अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर नेतन्याहू संग क्या हुई PM मोदी की बात? abp न्यूज़ के सवाल पर MEA का जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे का आज दूसरा दिन था. दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौते हुए. पश्चिमी एशिया में जारी तनाव पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. जिसकी जानकारी विदेश सचिव ने दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का आज (26 फरवरी) को दूसरा दिन है. पीएम मोदी ने गुरुवार यानी आज इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. दोनों देशों के बीच आतंकवाद से लेकर रक्षा, एआई और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में कई बड़े समझौते हुए हैं. इसके अलावा दोनों देशों के बीच पश्चिमी एशिया में जारी तनाव को लेकर भी बातचीत हुई है. जिसकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी.
पश्चिमी एशिया में तनाव को लेकर ABP न्यूज ने किया सवाल
ABP न्यूज़ ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी से सवाल किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर क्या भारत और इजरायली के प्रधानमंत्री के बीच कोई बातचीत हुई है? अगर हुई है तो क्या बातचीत हुई? इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जवाब दिया.
क्या बोले विदेश सचिव विक्रम मिसरी?
उन्होंने कहा, 'अभी हम एक तनावपूर्ण स्थिति देख रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच में. जिसका असर इस क्षेत्र पर भी पड़ सकता है. दोनों प्रधानमंत्री के बीच इस मामले पर बातचीत हुई. पीएम ने भारत का पक्ष रखा है कि भारत का मत है कि इस क्षेत्र में जो स्थितियां हैं, इन सब का हल बातचीत से और शांतिपूर्ण तरीक़े से समाधान होना चाहिए. इसमें भारत की ओर से जो सहायता की ज़रूरत होगी, तो भारत शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार है.'
'PM का दौरा दोनों देशों के संबंधों में मील का पत्थर'
विदेश सचिव ने कहा, पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू के न्योता देने पर इजरायल का दौरा किया था. यह किसी प्रधानमंत्री का इजरायल का दूसरा दौरा है. इससे पहले वह करीब 9 साल पहले इजरायल आए थे. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत और इजरायल के संबंधों में मील का पत्थर है. यह पिछले एक दशक में हुई प्रगति को दर्शाता है और इस महत्वपूर्ण साझेदारी के अगले चरण की नींव रखता है.
कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच बनी सहमति
उन्होंने कहा, भारत-इजरायल के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार (इनोवेशन), अनुसंधान (रिसर्च), साइबर सुरक्षा, कृषि, जल, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था के अलावा जन-समुदाय के बीच आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी.
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