला
अलवर: अमित शाह ने राजस्थान को दी करोड़ों की सौगात, कांग्रेस पर बोला हमला
श्रीलंका के खिलाफ फिर बरसे DSP सिराज, लगाया लंबा छक्का; लूट ली महफिल
श्रीलंका के खिलाफ फिर बरसे DSP सिराज, लगाया लंबा छक्का; लूट ली महफिल
सनी देओल की 'बंटवारा 1947' ने 2 दिन में कितना वसूला बजट?
सनी देओल की 'बंटवारा 1947' ने 2 दिन में कितना वसूला बजट?
नेपाल यात्रा पर भारत के आर्मी चीफ धीरज सेठ, जानिए क्यों अहम दौरा?
नेपाल यात्रा पर भारत के आर्मी चीफ धीरज सेठ, जानिए क्यों अहम दौरा?
‘अब लड़कियां...’, पुणे में होने वाले गूंज कार्यक्रम पर बोले राहुल गांधी
‘अब लड़कियां...’, पुणे में होने वाले गूंज कार्यक्रम पर बोले राहुल गांधी
Brass Utensils Cleaning: तांबे-पीतल के बर्तन पड़ गए हैं काले? बिना घिसे मिनटों में चमकाएं
तांबे-पीतल के बर्तन पड़ गए हैं काले? बिना घिसे मिनटों में चमकाएं
How To Fix Salty Food: सब्जी में ज्यादा हो गया नमक या मिर्च? तुरंत अपनाएं ये 5 आसान हैक्स
सब्जी में ज्यादा हो गया नमक या मिर्च? तुरंत अपनाएं ये 5 आसान हैक्स
Embed widget