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काले रंग से क्यों रंगा गया था बंगाल का ताजमहल, जानें सेकेंड वर्ल्ड वॉर में बमबारी से कैसे बचा विक्टोरिया मेमोरियल?

ब्रिटिशर्स ने भारत में राज करने के दौरान बंगाल में शानदार विक्टोरिया मेमोरियल बनवाया. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में इसे काले रंग से रंगा गया था. तो आइए जानते हैं इस बारे में.

ब्रिटिशर्स ने भारत में राज करने के दौरान कई शानदार इमारतें बनवाई. इन्हीं इमारतों की सूची में आती है बंगाल की बेहतरीन इमारत विक्टोरिया मेमोरियल. रानी विक्टोरिया की याद में बनवाया गई ये इमारत एक समय पर प्रेजिडेंसी जेल के तौर पर प्रसिद्ध थी. 184 फीट ऊंची इस इममारत को मकराना मार्बल से बनवाया गया था. ताजमहल सी हू-ब-हू बनी इस इमारत को बंगाल के ताजमहल के नाम से भी जाना गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान इस सफेद इमारत को काले रंग से क्यों रंगा गया था. आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.

कलकत्ता कैसे हुआ सेकेंड वर्ल्ड वॉर में शामिल?

दरअसल, 1943 में सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान एलीड गुट में शामिल ब्रिटेन की कॉलोनी होने के कारण भारत को इस युद्ध का हिस्सा बनना पड़ा. एक्सिस गुट की सैन्य तैयारी का केंद्र होने के कारण जापान ने भारत के कलकत्ता शहर पर जमकर बमबारी करी.  ये सभी हमले अक्सर रात के समय किए जाते थे, ताकि ब्रिटिश सेना इससे बचाव न कर सके. 

कलकत्ता में क्यों हुआ ब्लैकआउट?

जापान द्वारा लगातार किए जाने वाले हमलों से परेशान अंग्रेजो को इसका कोई तोड़ नहीं मिल रहा था. साथ ही इन हमलों से शहर में कई जरूरी इमारतें और इंफ्रास्ट्रकचर भी तहस-नहस हो गया. बमबारी से परेशान लोगों ने अपने घरों, गाड़ियों और स्ट्रीट लाइट को काले रंग से कवर करना शुरु कर दिया.लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी ये था कि कलकत्ता की शान कहे जाने वाले विक्टोरिया मेमोरियल को कैसे बचाया जाए.

विक्टोरिया ममोरियल को कैसे बचाया गया?

जापान की वायुसेना के खतरनाक हमलों से मची तबाही को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला किया. वास्तुकला के इस अनमोल रत्न को बचाने के लिए इसे काले रंग से रंग दिया गया, जिससे जापानी सेना रात के समय इसे देख न सके और ये बच जाए. आखिरकार, विक्टोरिया ममोरियल को जापानी सेना के आक्रमण से छुपाने की ये तरकीब काम आ गई.

विक्टोरिया ममोरियल को कैसे किया गया ब्लैक?

इस सुंदर सफेद इमारत को काला बनाने के लिए पक्के रंग के बजाए मिट्टी और गोबर के मिश्रण की मदद से काले रंग में रंगा गया.साथ ही ब्रिटिश सरकार ने अपने इस सीक्रेट प्लान को किसी भी कीमत पर लीक होने से बचाने के लिए एहतियात के तौर पर शहर के जरूरी जगहों के आसपास फोटोग्राफी पर पूरी तरह रोक लगा दी और इस तरह भारत में मौजूद ब्रिटिश राज द्वारा बनवाए गए विक्टोरिया मेमोरियल को बचाया गया.

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