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Best Air Defence System: दुनिया का सबसे मजबूत एयर डिफेंस किसके पास, ईरान-इजरायल जंग में फिर उठा सवाल?

Best Air Defence System: ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष के बीच एयर डिफेंस सिस्टम पर बहस हो रही है. तकनीकी और मल्टी-लेयर सुरक्षा के मामले में किस देश का एयर डिफेंस सिस्टम ज्यादा मजबूत माना जाता है.

Best Air Defence System: मिडिल ईस्ट में इस वक्त पूरी तरह से जंग के हालात हैं. बीते दिन से अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ तरीके से बारूद की बौछार कर रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लगातार बवाल बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में इजराइल ने ईरान पर करीब 1200 मिसाइलें दाग दी हैं, वहीं ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लगातार निशाना बनाया है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते हमलों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम पर बहस तेज हो गई है. ऐसे हालात में सवाल है कि किस देश के पास ज्यादा मजबूत हवाई रक्षा कवच है. आइए जानें.

एयर डिफेंस सिस्टम क्या होता है?

सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि एयर डिफेंस सिस्टम आखिर क्या होता है. दरअसल एयर डिफेंस सिस्टम यानी वायु रक्षा प्रणाली वह ढांचा है जो दुश्मन के मिसाइल, ड्रोन, फाइटर जेट और रॉकेट को हवा में ही रोकने या मारने के लिए बनाया जाता है. इसमें रडार, सेंसर, कमांड कंट्रोल सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइल शामिल होते हैं. 

इसके जरिए रडार पहले लक्ष्य का पता लगाता है और कंट्रोल सिस्टम तय करता है कि खतरा कितना बड़ा है. फिर इंटरसेप्टर मिसाइल दागकर उसे हवा में नष्ट किया जाता है. आधुनिक युद्ध में पहला हमला अक्सर आसमान से होता है, इसलिए एयर डिफेंस किसी भी देश की सुरक्षा की पहली ढाल बन चुका है. 

रक्षा बजट और संसाधन

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे International Institute for Strategic Studies और Stockholm International Peace Research Institute की रिपोर्टों के मुताबिक- इजरायल का रक्षा बजट लगभग 19 अरब डॉलर बताया जाता है. ईरान का रक्षा बजट लगभग 7 से 8 अरब डॉलर के बीच आंका जाता है. बजट के लिहाज से इजरायल तकनीक और अपग्रेड पर ज्यादा खर्च करता है. ईरान की आबादी ज्यादा है, जिससे लंबे युद्ध में मानव संसाधन की बढ़त मिल सकती है. 

इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम

इजरायल के पास दुनिया की सबसे चर्चित मल्टी-लेयर डिफेंस प्रणाली है.

1. आयरन डोम

इजराइल का आयरन डोम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है. यह छोटे रॉकेट और शॉर्ट रेंज मिसाइल को रोकने के लिए बनाया गया है. इसकी सफलता दर 90 प्रतिशत से ज्यादा बताई जाती है. 

2. David's Sling

यह मध्यम दूरी की मिसाइल और क्रूज मिसाइल रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

3. Arrow-3

यह लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को अंतरिक्ष के पास जाकर नष्ट करने की क्षमता रखता है.

4. Iron Beam

यह लेजर आधारित सिस्टम है, जिसे 2025-26 में तैनात करने की जानकारी सामने आई थी. इसकी खासियत कम लागत और तेज प्रतिक्रिया है. इजरायल की यह मल्टी-लेयर प्रणाली छोटी से लेकर लंबी दूरी तक अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा देती है.

ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम

ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपने घरेलू रक्षा सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया है.

1. S-300 PMU2

ईरान के पास यह रूस से खरीदा गया लंबी दूरी का सिस्टम है. इसे ईरान की रणनीतिक ढाल माना जाता था. हालांकि अक्टूबर 2024 में इजराइल के हवाई हमलों में इसे भारी नुकसान हुआ था, जिसके बाद तेहरान ने घरेलू विकल्पों पर ध्यान दिया. 

2. Bavar-373

यह ईरान का घरेलू लंबी दूरी का सिस्टम है. इसमें सैय्यद-4B मिसाइल का उपयोग बताया गया है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 300 किलोमीटर तक कही जाती है. 

3. खोरदाद-15

यह मीडियम रेंज मोबाइल सिस्टम है. रिपोर्टों के अनुसार यह 85 किलोमीटर दूर तक स्टील्थ जेट का पता लगाने में सक्षम बताया जाता है.

4. सेवोम खोरदाद

सेवोम खोरदाद 105 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम बताया जाता है. 2019 में अमेरिकी ड्रोन गिराने के बाद यह चर्चा में आया था. ईरान का दावा है कि उसके सिस्टम पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को भी निशाना बना सकते हैं, लेकिन स्वतंत्र विश्लेषकों के मुताबिक इजरायल की तकनीक ज्यादा उन्नत मानी जाती है. 

दोनों देशों की वायुसेना की ताकत

इजरायल के पास लगभग 600 से ज्यादा विमान बताए जाते हैं. इनमें F-35I Adir, F-16I और F-15I जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं. F-35 स्टील्थ तकनीक वाला विमान है.

वहीं ईरान के पास भी 500 से ज्यादा विमान हैं, लेकिन उनमें कई पुराने मॉडल जैसे F-4, F-5 और F-14 शामिल हैं. ईरान रूस से Su-35 खरीदने की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन पूरी तैनाती की पुष्टि नहीं है. हालांकि तकनीकी बढ़त के मामले में इजरायल को आगे माना जाता है. 

किसके पास सबसे मजबूत एयर डिफेंस?

तकनीक, मल्टी-लेयर सुरक्षा और सफलता दर के आधार पर इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम ज्यादा उन्नत माना जाता है. खासकर आयरन डोम और एरो-3 सिस्टम ने कई हमलों को रोकने में भूमिका निभाई है. 

वहीं ईरान के पास मिसाइलों और ड्रोन की संख्या तो अधिक बताई जाती है, लेकिन उसकी एयर डिफेंस तकनीक को विशेषज्ञ इजरायल से एक स्तर नीचे मानते हैं.

यह भी पढ़ें: Khamenei Net Worth: कितने अमीर थे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, जानें कहां से होती थी कमाई?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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