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Coronavirus: मास्क नहीं पहनने से ज्यादा खतरनाक है बार-बार एक ही फेस मास्क का इस्तेमाल , जानें रिसर्च

मास्क को कई बार दोबारा इस्तेमाल करना और कोविड-19 संक्रमण के खतरे से बचना सबसे अच्छा विकल्प है. मगर एक नए रिसर्च में बताया गया है कि महामारी में मास्क का ज्यादा देर तक इस्तेमाल करना मास्क इस्तेमाल नहीं करने के मुकाबले ज्यादा खराब और ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

Coronavirus: महामारी के दौरान खुद को सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन तरीका मास्क है. अच्छी गुणवत्ता का मास्क संक्रमण की आशंका को 70 फीसद तक कम कर सकता है. मास्क की कई किस्मों जैसे सर्जिकल मास्क, N95 मास्क, डिस्पोजेबल मास्क में सर्जिकल मास्क अत्यंत मुफीद है. दोबारा इस्तेमाल योग्य कपड़े का मास्क किफायती और पर्यावरण के अनुकूल होता है.

वास्तव में मास्क को कई बार दोबारा इस्तेमाल करना और कोविड-19 संक्रमण के खतरे से बचना सबसे अच्छा विकल्प है. मगर एक नए रिसर्च में बताया गया है कि महामारी में मास्क का ज्यादा देर तक इस्तेमाल करना मास्क इस्तेमाल नहीं करने के मुकाबले ज्यादा खराब और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि दोबारा इस्तेमाल पर सर्जिकल मास्क के नाकाम होने का एक प्रमुख कारण फैब्रिक और आकार है. बार-बार उपयोग और जोखिम के बाद मास्क अपनी असल शक्ल पर ढीले हो जाता है.

शोषक परत की एक किस्म का इस्तेमाल कर बनाए फैब्रिक भी ज्यादा समय होने से सुराखदार और कम प्रभावी हो सकता है. कंप्यूटर मॉडल का इस्तेमाल कर शोधकर्ताओं ने बताया कि मास्क का फैब्रिक मुंह और नाक के छेद में दाखिल होनेवाली हवा का ना सिर्फ रास्ता बदल देता है बल्कि मास्क की स्थिति और प्रकार भी संक्रमण के खतरे को प्रभावित करता है. इसके मुकाबले, नया, ताजा मास्क अधिक सुरक्षा और असर मुहैया कराता है. पहले से इस्तेमाल किए गए मास्क का बहुत कम प्रभाव होता है यानी सिर्फ 60 फीसद से भी कम वायरस को छान पाता है.

मास्क का फैब्रिक भी प्रभाव को निर्धारित करता है

दोबारा इस्तेमाल योग्य या सर्जिकल मास्क का चुनाव करते वक्त दूसरा पहलू विचार करने का है कि इसमें इस्तेमाल फैब्रिक के प्रकार की जांच की जाए. पर्यावरण की स्थिति और लंबे समय तक उपयोग से फैब्रिक बहुत पहनने और आंसू से गुजरता है. इससे मास्क के फैब्रिक की गुणवत्ता ज्यादा घटिया हो जाती है. ऐसे में स्वाभाविक है कि ज्यादा इस्तेमाल से इसका प्रभाव कम होगा. अधिक फैंसी और चलन में कपड़े के मास्क का इस्तेमाल करते वक्त भी ध्यान रखना चाहिए. विशेषज्ञों के मुताबिक फैब्रिक की खराब गुणवत्ता भी मास्क को प्रभावित करती है. एक अच्छा मास्क चेहरा ढंकने के उद्देश्य को हासिल करनेवाला होना चाहिए. कीटाणुओं को दाखिल होने के लिए उसमें कोई सुराख या छेद न हो और पूरी तरह आपके मुंह और नाक को ढंक सके.

दोबारा इस्तेमाल योग्य मास्क की अच्छी गुणवत्ता जरूरी

डिस्पोजेबल मास्क का इस्तेमाल कभी नहीं देर तक करना चाहिए. दोबारा इस्तेमाल योग्य मास्क की भी एक्सपायरी डेट हो सकती है. इसको बदलने या एक नया मास्क लाने का सबसे बेहतर समय कई बातों पर निर्भर करता है. ज्यादा यात्रा करनेवाले या नियमित तौर पर लोगों से घुलने-मिलने वाले या मेडिकल समुदाय को बार-बार मास्क बदलने की जरूरत होगी.

दोबारा इस्तेमाल के योग्य मास्क को कब बदलना चाहिए?

आपकी स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक अच्छा उपाय अपने पास कई मास्क का रखना है. कुछ संकेत आपको समझने में मदद कर सकते हैं कि बेहतर और सुरक्षित समय कब होगा जिससे आप दोबारा इस्तेमाल योग्य मास्क को हटाकर नया ला सकें. अगर फैब्रिक बार-बार धोने के बाद छिद्रदार, हल्का और पतला हो जाए, अगर आपको किसी तरह का छेद या मास्क पर फटन दिखाई दे. इसलिए, जैसे ही कमी नजर आए फौरन मास्क को बदल दें चाहे सुराख कितना छोटा या बड़ा क्यों न हो. अगर आप सुरक्षित होना चाहते हैं और संदेह भी है कि मास्क से आपको किसी तरह की असुविधा हो सकती है, तो उसे बदलकर नया मास्क लाएं.

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