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US bases Around Iran: ईरान के आसपास कितने अमेरिकी बेस, जानें कहां सबसे मजबूत है ट्रंप की सेना?

US bases Around Iran: ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया है कि यूनाइटेड स्टेट्स से जुड़े 14 बेस को निशाना बनाया गया है. आइए जानते हैं कि ईरान के आसपास अमेरिका के कितने मिलिट्री बेस हैं.

US bases Around Iran: ईरान के इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने यह दावा किया है कि इजरायली और अमेरिकी हमले के बाद यूनाइटेड स्टेट से जुड़े 14 बेस को निशाना बनाया गया है. इन बढ़ते तनावों के बीच लोगों का ध्यान ईरान के आसपास यूएस मिलट्री बेस के बड़े नेटवर्क और उन जगहों पर गया है जहां डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन में अमेरिका की मिलिट्री मौजूद की सबसे मजबूत है. आइए जानते हैं ईरान के आसपास कितने अमेरिकी बेस हैं और कहां पर ट्रंप की सेना सबसे ज्यादा मजबूत है.

कितने बेस ईरान के आसपास? 

यूनाइटेड स्टेट्स दुनिया के सबसे ताकतवर विदेशी मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक रखता है. इसके लगभग 19 से 20 बेस मिडिल ईस्ट में स्ट्रैटेजिक रूप से मौजूद हैं. यह देश ईरान के चारों तरफ एक सिक्योरिटी रिंग बनाते हैं. इस वजह से लड़ाई की स्थिति में एयर, नेवल और ग्राउंड फोर्स को तेजी से तैनात किया जा सकता है.

मिडिल ईस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री मौजूदगी बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात, इराक और जॉर्डन जैसे खास सहयोगी देशों में फैली हुई है. कुल इंस्टॉलेशन में से लगभग 8 को परमानेंट या लॉन्ग टर्म ऑपरेशनल बेस माना जाता है. ये बेस कई तरह के काम करते हैं. इनमें एयर कॉम्बैट मिशन, नेवल सर्विलांस, मिसाइल डिफेंस, ट्रूप डेप्लॉयमेंट और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट शामिल है.

कतर में अल उदीद एयर बेस

कतर में अल उदीद एयर बेस मिडल ईस्ट में सबसे बड़ा और सबसे जरूरी यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री बेस है. इसमें लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक हैं और यह पूरे इलाके में और ऑपरेशन के लिए सेंट्रल कमांड हब के तौर पर काम करता है. इस बेस के जरिए एडवांस्ड फाइटर जेट, बॉम्बर, सर्विलांस एयरक्राफ्ट और एरियल रिफ्यूलिंग मिशन को सपोर्ट मिलता है. इसमें यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड का फॉरवर्ड हेडक्वार्टर भी है. 

बहरीन में यूएस नेवी के पांचवें फ्लैट का हेड क्वार्टर 

नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन एक और जरूरी यूएस बेस है. यह यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के पांचवें फ्लैट के हेड क्वार्टर के तौर पर काम करता है. यह फ्लीट फारस की खाड़ी, अरब सागर और लाल सागर में नेवल ऑपरेशन को कंट्रोल करता है.

अमेरिका की सबसे बड़ी ग्राउंड फोर्स तैनाती 

कुवैत में मिडिल ईस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स ग्राउंड फोर्स का सबसे बड़ा जमावड़ा है. इसमें कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस पर लगभग 13,500 सैनिक तैनात हैं. ये बेस ग्राउंड ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स के लिए खास स्टेजिंग एरिया के तौर पर काम करते हैं.

मिसाइल और एयर डिफेंस की मजबूती 

सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस मिसाइल डिफेंस और हवाई ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभाता है. इसमें एडवांस्ड पैट्रियट और THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इन्हें दुश्मन की मिसाइल को रोकने और सहयोगी देशों की रक्षा करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसी के साथ संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा एयर बेस एडवांस्ड एयरक्राफ्ट को सपोर्ट करता है. इसमें स्टील्थ फाइटर, सर्विलांस ड्रोन और इंटेलिजेंस प्लेटफार्म शामिल हैं. 

कैसे बढ़ी मिलिट्री ताकत?

इस तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी मिलिट्री तैनाती में काफी बढ़ोतरी की है. USS अब्राहम लिंकन और USS गोराल्ड आर फोर्ड जैसे एयरक्राफ्ट करियर को अरब सागर और आसपास के पानी में तैनात कर दिया गया है. इसके अलावा एडवांस्ड F-22 रैपटर स्टीलृथ फाइटर जेट को खास एयर बेस पर तैनात किया गया है और 150 से ज्यादा मिलिट्री कार्गो एयरक्राफ्ट ने इस इलाके में हथियार, सैनिक और सामान पहुंचाएं हैं.

यह भी पढ़ें: कैसे चुना जाता है ईरान का सुप्रीम लीडर, खामेनेई की मौत के बाद हुआ नाम का ऐलान?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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