Where India Stores Gold: भारत किस बैंक में रखता है अपना सोना, जानिए किस देश में खुला है हमारा गोल्ड अकाउंट?
किसी भी देश की आर्थिक मजबूती में गोल्ड रिजर्व की बड़ी भूमिका होती है. यही वजह है कि दुनिया के सभी केंद्रीय बैंक और अपने पास बड़ी मात्रा में सोना सुरक्षित रखते हैं. भारत भी उन्ही देश में शामिल है.

Where India Stores Gold: पीएम नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक रैली के दौरान देशवासियों से अपील की है. पीएम मोदी ने 1 साल तक गैर जरूरी सोने की खरीदारी टालें, विदेशी यात्रा कम करें और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है. पीएम मोदी ने यह अपील मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच की है. इसके बाद देश में रिजर्व सोने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई है. दरअसल किसी भी देश की आर्थिक मजबूती में गोल्ड रिजर्व यानी स्वर्ण भंडार की बड़ी भूमिका होती है. यही वजह है कि दुनिया के लगभग सभी केंद्रीय बैंक और अपने पास बड़ी मात्रा में सोना सुरक्षित रखते हैं. भारत भी उन्ही देश में शामिल है, जिनके पास मजबूत गोल्ड रिजर्व मौजूद है. भारतीय रिजर्व बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ा रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भारत अपना इतना सोना कहां रखता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत अपना सोना किस बैंक में रखता है और किस देश में हमारा गोल्ड अकाउंट खुला है.
भारत के पास कितना गोल्ड रिजर्व?
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2024 तक भारत के पास कुल 822.10 टन सोना था. पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने लगातार सोने की खरीद बढ़ाई. वित्त वर्ष 2023-24 में ही रिजर्व बैंक के गोल्ड रिजर्व में करीब 27.47 टन की बढ़ोतरी हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई पिछले दो वर्षों में करीब 100 टन से ज्यादा सोना खरीद चुका है. इससे पहले 2022 में भी भारत दुनिया के सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाले केंद्रीय बैंकों में शामिल रहा था. उस दौरान आरबीआई ने अप्रैल से सितंबर 2022 के बीच 132 टन से ज्यादा सोना खरीदा था.
भारत में कितना और विदेश में कितना रखा है सोना?
आरबीआई अपने पूरे गोल्ड रिजर्व को भारत में नहीं रखता है. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश के कुल स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा विदेशों में सुरक्षित रखा गया है. दरअसल भारत का काफी सोना इंग्लैंड की राजधानी लंदन में मौजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा गया है. इसके अलावा कुछ सोना स्विट्जरलैंड स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास भी सुरक्षित है. आंकड़ों के अनुसार लगभग 296 टन सोना भारत में रखा गया है, जबकि 410 टन से ज्यादा सोना विदेशी बैंक विदेशी बैंक में जमा है, जिसमें सबसे ज्यादा सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास रखा गया है. वहीं भारत के अंदर आरबीआई अपना सोना मुख्य रूप से मुंबई के मिंट रोड स्थित रिजर्व बैंक भवन और नागपुर की विशेष तिजोरियों में सुरक्षित रखता है. इन वॉल्टस में सोना ईट के रूप में रखा जाता है. एक गोल्ड बार का वजन करीब 12.5 किलोग्राम होता है.
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विदेश में सोना क्यों रखता है आरबीआई?
आरबीआई विदेश में सोना रखने के पीछे कई बड़े कारण बताता है. सबसे अहम वजह सुरक्षा और वैश्विक वित्तीय जरूरतें हैं. बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी भारत लाना आसान काम नहीं होता. इसके लिए विशेष परिवहन, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की जरूरत पड़ती है, जिस पर भारी खर्च आता है. इसके अलावा अगर किसी आर्थिक संकट के दौरान सोने को गिरवी रखने या अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में इस्तेमाल करने की जरूरत पड़े तो विदेशों में रखा सोना तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस वजह से दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपना गोल्ड रिजर्व लंदन जैसे वित्तीय केंद्रों में रखते हैं. बैंक ऑफ इंग्लैंड लंबे समय से दुनिया के कई देशों के लिए गोल्ड स्टोरेज सेंटर की तरह काम करता रहा है.
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