एक्सप्लोरर

पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी को 16 बार क्यों किया था माफ, कौन-सी गलती उन्हें पड़ी भारी?

पृथ्वीराज चौहान की मोहम्मद गोरी पर की गई दया वीरता की मिसाल बनी, लेकिन राजनीति में वही दया घातक साबित हुई. आइए जानें कि पृथ्वीराज चौहान की कौन सी चूक उन पर भारी पड़ी.

इतिहास में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो उस समय सही लगते हैं, लेकिन बाद में पूरे युग की दिशा बदल देते हैं. पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गोरी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ऐसा कहा जाता है कि पृथ्वीराज चौहान ने गोरी को बार-बार जीवनदान दिया, लेकिन यही दया अंत में उनके लिए सबसे बड़ी भूल साबित हुई. सवाल आज भी कायम है कि क्या यह उदारता थी या रणनीतिक चूक?

तराइन की लड़ाइयों से जुड़ी कहानी

12वीं सदी के अंत में उत्तर भारत की राजनीति बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही थी. पृथ्वीराज चौहान अजमेर और दिल्ली के शक्तिशाली शासक थे, जबकि मुहम्मद गोरी पश्चिमोत्तर सीमाओं से बार-बार आक्रमण कर रहा था. 1191 में तराइन की पहली लड़ाई में पृथ्वीराज ने गोरी को करारी शिकस्त दी. इसी युद्ध के बाद गोरी को छोड़ दिए जाने की कहानी सामने आती है, जो आगे चलकर इतिहास और लोककथाओं का हिस्सा बन गई.

राजपूत युद्ध परंपरा और सम्मान का नियम

उस दौर में राजपूत शासकों के लिए युद्ध केवल जीत-हार नहीं, बल्कि मर्यादा और धर्म से जुड़ा मामला था. प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, निहत्थे, घायल या भागते हुए शत्रु पर वार करना अधर्म माना जाता था. लोककथाओं के अनुसार पृथ्वीराज चौहान ने इसी क्षत्रिय परंपरा का पालन करते हुए मुहम्मद गोरी को मारने के बजाय छोड़ दिया.

16 बार माफी की बात कहां से आई?

लोककथाओं और वीरगाथाओं में दावा किया जाता है कि पृथ्वीराज ने गोरी को 16 या 17 बार माफ किया. हालांकि आधुनिक इतिहासकार इस संख्या को प्रतीकात्मक मानते हैं. प्रमाणिक इतिहास मुख्य रूप से दो बड़ी लड़ाइयों 1191 और 1192 का ही उल्लेख करता है. बार-बार माफी की कथा लोगों के बीच नैतिक संदेश और नाटकीय प्रभाव के लिए प्रचलित हुई.

गोरी को कम आंकना पड़ा भारी

इतिहासकारों का मानना है कि पृथ्वीराज की सबसे बड़ी गलती गोरी को स्थायी खतरा न मानना थी. पहली हार के बाद गोरी अफगानिस्तान लौट गया, लेकिन वहां उसने अपनी सेना को फिर से संगठित किया. उसने राजपूत युद्ध पद्धति को समझा और नई रणनीति के साथ वापसी की.

दूसरी लड़ाई और सत्ता का पलटाव

1192 में तराइन की दूसरी लड़ाई में परिस्थितियां बदल चुकी थीं. गोरी ज्यादा संगठित सेना और नई रणनीति के साथ आया. इस बार पृथ्वीराज को हार का सामना करना पड़ा और वे बंदी बना लिए गए. यही वह मोड़ था, जिसे उत्तर भारत के राजनीतिक इतिहास में बड़ा बदलाव माना जाता है.

एक फैसला, दूरगामी असर

पृथ्वीराज चौहान की उदारता आज भी सम्मान के साथ याद की जाती है, लेकिन इतिहास यह भी सिखाता है कि हर युद्ध में दुश्मन की मानसिकता और मंशा को समझना जरूरी होता है. यही चूक उनके राज्य और भविष्य पर भारी पड़ी.

यह भी पढ़ें: Budget 2026: सिर्फ 1991 के बजट को ही क्यों माना जाता है टर्निंग पॉइंट, बाकी बजट में क्यों नहीं हुआ ऐसा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Us Iran Conflict: पीस डील के बाद भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे अमेरिका-ईरान, इसके खिलाफ कहां हो सकती है सुनवाई?
पीस डील के बाद भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे अमेरिका-ईरान, इसके खिलाफ कहां हो सकती है सुनवाई?
Mughal Citizenship: मुगलों के दौर में कैसे मिलती थी नागरिकता, क्या इसके लिए कोई सर्टिफिकेट दिया जाता था?
मुगलों के दौर में कैसे मिलती थी नागरिकता, क्या इसके लिए कोई सर्टिफिकेट दिया जाता था?
Ram Mandir Donation Theft Case: कितनी तरह के होते हैं ट्रस्ट, कैसे काम करता है इनका सिस्टम; क्या है रजिस्ट्रेशन प्रोसेस?
कितनी तरह के होते हैं ट्रस्ट, कैसे काम करता है इनका सिस्टम; क्या है रजिस्ट्रेशन प्रोसेस?
PM Modi Seychelles Visit: कितनी है सेशेल्स की आबादी, जानें यहां कितने हिंदू-कितने मुसलमान?
कितनी है सेशेल्स की आबादी, जानें यहां कितने हिंदू-कितने मुसलमान?

वीडियोज

US Iran War: Hormuz पर ईरान की नई खौफनाक चेतावनी ! | Trump | IRGC | Netanyahu | Latest News
Mann Ki Baat 135th Episode : PM Modi की अपील का देश में दिखा बड़ा असर। War Effect
Sansani | Crime News | Muharram | Poisonous Capsules:मुहर्रम जुलूस में 'जहरीली गोलियां' बांटने की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश!
Ram Mandir Theft | Ayodhya | Champat Rai | Janhit: चंपत राय 'अग्निपरीक्षा' से डर रहे हैं?
Ram Mandir Donation Theft | Sandeep Chaudhary: 'खतरनाक खेल', दान चोरों को बचाया जा रहा है?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी के गुमशुदगी पोस्टर पर कांग्रेस बोली- 'पहले PM को ढूंढो, पेपर लीक और राम मंदिर चंदा पर जवाब दो'
राहुल गांधी के गुमशुदगी पोस्टर पर बोली कांग्रेस- पहले PM को ढूंढो, पेपर लीक और राम मंदिर चंदा पर जवाब दो
'राम लला के दर्शन कर लीजिए सद्बुद्धि आ जाएगी...', सीएम योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर तंज
'राम लला के दर्शन कर लीजिए सद्बुद्धि आ जाएगी...', सीएम योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर तंज
'इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ PM मोदी ने ही...', शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की बातों को किया याद
'इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ PM मोदी ने ही...', शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की बातों को किया याद
KSBKBT 2 Promo: 'क्योंकि सास भी...' में दोहराया गया इतिहास, तुलसी के बाद नंदिनी ने बेटे को उतारा मौत के घाट, बहू की इज्जत की खातिर उठाया हथियार
'क्योंकि सास भी...' में दोहराया गया इतिहास, तुलसी के बाद नंदिनी ने बेटे को उतारा मौत के घाट, बहू की इज्जत की खातिर उठाया हथियार
एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, आंसुओं के साथ ली विदाई
एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, आंसुओं के साथ ली विदाई
'राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत छिपाई', विपक्ष का आरोप, BJP का पलटवार- 'इतिहास याद रखेगा कि...'
राजनाथ सिंह पर ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत छिपाने का आरोप, BJP बोली- 'इतिहास याद रखेगा...'
DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में 71 हजार सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, CUET वाले तुरंत करें अप्लाई
DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में 71 हजार सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, CUET वाले तुरंत करें अप्लाई
Viral Video: 20 लाख की स्कॉर्पियो और ऐसी हरकत, पेट्रोल पंप पर टैंक फुल होते ही भागा कार सवार; वीडियो वायरल 
20 लाख की स्कॉर्पियो और ऐसी हरकत, पेट्रोल पंप पर टैंक फुल होते ही भागा कार सवार; वीडियो वायरल 
Embed widget