एक्सप्लोरर

पुराना बनाम नया अदरक: जानिए दोनों में किसका इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद

क्या आप जानते हैं अदरक भी नया और पुराना हो सकता है? आप जिस प्रकार के अदरक का इस्तेमाल करते हैं, उसके स्वास्थ्य फायदों में भी विभिन्नता आ जाती है. लेकिन सवाल है कि नए और पुराने अदरक के बीच कौनसा आपके लिए ज्यादा सेहतमंद है.

स्वाद बढ़ाने से लेकर सुबह की चाय को रोचक बनाने तक अदरक भारतीय घरों में मुख्य रूप से इस्तेमाल होता रहा है. एंटी ऑक्सीडेंट्स की 12 किस्मों से ज्यादा के लिए ये जाना जाता है, जो इसे कई स्वास्थ्य लाभ के लिए मुफीद बनाता है. मसाले में सूजनरोधी गुण भी पाए जाते हैं और सदियों से औषधीय गुणों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. अदरक में जरूरी ऑयल, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन सी, फोलिक एसिड, मैग्नीज, विटामिन बी3 और कोलीन पाया जाता है. लेकिन क्या आप अदरक की कई किस्मों को जानते हैं जिसका असर आपके शरीर के लिए अलग होता है?

नया बनाम पुराना अदरक

ज्यादातर लोग जानते हैं कि ताजा अदरक स्वस्थ मसाला है जिसका मूल दक्षिण पूर्व एशिया है. उसका इस्तेमाल ताजा, सूखा, पाउडर, जूस या ऑयल के तौर पर किया जा सकता है. अदरक में मिलनेवाले स्वस्थ गुणों के चलते उसका इस्तेमाल प्रोसेस्ड फूड्स और कॉस्मेटिक्स में भी होता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि सर्दी में आपको बहुत ज्यादा मसालेदार अदरक क्यों मिलता है, जबकि अप्रैल और मई के महीनों में आप बसंत अदरक हासिल करते हैं. बसंत अदरक नया अदरक होता है जो बिल्कुल पुराने की तरह दिखाई देता है लेकिन स्वाद में अलग होता है. ये गुलाबी लाल रंग लिए रसदार और गूदेदार होता है. ये सलाद में कच्चा खाने के लिए पर्याप्त मुलायम और हल्का होता है. यहां तक कि उसका छिलका भी इतना ज्यादा पतला होता है कि आप उसे आसानी से रगड़ सकते हैं. ये हल्के मसालेदार स्वाद के साथ तेज, मांसयुक्त और रसदार होता है.

पुराना या मसालेदार अदरक रेशेदार और करीब सूखा होता है. नए अदरक की तुलना में पुराना अदरक स्वाद ज्यादा मसालेदार भी होता है. अप्रिय स्वाद को हटाने के लिए दक्षिण एशियाई व्यंजन में उसे अक्सर शामिल किया जाता है, जबकि नया अदरक बिना मुंह की गर्मी के डिश में थोड़ा स्वाद जोड़ता है. इस शक्ल का तीखापन एक यौगिक गिंगेरोल से आता है जो छिलके में इकट्ठा होता है. अदरक जितना ज्यादा सख्त और पूर्ण विकसित होगा, उतना ही ज्यादा ये मसालेदार होगा.

स्वास्थ्य के फायदे भी अलग 

इसमें कोई शक नहीं कि ये सबसे स्वस्थ मसालों में से एक है. अदरक में पाया जानेवाला गिंगेरोल कई स्थितियों जैसे पाचन बढ़ाने, मतली कम करने,  फ्लू और सामान्य सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद करता है. अन्य प्राकृतिक ऑयल के साथ इस मसाले में गिंगेरोल मुख्य यौगिक है जो अद्वितीय स्वाद और खुशबू देता है. हालांकि, नया अदरक शरीर का तापमान कम करने के तौर पर जाना जाता है, जबकि पुराना अदरक शरीर के तापमान को बढ़ाता है. दोनों प्रकार के स्वास्थ्य फायदों की तुलना करने पर कुछ अंतर भी जाहिर होते हैं.

पुराना अदरक कब इस्तेमाल करें

बाहर का तापमान ठंडा रहने पर शरीर को गर्मी देने के लिए आप पुराने अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं.

जब आप आम तौर से ठंडा महसूस करते हैं, तब पुराने अदरक का इस्तेमाल आम तौर से किया जाता है.

नया अदरक कब इस्तेमाल करें

नया अदरक हाइपरथॉयराइडिज्म वाले लोगों के लिए अच्छा है जो आम तौर से गर्म महसूस करते हैं.

इसका इस्तेमाल गर्मी के मौसम में बुखार को दूर भगाने में मदद के लिए भी किया जा सकता है.

निष्कर्ष

दोनों अदरक के अपने-अपने स्वास्थ्य फायदे हैं. आप अपनी स्थिति के मुताबिक उनमें से किसी को चुन सकते हैं. लेकिन जरूरी है कि इस्तेमाल करने से पहले मेडिकल पेशेवर की सलाह लें.

Coronavirus Symptoms: क्या कोविड-19 से सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है असर ? ये हैं संभावित संकेत

World Tuberculosis Day: किन वजहों से होती है टीबी, क्या हैं इसके उपाय? भारत में क्या हैं हालात, जानिए सब कुछ

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Char Dham Yatra 2026: हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में टूटा रिकॉर्ड
चार धाम यात्रा 2026: हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में टूटा रिकॉर्ड
Onion in Pocket Heat Stroke Myth: क्या जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती, जानें कितना असरदार है बुजुर्गों का यह तरीका?
क्या जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती, जानें कितना असरदार है बुजुर्गों का यह तरीका?
Biryani and Watermelon Myth: क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स
क्या बिरयानी के बाद तरबूज खाना जानलेवा है? जानिए- क्या कहते हैं डॉक्टर्स
Mumbai Watermelon Death Case: तरबूज खाने से पूरे परिवार की मौत! बाजार से खरीदें फल तो इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो जाएगी अनहोनी
तरबूज खाने से पूरे परिवार की मौत! बाजार से खरीदें फल तो इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो जाएगी अनहोनी

वीडियोज

Chitra Tripathi: वोट का 'धर्मयुद्ध', बंगाल में कौन जीतेगा? | West Bengal Election | Mamata Banerjee
Breaking News: एक तरफ प्रचार, दुसरी तरफ हमला...TMC बना निशाना! | West Bengal Election | Voilence
West Bengal Election 2026: बंगाल में Modi-Yogi-Shah का Road Show | Mamata Banerjee | TMC | BJP
Trump News: ट्रंप को मारने आए शख्स Cole Tomas Allen का सच जानकर उड़ जाएंगे होश! | Secret Service
Kejriwal vs Justice Swarna Kanta: केजरीवाल का खुला विद्रोह, सत्याग्रह का ऐलान! | Delhi High Court

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'ये समुद्री लुटेरों की वापसी', अमेरिका ने जब्त किए ईरानी तेल टैंकर तो आगबबूला हो गया तेहरान
'ये समुद्री लुटेरों की वापसी', अमेरिका ने जब्त किए ईरानी तेल टैंकर तो आगबबूला हो गया तेहरान
कौन हैं यूपी के IPS अजय पाल शर्मा? TMC प्रत्याशी को घर में घुसकर दी चुनौती, बंगाल में गरमाई सियासत
कौन हैं यूपी के IPS अजय पाल शर्मा? TMC प्रत्याशी को घर में घुसकर दी चुनौती, बंगाल में गरमाई सियासत
'ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाओ', संजीव गोयनका से दिग्गज की मांग; डिटेल में बताया कारण
'ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाओ', संजीव गोयनका से दिग्गज की मांग; डिटेल में बताया कारण
सुहागन की तरह आखिरी विदाई चाहती थीं स्मिता पाटिल, अमिताभ बच्चन के सामने हुआ मेकअप
सुहागन की तरह आखिरी विदाई चाहती थीं स्मिता पाटिल, अमिताभ बच्चन के सामने हुआ मेकअप
पंजाब: पटियाला के राजपुरा-शंभू के बीच रेलवे लाइन पर जोरदार धमाका, भारी पुलिस बल तैनात
पंजाब: पटियाला के राजपुरा-शंभू के बीच रेलवे लाइन पर जोरदार धमाका, भारी पुलिस बल तैनात
व्हाइट हाउस में फायरिंग करने वाले पर लगा ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, जानें कितनी हो सकती है सजा?
व्हाइट हाउस में फायरिंग करने वाले पर लगा ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप, जानें कितनी हो सकती है सजा?
बिहार की इस मशहूर यूनिवर्सिटी में नौकरी का मौका, जानें कौन कर सकता है अप्लाई?
बिहार की इस मशहूर यूनिवर्सिटी में नौकरी का मौका, जानें कौन कर सकता है अप्लाई?
Alto 800 in hills: पहाड़ों पर क्यों ज्यादा दिखाई देती है अल्टो और मारुति 800, जानिए छोटे इंजन के बावजूद क्यों कहलाती है पहाड़ों की रानी
पहाड़ों पर क्यों ज्यादा दिखाई देती है अल्टो और मारुति 800, जानिए छोटे इंजन के बावजूद क्यों कहलाती है पहाड़ों की रानी
Embed widget