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एक दौर में अपमान की तरह क्यों माना जाता था प्राइम मिनिस्टर का शब्द?

18वीं और 19वीं सदी में जब ब्रिटेन में आम चुनाव होते और कोई नेता भाषण देने के लिए स्टेज पर चढ़ता तो विरोधी लोग उस पर मरी हुई बिल्ली फेंक कर अपना विरोध दर्ज कराते थे.

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रधानमंत्री का पद बेहद गरिमापूर्ण है. यहां प्रधानमंत्री केंद्र सरकार का मुखिया और चेहरा होता है. दुनिया के दूसरे देशों में भी प्रधानमंत्री का पद मंत्री परिषद में सबसे ऊपर होता है.

यहां तक कि राजा महाराजाओं के दरबार में भी प्रधानमंत्री का पद राजा के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली पद था. लेकिन क्या आपको पता है कि इतिहास में कभी प्रधानमंत्री शब्द अपमान का प्रतीक था. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से समझाते हैं.

अपमान से जुड़ा शब्द 'प्रधानमंत्री'

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये बात 1700 के आसपास की है. उन दिनों ब्रिटिश दरबार में अगर किसी के लिए प्रधानमंत्री शब्द का प्रयोग होता था तो उसे राजा का चमचा समझा जाता था. यानी अगर किसी को राजा का चमचा कहना होता था तो लोग उसे प्राइम मिनिस्टर कह कर संबोधित करते थे. हालांकि, बाद में यह शब्द मंत्रालयों में सबसे ताकतवर पद बन कर उभरा और आज कई लोकतांत्रिक देशों में इस पद पर बैठा इंसान पूरी सरकार चला रहा है.

मरी हुई बिल्ली का फेंका जाना

18वीं और 19वीं सदी में जब ब्रिटेन में आम चुनाव होते और कोई नेता भाषण देने के लिए स्टेज पर चढ़ता तो विरोधी लोग उस पर मरी हुई बिल्ली फेंक कर अपना विरोध दर्ज कराते थे. सबसे बड़ी बात कि उन दिनों कोई माइक और स्पीकर नहीं हुआ करता था. चुनाव में खड़ा नेता चिल्ला चिल्ला कर स्पीच देता और जनता को बांधने की कोशिश करता.

ब्रिटेन का पहला प्रधानमंत्री

ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री रॉबर्ट वालपोल थे. रॉबर्ट वालपोल का जन्म 26 अगस्त 1676 में हुआ था. रॉबर्ट का परिवार एक धनी जमींदार परिवार था. उनके पिता सांसद थे. रॉबर्ट भी पिता की राह पर चले और 1701 में नॉरफ़ॉक में कैसल राइजिंग के लिए संसद सदस्य बने. इसके बाद वह एडमिरल्टी बोर्ड के सदस्य और युद्ध सचिव बने. वहीं 1709 में उन्हें ब्रिटिश नौसेना का कोषाध्यक्ष बनाया गया.

लेकिन जब 1710 में टोरीज सत्ता में आया तो उसने रॉबर्ट वालपोल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और 1712 में उन्हें जेल में डाल दिया. लेकिन जब 1714 में जॉर्ज फर्स्ट सिंहासन पर बैठे तो उन्होंने टोरीज की जगह रॉबर्ट को आगे बढ़ाया और बाद में साल 1721 में वह ब्रिटेन के पीएम बने. इसके बाद लगभग 20 वर्षों तक इस पद पर बने रहे. रॉबर्ट वालपोल के बारे में कहा जाता है कि वह ब्रिटिश काल में सबसे लंबे समय तक पीएम पद पर बने रहने वाले शख्स थे.

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