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क्या फाइबरमैक्सिंग शुगर लेवल को करती है अनबैलेंस, जानें डेली कितना फाइबर लेना है जरूरी?

अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा को सही रखना काफी जरूरी होता है. लेकिन कई लोग इसके लिए फाइबरमैक्सिंग करते हैं, जो कि गलत है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्यों नहीं खाना चाहिए ओवर फाइबर.

ब्लड शुगर लेवल कम करने और उसे कंट्रोल में रखने के लिए लोग एक्सरसाइज करने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा फाइबर रिच डाइट लेते हैं. दरअसल, फाइबर शरीर में जाकर कार्बोहाइड्रेट की तरह ब्रेक नहीं होता है, जिससे ये कार्बोहाइड्रेट की तरह ब्लड शुगर के लेवल को नहीं बढ़ाता है. लेकिन यह बात भी सच है कि ओवर फाइबर खाने से पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं. जानबूझकर एक्सट्रा फाइबर खाने की यह आदत सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है.

ऐसे में फाइबरमैक्सिंग करना खतरनाक होता है. इस आदत से आपका ब्लड शुगर कम होने के बजाय अनबैलेंस होने लगता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या होती है फाइबरमैक्सिंग और ये कैसे ब्लड शुगर लेवल को कर देती है अनबैलेंस.

क्या होती है फाइबरमैक्सिंग ?

फाइबरमैक्सिंग एक ऐसी आदत है, जिसमें इंसान जान-बूझकर फाइबर इनटेक बढ़ाने के लिए ओवर फाइबर या रिकमेंडेड लेवल से ज्यादा फाइबर खाने लगता है. ज्यादातर लोग डाइजेशन को अच्छा करने, गट हेल्थ को अच्छा रखने और शरीर के मेटाबॉलिक फंक्शन को बेहतर करने के लिए ऐसा करते हैं. लोग मानते हैं कि ऐसा करने से शरीर में शुगर एब्जॉरपशन कम होता है और ग्लूकोस लेवल मेंटेन रहता है. लेकिन फाइबर मैक्सिंग से ग्लूकोस लेवल कम होने के बजाय डिस्बैलेंस भी हो जाता है और शरीर को नुकसान करता है.

फाइबरमैक्सिंग से कैसे अनबैलेंस होता है शुगर ?

डाइटरी फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसे बॉडी डाइजेस्ट नहीं कर पाती है. ऐसे में सॉल्यूबल फाइबर शरीर में घुलकर ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करते हैं, जबकि इन्सॉल्युबल फाइबर डाइजेशन को बेहतर कर वेट मैनेजमेंट और वेट लॉस में मदद करते हैं. अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक हमें रोजाना 25 से 30 ग्राम फाइबर लेना चाहिए. लेकिन लोग इसका दिनभर में इसका आधा फाइबर भी नहीं लेते. बाद में इसी गैप के चलते यही लोग फाइबरमैक्सिंग का सहारा लेते हैं और अलग-अलग तरीकों से ओवर फाइबर कंज्यूम करने लगते हैं. इसमें वे हाई फाइबर फूड और सप्लीमेंट्स दोनों लेते हैं, जिससे ब्लड शुगर कम होने के बजाय डिस्बैलेंस हो जाता है. ऐसे में इन सब तरीकों के बजाय रोजाना डाइट में नेचुरल चीजों के जरिए 25 ग्राम फाइबर लेना चाहिए. इसके लिए आप ब्राउन राइस, बींस और दालें भी खा सकते हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

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