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Khamenei Net Worth: कितने अमीर थे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई, जानें कहां से होती थी कमाई?

Ayatollah Khamenei Net Worth: अमेरिका और इजराइल के भीषण हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. उनके परिवार के भी कई लोगों की मौत की खबरें हैं. आइए जानें कि खामेनेई की संपत्ति कितनी है.

Khamenei Net Worth: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई है. खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और करीब 36-37 वर्षों तक देश की सबसे शक्तिशाली कुर्सी पर रहे. वे खुद को सादगी से जीने वाला धार्मिक नेता बताते थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय जांच रिपोर्टों में उनके नियंत्रण वाले वित्तीय नेटवर्क को लेकर बड़े दावे किए गए हैं.

खामेनेई के पास कितनी संपत्ति?

2013 में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया था कि खामेनेई लगभग 95 बिलियन डॉलर की संपत्तियों को नियंत्रित करते हैं. भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास बैठती है, हालांकि यह विनिमय दर पर निर्भर करती है. रिपोर्ट में कहा गया कि यह संपत्ति सीधे उनके निजी बैंक खाते में नहीं थी, बल्कि एक बड़े संगठन के जरिए नियंत्रित की जाती थी. 

कहां से होती थी खामेनेई की कमाई? 

खामेनेई की संपत्ति का मुख्य स्रोत ‘सेताद’ या Setad Ejraiye Emam बताया जाता है. यह संगठन 1979 की ईरानी क्रांति के बाद बना था. उस समय कई लोगों और परिवारों की संपत्तियां जब्त की गईं. इन जब्त संपत्तियों को एक ढांचे में लाकर प्रबंधन के लिए यह संस्था बनाई गई. सेताद के पास रियल एस्टेट, कंपनियों के शेयर, तेल और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, बैंकिंग और अन्य कारोबार से जुड़ी हिस्सेदारी बताई गईं हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, यह संगठन ईरान की संसद या सार्वजनिक निगरानी एजेंसियों के प्रति जवाबदेह नहीं था. इसका संचालन सीधे सुप्रीम लीडर के दफ्तर के तहत माना जाता था. 

हालिया रिपोर्टों में कितनी संपत्ति का दावा?

कुछ हालिया रिपोर्टों (2025-2026) में यह दावा किया गया कि खामेनेई के नियंत्रण वाली संपत्ति 95 बिलियन डॉलर से बढ़कर 200 बिलियन डॉलर के आसपास पहुंच सकती है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह अनुमान किन संपत्तियों और निवेशों को जोड़कर लगाया गया है. जरूरी बात यह है कि यह रकम नकद संपत्ति नहीं मानी जाती, बल्कि कंपनियों, जमीन, शेयर और विभिन्न सेक्टरों में हिस्सेदारी के रूप में बताई जाती है.

किन-किन सेक्टरों में बताई जाती है हिस्सेदारी?

रिपोर्टों के अनुसार, सेताद की हिस्सेदारी ईरान के कई प्रमुख क्षेत्रों में बताई गई है. इनमें तेल और ऊर्जा, दूरसंचार, बैंकिंग, कृषि, उद्योग और रियल एस्टेट शामिल हैं. तेल और गैस ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. अगर इन क्षेत्रों में किसी संगठन की बड़ी हिस्सेदारी हो, तो उसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. इसी वजह से खामेनेई के नियंत्रण वाले वित्तीय ढांचे को प्रभावशाली माना जाता था.

क्या खामेनेई विलासी जीवन जीते थे?

विदेशी विश्लेषकों का कहना है कि खामेनेई व्यक्तिगत तौर पर बहुत सादगी दिखाते थे. सार्वजनिक जीवन में वे साधारण घर और सीमित निजी संपत्ति की बात करते थे. उनके समर्थक भी यही कहते रहे कि वे निजी संपत्ति नहीं रखते हैं. लेकिन आलोचकों का तर्क था कि भले ही संपत्ति उनके नाम पर न हो, पर नियंत्रण उनके दफ्तर और उनके आदेश के तहत था. इस अंतर को समझना जरूरी है. नियंत्रण और निजी स्वामित्व दो अलग बातें हैं. 

क्या यह संपत्ति पूरी तरह निजी थी?

रिपोर्टों के मुताबिक, सेताद को एक अर्ध-सरकारी ढांचे के रूप में देखा जाता था. यह सीधे ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता था, लेकिन इसकी गतिविधियों पर सार्वजनिक पारदर्शिता सीमित रही है. ईरान की व्यवस्था में सुप्रीम लीडर के दफ्तर की वित्तीय जानकारी को सार्वजनिक रूप से विस्तार से साझा नहीं की जाती है. इसी कारण खामेनेई की कुल संपत्ति को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आते रहे. 

यह भी पढ़ें: Iran New Supreme Leader: खामेनेई की मौत के बाद कौन संभाल रहा ईरान के सुप्रीम लीडर का पद, किसके पास चली जाती है यह जिम्मेदारी?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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