एक्सप्लोरर

सोना कैरेट में तो चांदी किलो में क्यों मापी जाती है, जान लीजिए कारण?

चांदी की शुद्धता आमतौर पर प्रतिशत में बताई जाती है जैसे  999 या 92.5. वहीं भारत में इसे पारंपरिक तौर पर टंच कहा जाता है. 99.9 टंच यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी.

सोना और चांदी दोनों ही कीमती धातुएं है, लेकिन इनकी माप और शुद्धता बताने के तरीके अलग-अलग है. अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि सोने की शुद्धता कैरेट में क्यों मापी जाती है, जबकि चांदी कभी टंच, कभी फाइननेस और बड़े निवेश के रूप में किलों में क्यों बेची जाती है. दरअसल इसके पीछे इतिहास, व्यापार की परंपरा और इंटरनेशनल मानकों की अलग-अलग भूमिका रही है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि सोना कैरेट में तो चांदी किलो में क्यों मापी जाती है और इसके पीछे का कारण क्या है. 

सोने में कैरेट सिस्टम क्यों?

सोने की शुद्धता को 24 भागों के पैमाने पर मापा जाता है. 24 कैरेट सोना लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है. लेकिन शुद्ध सोना बहुत नरम होता है, इसलिए आभूषण बनाने के लिए इसमें तांबा, चांदी या जस्ता जैसी अन्य धातुएं मिलाई जाती है. इसी वजह से कैरेट प्रणाली बताती है कि कुल 24 भागों में से कितने भाग शुद्ध सोने के हैं. 22 कैरेट सोने में करीब 91.67 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है. 18 कैरेट में 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है. वहीं कैरेट सिस्टम इंटरनेशनल स्तर पर स्वीकृत है और ज्वेलरी इंडस्ट्री में मिश्र धातु का अनुपात स्पष्ट करने के लिए उपयोगी माना जाता है.

चांदी में टच और फाइननेस क्यों? 

चांदी की शुद्धता आमतौर पर प्रतिशत में बताई जाती है जैसे  999 या 92.5. वहीं भारत में इसे पारंपरिक तौर पर टंच कहा जाता है. 99.9 टंच यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी. वहीं  92.5 टंच यानी 92.5 प्रतिशत शुद्ध चांदी होती है. वहीं चांदी सोने की तुलना में ज्यादा कठोर और स्थिर होती है. इसलिए इसकी शुद्धता सीधे प्रतिशत में बताना आसान माना जाता है. वहीं ज्वेलरी, बर्तन, सिक्के और औद्योगिक उपयोग में भी यही प्रणाली ज्यादा प्रचलित रही है. आधुनिक समय में बीआईएस जैसे मानक संस्थाओं के तहत 999, 925 जैसी फाइननेस मार्किंग इस्तेमाल की जाती है. 

चांदी किलो में क्यों बिकती है?

निवेश के रूप में चांदी अक्सर बार यानी सिल्लियों में खरीदी जाती है और यहां वजन का महत्व ज्यादा होता है. दुनिया के कई बड़े बाजारों में चांदी किलो या ट्रॉय औंस में ट्रेड होती है. एशियाई बाजारों में किलो यूनिट ज्यादा पॉपुलर है, जबकि पश्चिम में देश में ट्रॉय औंस का चलन मजबूत है. इंटरनेशनल लेवल पर London Bullion Market Association की ओर से मान्यता प्राप्त लंदन गुड डिलीवरी सिल्वर बार 1000 ट्रॉय औंस का होता है और इसकी शुद्धता 999.9 मानी जाती है. यही बार वैश्विक स्पॉट प्राइस तय करने में अहम भूमिका निभाता है.

ये भी पढ़ें-सर्कल रेट के हिसाब से दिल्ली का कौन-सा इलाका सबसे महंगा? जानें टॉप-5 महंगे एरिया के नाम

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

शिया मुस्लिम और सुन्नी मुस्लिम में क्या अंतर, दोनों एक-दूसरे को क्यों मानते हैं दुश्मन?
शिया मुस्लिम और सुन्नी मुस्लिम में क्या अंतर, दोनों एक-दूसरे को क्यों मानते हैं दुश्मन?
Earthquake In Iran: परमाणु परीक्षण करने पर कितनी तीव्रता का आता है भूकंप, कितना खतरनाक होता है यह?
परमाणु परीक्षण करने पर कितनी तीव्रता का आता है भूकंप, कितना खतरनाक होता है यह?
इन भारतीय अमीरों ने अमेरिका में ले रखा है खुद का घर, देख लें लिस्ट
इन भारतीय अमीरों ने अमेरिका में ले रखा है खुद का घर, देख लें लिस्ट
King Insult Law: इस देश में किंग को बुरा कहना गैरकानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
इस देश में किंग को बुरा कहना गैरकानूनी, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बीजेपी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें और कौन-कौन शामिल
BJP ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें लिस्ट
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
Embed widget