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एसी कोच के कंबल कितने दिन बाद साफ कराता है रेलवे, ये सेहत के लिए कितने खतरनाक?

रेलवे के एसी कोच में यात्रियों को आरामदायक सफर के लिए बेडरोल दिए जाते हैं, जिनमें कंबल, तकिया, चादर होती हैं. अक्सर इनके गंदे होने की शिकायतें आती रहती हैं.

Railway AC Coach Blanket Cleaning : ट्रेन के एसी कोच में सफर करने वाले पैसेंजर्स को बेडरोल दी जाती है. इसमें दो चादर, एक तकिया, टॉवेल और एक कंबल (Blanket) होता है. यह मुफ्त नहीं होता है, इसका चार्ज किराए में जोड़कर लिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन कंबलों और चादरों की सफाई कितने दिनों में की जाती है. एक RTI के जवाब में रेलवे की ओर से इसका जवाब आया है. आइए जानते हैं एसी कोच में मिलने वाले कंबलों की सफाई कितने दिनों में की जाती है और इससे सेहत को क्या खतरे हो सकते हैं...

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रेलवे के कंबल कितने दिनों में साफ होते हैं

रेलवे ने अपने जवाब में बताया है कि एसी कोच में मिलने वाले चादर, तकिए, तौलिए की सफाई हर बार इस्तेमाल के बाद की जाती है. इसके लिए देशभर में 46 डिपार्टमेंटल लाउंडरीज हैं. वहीं, कंबलों की सफाई महीने में सिर्फ एक बार ही की जाती है. अगर कंबल गीला हो जाए या उस पर कुछ गिर जाता है तो बीच में भी उसकी सफाई कराई जाती है. हालांकि, कई बार इसे लेकर मनमानी की खबरें भी आती है. ऐसे में देरी से कंबलों की सफाई और कई यात्रियों द्वारा इसका इस्तेमाल होना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.

क्या कहते हैं इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट

 ट्रेन के चद्दर और कंबल की सफाई को लेकर डॉ देवेंद्र दुबे क्या कहना है कि एक में मिलने वाले चद्दर और कंबल की सफाई बेहद जरूरी है. जो जवाब रेलवे की तरफ से कंबल की सफाई को लेकर आया है वह हैरान कर देने वाला है. डॉक्टर के मुताबिक बगैर खुला हुआ एक का कंबल इस्तेमाल करने से खुजली, एक्जिमा, फंगल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इनफेक्शन, सांस लेने में दिक्कत, पिंपल्स, एलर्जी और अस्थमा जैसी परेशानी हो सकती है.

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कंबलों की सफाई न करने से सेहत को क्या खतरे

1. एलर्जी की समस्या

गंदे कंबलों में धूल, मिट्टी और अन्य एलर्जिक पदार्थ हो सकते हैं. बार-बार अलग-अलग यात्रियों के इस्तेमाल से एलर्जी (Allergies) का खतरा बना रहता है. इससे स्किन को कई समस्याएं हो सकती हैं. लालिमा, खुजली और फोड़े-फुंसी निकल सकते हैं.

2. इंफेक्शन

गंदे कंबलों में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस हो सकते हैं जो यात्रियों को संक्रमण (Infection) का शिकार बना सकते हैं. कई यात्रियों के द्वारा इन्हें इस्तेमाल करने से इन वायरस और बैक्टीरिया का ट्रांसफर एक-दूसरे में आसानी से हो सकता है. 

3. स्किन से जुड़ी समस्याएं

ऐसे कंबल जिनकी साफ-सफाई में देरी की जाती है, वे काफी गंदे हो जाते हैं, जिनमें मौजूद धूल और मिट्टी स्किन की सेहत बिगाड़ सकती हैं. इससे एक्जिमा और दाने निकलने जैसी समस्या हो सकती है. 

4. सांस से जुड़ी समस्याएं

गंदे कंबलों में मौजूद धूल और मिट्टी सांस से जुड़ी समस्याएं जैसे अस्थमा (Asthma) और ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) का खतरा बढ़ा सकते हैं. इनकी वजह से फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए ट्रेन या घर में बिना धुले कंबलों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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About the author कोमल पांडे

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पत्रकारिता में 11 साल का अनुभव है. पॉलिटिकल, फीचर, नॉलेज के लेखन में दिलचस्पी है. ABP Live के लिए फीचर की खबरें लिखती हूं. खबरें अच्छी हों, रीडर्स को पढ़ने में अच्छा लगे और जो तथ्य हों वो सही हों, इसी पर पूरा जोर रहता है.
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