India Imports: अमेरिका, चीन या फिर जापान... किस देश से सबसे ज्यादा माल खरीदता है भारत, कौन है बड़ा दुकानदार?
भारत में विदेशों से तमाम जरूरत की चीजें आयात की जाती हैं और कई चीजें विदेशों में निर्यात भी की जाती हैं. चलिए आज जानते हैं कि चीन, जापान और अमेरिका में कहां से सबसे ज्यादा आयात किया जाता है.

India Imports: वैश्विक व्यापार के बदलते दौर में भारत दुनियाभर के बाजारों के लिए एक बहुत बड़ा खरीदार बनकर उभरा है. अपनी विशाल घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत हर साल विदेशों से खरबों रुपये का सामान आयात करता है. ऐसे में अक्सर यह सवाल चर्चा में रहता है कि भारत का सबसे बड़ा दुकानदार कौन सा मुल्क है- सुपरपावर अमेरिका, मैन्युफैक्चरिंग हब चीन या फिर तकनीक का उस्ताद जापान? आइए इसका जवाब खोजते हैं.
आयात के मामले में ड्रैगन की बादशाहत कायम
साल 2025-26 के ताजा व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भारतीय आयात बाजार में चीन की तूती बोल रही है. भारत विदेशी सामानों की खरीदारी के मामले में सबसे ज्यादा निर्भर चीन पर है. आंकड़ों के अनुसार, भारत ने चीन से लगभग 131.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 11 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम माल खरीदा है. इस विशाल आंकड़े के साथ चीन भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है, जिसकी बराबरी में फिलहाल तो कोई बड़ा देश दिखाई नहीं देता है.
भारतीय बाजार में अमेरिका और जापान का स्थान
चीन के बाद इस लिस्ट में दूसरा सबसे बड़ा नाम संयुक्त राज्य अमेरिका का आता है, जिससे भारत ने लगभग 52.5 बिलियन डॉलर की खरीदारी की है. वहीं एशिया की प्रमुख आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति जापान इस रेस में तीसरे नंबर पर शामिल है. यहां से भारत ने तकरीबन 21.4 बिलियन डॉलर का सामान अपने देश में मंगाया है. भले ही अमेरिका और जापान के आंकड़े चीन के मुकाबले आधे से भी कम हों, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को चलाने में इन दोनों देशों से होने वाले आयात की बहुत बड़ी और अहम भूमिका है.
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इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल दुनिया में चीन पर निर्भरता
चीन से भारत आने वाले सामानों की लिस्ट देखें तो साफ पता चलता है कि हमारे रोजमर्रा के गैजेट्स और फैक्ट्रियां काफी हद तक चीनी सप्लाई पर टिकी हैं. भारत वहां से मुख्य रूप से एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, टेलीकॉम पार्ट्स, स्मार्टफोन के कलपुर्जे, सेमीकंडक्टर चिप्स, लिथियम-आयन बैटरी और भारी औद्योगिक मशीनरी का आयात करता है. इसके अलावा भारतीय उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी केमिकल, दवा उद्योग के लिए कच्चा माल और प्लास्टिक उत्पादों की एक बहुत बड़ी खेप हर साल चीनी बंदरगाहों के जरिए भारत के बाजारों में पहुंचती है.
अमेरिका से भारत आने वाला कच्चा तेल और कीमती रत्न
भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार का ढांचा चीन से काफी अलग और रणनीतिक है. अमेरिका से भारत मुख्य रूप से अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारी मात्रा में कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद खरीदता है. इसके अलावा भारत के आभूषण उद्योग की रीढ़ माने जाने वाले कच्चे हीरे, कीमती रत्न और सोने-चांदी का आयात भी अमेरिकी बाजारों से बड़े पैमाने पर होता है. स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें तो अत्याधुनिक फार्मास्यूटिकल्स उत्पाद और महंगे चिकित्सा उपकरण भी अमेरिका से ही मंगाए जाते हैं.
जापान से हाई-टेक मशीनरी और स्टील का आयात
जापान हमेशा से अपनी बेहतरीन इंजीनियरिंग और भरोसेमंद तकनीक के लिए जाना जाता है और भारत के आयात में भी यही दिखाई देता है. जापान से भारत मुख्य रूप से अत्याधुनिक औद्योगिक मशीनें, मेट्रो और बुलेट ट्रेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट, हाई क्वालिटी लोहा और स्टील उत्पाद खरीदता है. इसके साथ ही भारतीय ऑटोमोबाइल और टेक इंडस्ट्री के लिए जरूरी प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और केमिकल भी जापानी बाजारों से ही मंगाए जाते हैं, जो भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हैं.

























