Amarnath Yatra 2026: किस मुस्लिम ने की थी बाबा अमरनाथ की खोज, जानें कब शुरू हुई थी पहली यात्रा?
अमरनाथ से जुड़ी कहानियों में कहा जाता है कि एक मुस्लिम गड़रिये बूटा मलिक ने इस पवित्र गुफा को खोजा था. हालांकि इस दावे को लेकर इतिहासकारों और धार्मिक विद्वानों के अलग-अलग मत भी सामने आते रहे हैं.

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा इस साल एक बार फिर सुर्खियों में है. यात्रा की शुरुआत होने की कुछ ही दिनों बाद प्राकृतिक हिमलिंग के पूरी तरह पिघल जाने की खबरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई. बताया जा रहा है कि इस दौरान एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने कर चुके थे. वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता तापमान, जलवायु परिवर्तन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी जैसी परिस्थिति हिमलिंग के जल्दी पिघलने की वजह बन सकती है. वहीं अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसे प्राकृतिक प्रक्रिया बताया. इसी घटना के बीच अमरनाथ गुफा के इतिहास और उसकी खोज को लेकर पुरानी चर्चाएं भी एक बार फिर लोगों के बीच शुरू हो गई है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि किस मुस्लिम ने की थी बाबा अमरनाथ की खोज.
किस मुस्लिम ने की थी बाबा अमरनाथ की खोज?
अमरनाथ से जुड़ी पुरानी कहानियों में कहा जाता है कि करीब 500 साल पहले एक मुस्लिम गड़रिये बूटा मलिक ने इस पवित्र गुफा को खोजा था. हालांकि इस दावे को लेकर इतिहासकारों और धार्मिक विद्वानों के अलग-अलग मत भी सामने आते रहे हैं. वहीं लोक कथाओं के अनुसार पहलगाम क्षेत्र के रहने वाले मुस्लिम चरवाहे बूटा मालिक एक दिन अपनी भेड़- बकरियां चराने निकले थे. रास्ते में उनकी मुलाकात एक साधु से हुई. कहा जाता है कि साधु ने उन्हें एक कांगड़ी दी जो बाद में सोने की बन गई. अगले दिन जब बूटा मलिक दोबारा उस स्थान पर पहुंचे तो वहां उन्हें बर्फ से बना विशाल शिवलिंग दिखाई दिया. इसके बाद उन्होंने दूसरे साधुओं को भी वहां पहुंचाया और धीरे-धीरे स्थान की जानकारी दूर-दूर तक फैल गई. इसी कहानी के आधार पर कई लोग मानते हैं कि अमरनाथ यात्रा की शुरुआत बूटा मलिक की खोज के बाद हुई. वहीं आज भी बटकोट क्षेत्र में रहने वाले बूटा मलिक के वंशजों का नाम अमरनाथ यात्रा के इतिहास से जोड़ा जाता है. लंबे समय तक यात्रा की पारंपरिक व्यवस्था में भी उनके परिवार की बड़ी भूमिका बताई जाती है.
कब शुरू हुई थी पहली अमरनाथ यात्रा?
अमरनाथ यात्रा की कोई निश्चित ऐतिहासिक शुरुआत दर्ज नहीं है. वहीं धार्मिक ग्रंथ और इतिहासकारों के अनुसार यह तीर्थ सदियों पुराना है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अमरनाथ को वहीं स्थान माना गया है, जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था. इसी कारण यह गुफा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिनी जाती है. हर वर्ष हजारों श्रद्धालु समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा तक कठिन पहाड़ी रास्तों से पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं.
सबसे पहले किसने किए थे बाबा बर्फानी के दर्शन?
धार्मिक ग्रंथ भृगु संहिता के अनुसार अमरनाथ गुफा के सबसे पहले दर्शन महर्षि भृगु ने किए थे. पुरानी कथा के अनुसार एक समय पूरी कश्मीर घाटी जलमग्न हो गई थी. तब महर्षि कश्यप ने नदियों और जलधाराओं के माध्यम से पानी को बाहर निकाला. इसके बाद महर्षि भृगु हिमालय में तपस्या के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश करते हुए इस गुफा तक पहुंचे और उन्होंने प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन की. इस वजह से कई धार्मिक मान्यताओं में महर्षि भृगु को अमरनाथ का पहला तीर्थ यात्री माना जाता है.
इस साल कब तक चलेगी यात्रा?
प्राकृतिक हिमलिंग के पिघल जाने के बावजूद अमरनाथ यात्रा निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार जारी है. यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल वैध रजिस्ट्रेशन के साथ यात्रा करने और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है.
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