भारत में किन चीजों पर नहीं लगता जीएसटी, जानें क्यों हैं ये टैक्स फ्री?
GST Exempt Items: भारत में कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर जीएसटी या फिर कोई भी टैक्स नहीं लगता है. आइए जानते हैं कौन सी हैं वे चीजें और क्या है टैक्स न लगने के पीछे की वजह.

- पेट्रोल, डीजल, शराब, बिजली जीएसटी दायरे से बाहर।
GST Exempt Items: भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कई तरह के सामान और सेवाओं पर लागू होता है. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर जीएसटी से छूट प्राप्त है या फिर उन पर 0% टैक्स लगता है. इनमें कई बुनियादी खाद्य उत्पाद, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा से जुड़ी सेवा और पारंपरिक सामान शामिल हैं. ऐसी चीजों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का मुख्य मकसद जरूरी सामान और सेवाओं को सस्ता बनाना है.
बुनियादी खाद्य पदार्थ
कई ताजे और बिना पैकेजिंग वाले खाद्य उत्पाद जीएसटी से छूट प्राप्त हैं. इनमें ताजा दूध, दही, लस्सी और छाछ शामिल हैं जब उन्हें बिना पैकेजिंग या फिर बिना ब्रांड वाले रूप में बेचा जाता है.
खुले अनाज और मुख्य खाद्य पदार्थ जैसे चावल, गेहूं, आटा, बेसन और दालें भी छूट के दायरे में आते हैं. ताजे फल और सब्जियां, जिनमें आलू, प्याज और टमाटर शामिल हैं उन जरूरी खाद्य उत्पादों में से हैं जिन्हें आमतौर पर जीएसटी से बाहर रखा जाता है.
ताज मांस, मछली, अंडे और चिकन भी ताजे और बिना पैकेजिंग वाले रूप में छूट प्राप्त हैं. दूसरे बुनियादी उत्पादों में नमक, खुला प्राकृतिक शहद, ब्रेड, खाखरा, चपाती और रोटी शामिल हैं.

शिक्षा और अध्ययन सामग्री
शिक्षा एक और जरूरी क्षेत्र है जहां पर जीएसटी में छूट दी गई है. योग्य स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवा आमतौर पर जीएसटी से छूट प्राप्त होती है. कई बुनियादी शैक्षिक और स्टेशनरी उत्पाद भी छूट या फिर शून्य दर के दायरे में आते हैं. इनमें बच्चों की नोटबुक, पेंसिल, इरेजर, शार्पनर, ड्राइंग बुक शामिल हैं. प्रिंटेड शैक्षिक और पढ़ने की सामग्री जैसे की किताब, समाचार पत्र, नक्शे, एटलस और ग्लोब को भी लागू जीएसटी दर के तहत टैक्स में राहत मिलती है.
स्वास्थ्य सेवा और दवा
स्वास्थ्य सेवा को एक जरूरी सेवा माना जाता है. यही वजह है कि कई चिकित्सा सेवा जीएसटी से छूट प्राप्त है. डॉक्टर और योग्य स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं द्वारा दी जाने वाली सेवा जिनमें क्लीनिक और अस्पताल की सेवा शामिल है, आमतौर पर छूट प्राप्त होती हैं. एंबुलेंस सेवा भी इसी में शामिल है.
जीएसटी ढांचा कुछ दवा और चिकित्सा उत्पादों के लिए भी राहत देता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 33 से ज्यादा जीवन रक्षक दवाओं के साथ मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर भी काफी टैक्स राहत दी गई है. मानव रक्त, गर्भनिरोधक और सुनने में मदद करने वाले उपकरण जैसी दूसरी चीजें भी लागू छूट के दायरे में आती हैं. हाल ही में हुए जीएसटी बदलावों के तहत लागू नियम और श्रेणी के आधार पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसी पर भी टैक्स में काफी राहत मिली है.
मिट्टी के बर्तन और पारंपरिक उत्पाद
जीएसटी छूट में कई पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से जरूरी उत्पाद भी शामिल हैं. इनमें लागू शर्तों के तहत मिट्टी के बर्तन, दीये, खादी का धागा और खादी का कपड़ा शामिल हैं. पूजा की सामग्री, धार्मिक स्थलों से मिलने वाला प्रसाद और मूर्तियों या फिर प्रतिमाएं जैसी कुछ धार्मिक और पूजा संबंधी वस्तुओं पर भी खास वास्तु और उसकी आपूर्ति के आधार पर जीएसटी से छूट मिल सकती है.
इसी के साथ पेट्रोल, डीजल, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस और साथ ही इंसानों के पीने योग्य शराब और बिजली भी जीएसटी दायरे से बाहर की वस्तुएं हैं. इन उत्पादों पर लागू कानून के तहत दूसरे प्रकार के टैक्स जैसे वैट या फिर एक्साइज ड्यूटी लगते हैं.
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ये चीजें टैक्स-मुक्त क्यों हैं?
इन सभी चीजों पर टैक्स से छूट देने की मुख्य वजह लोगों की खरीदने की क्षमता है. बुनियादी खाद्य उत्पाद, दवा और स्वास्थ्य सेवाएं जरूरत की चीजें हैं. इसी के साथ इन पर टैक्स लगाने से परिवार खासकर काम और मध्यम आय वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है.
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