स्पेस में मीठा खाना भी क्यों लगता है नमकीन, वजह जानकर पकड़ लेंगे सिर
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहने वाले कई एस्ट्रोनॉट्स बता चुके हैं कि उन्हें तीखा और तेज स्वाद वाला खाना ज्यादा पसंद आता है. दरअसल उनका कहना है किस स्पेस में खाना बेस्वाद लगता है.

धरती से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खाना सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती भी होता है. दरअसल ऐसा कई बार होता है कि जो खाना धरती पर बहुत टेस्टी लगता है, वहीं खाना स्पेस में पहुंचते ही फीका, कड़वा या अजीब स्वाद देने लगता है. यहां तक की मीठा खाना कई बार नमकीन या बेस्वाद सा भी लगने लगता है. वहीं वैज्ञानिकों ने अब इसके पीछे की बड़ी वजहों को समझना शुरू कर दिया है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि स्पेस में मीठा खाना भी नमकीन क्यों लगने लगता है.
स्पेस में उगाई गई सब्जियों का क्यों बदल जाता है स्वाद
2015 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर Veggie एक्सपेरिमेंट के तहत स्पेस यात्रियों ने लाल लेट्यूस उगाया और उसे खाया था. कई एस्ट्रोनॉट्स ने माना था कि लेट्यूस खाने में अच्छा था लेकिन इसका टेस्ट धरती पर मिलने वाले लेट्यूस से थोड़ा ज्यादा कड़वा लगा था. इसके अलावा नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार स्पेस में पौधे एक खास तरह के तनाव से गुजरते हैं, जिसकी वजह से वह ऐसे केमिकल बनाते हैं, जिसका स्वाद कड़वा होता है. वैज्ञानिकों के अनुसार पौधों पर जब वातावरण का असर पड़ता है, जैसे रोशनी, टेंपरेचर या नमी का संतुलन बिगड़ता है तो वह खुद को बचाने के लिए कुछ प्राकृतिक रसायन बनाते हैं. ऐसे में माइक्रोग्रैविटी पौधों के लिए एक तरह का तनाव बन जाता है, इसी कारण स्पेस में उगाई गई सब्जियों में कड़वे तत्व बढ़ जाते हैं.
क्यों पसंद करते हैं एस्ट्रोनॉट्स तीखा खाना
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहने वाले कई एस्ट्रोनॉट्स बता चुके हैं कि उन्हें तीखा और तेज स्वाद वाला खाना ज्यादा पसंद आता है. दरअसल उनका कहना है किस स्पेस में खाना बेस्वाद लगता है, जबकि मसालेदार और तीखा खाना ज्यादा साफ स्वाद देता है. ऐसे में टेस्ट की कमी को पूरा करने के लिए तीखे और मजबूत फ्लेवर वाले खाने ज्यादा सही माने जाते हैं. इसके अलावा वैज्ञानिकों के अनुसार स्पेस में टेस्ट और खुशबू की कमी की वजह से एस्ट्रोनॉट्स की भूख भी कम हो जाती है. यह समस्या इसलिए गंभीर मानी जाती है, क्योंकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स के डाइट पहले से तय होती है और सही पोषण मिलना उन्हें बहुत जरूरी होता है. ऐसे में अगर भूख कम लगे तो सेहत पर असर पड़ सकता है.
वर्चुअल रियलिटी से मिला जरूरी सबूत
ऑस्ट्रेलिया के रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की एक स्टडी में इस समस्या को समझने की कोशिश की गई. दरअसल यहां वैज्ञानिकों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जैसा माहौल बनाने के लिए वर्चुअल रियलिटी हेडसेट्स का इस्तेमाल किया गया. इस स्टडी में शामिल लोगों को स्पेस स्टेशन जैसे माहौल में अलग-अलग खुशबुओं को सूंघने के लिए कहा गया. इस प्रयोग में पाया गया कि मीठी खुशबू वाले पदार्थ, जैसे वनीला और बादाम की खुशबू, स्पेस जैसे माहौल में ज्यादा तेज महसूस हुई, जबकि नींबू की खुशबू में ज्यादा फर्क नहीं आया. इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि कुछ खास केमिकल्स खाने की खुशबू और स्वाद को बेहतर बना सकते हैं.
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Source: IOCL
























