हाथ-पैर कट जाए तब भी जिंदा रह लेता है इंसान, फिर गला कटते ही क्यों हो जाती है मौत? ये हैं दो कारण
Neck Fact: हाथ या पैर कट जाने पर इंसान जीवित रह सकता है, लेकिन गर्दन कटने पर शरीर में चल रही कुछ बहुत जरूरी शारीरिक क्रियाएं अचानक बंद हो जाती हैं. आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं.

Human Neck Fact: आपने आसपास आपने बहुत से ऐसे लोगों को देखा होगा जिनका एक हाथ या पैर या फिर दोनों हाथ या पैर काम नहीं करते हैं. उनके इन अंगों में किसी तरह की चेतना नहीं होती है. बहुत से लोग ऐसे भी देखें होंगे जिनके हाथ या पैर ही नहीं होते हैं, लेकिन वो तब भी जिंदा रहते हैं और खाते हैं, पीते हैं, सोते हैं, जागते हैं. किसी दुर्घटना में वो लोग अपने हाथ या पैर खो बैठते हैं. लेकिन, तब भी वो जीवित हैं. क्या कभी आपने किसी ऐसे इंसान को देखा है जिसके शरीर पर उसका सर ही न हो और वो जिंदा हो? आपका जवाब होगा नहीं.
अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा बेवकूफी भरा सवाल है? आखिर बिना सर के कोई कैसे जिंदा रह सकता है? जी, आप बिल्कुल सही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों है कि हाथ पैर कटने पर इंसान जिंदा रह सकता है पर गर्दन कटने पर नहीं. आइए आज हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है. इंसान की गर्दन में ऐसा क्या होता है इसके कटते ही उसकी मौत हो जाती है? पढ़िए इस खबर को पूरा...
हाथ-पैर कटने पर क्या होता है ?
पहले समझ लेते हैं कि हाथ या पैर कटने पर मौत क्यों नहीं होती है और अगर होती है तो किस स्थिति में होती है. अगर किसी दुर्घटना या हमले में किसी व्यक्ति का हाथ या पैर कट जाता है तो वहां से बहुत तेजी से खून की धार निकलती है. अगर इस बहते हुए खून को तत्काल रोकने में सफलता मिल जाती है तो उस व्यक्ति की जान बच जाती है. लेकिन, इस स्थिति में खून हद से ज्यादा बह जाता है तो घायल की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो जाती है. समय पर खून के बहना न रोकना इंसान की मृत्यु का कारण भी बन सकता है. शरीर के किसी भी अंग के कटकर अलग हो जाने पर मृत्यु तभी होती है जब बहुत ज्यादा मात्रा में खून बह जाए लेकिन गर्दन के मामले में ऐसा नहीं होता है.
गर्दन कटने पर क्यों होती है मौत?
अगर किसी हादसे या हमले में किसी इंसान की गर्दन कट जाती है तो उस इंसान की तत्काल मृत्यु हो जाती है. कभी-कभी तो गर्दन के पूरा कटने से पहले भी इंसान की मृत्यु हो जाती है. गर्दन कटने के मामले में खून का अत्याधिक बहना भी जरूरी नहीं है. दरअसल, हमारी पूरी बॉडी दिमाग के आदेश पर काम करती है और नाक से खींचे गए ऑक्सीजन को हृदय खून पूरे शरीर में पहुंचाता है और वापस खींचता है. गर्दन कटने पर यह दोनों क्रियाएं बंद हो जाती हैं. अगर इनमें से कोई एक प्रक्रिया भी बंद हो जाती है तो व्यक्ति की तत्काल मृत्यु हो जाती है. जब दिमाग शरीर को आदेश देना या संचालित करना बंद कर देता है तो शरीर काम करना बंद कर देता है. वहीं, दूसरी ओर ऑक्सीजन न मिलने पर दिल धड़कना बंद कर देता है और गर्दन कटने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है.
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Source: IOCL



























