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दिन में कई बार कॉल और मैसेज, चिकनी-चुपड़ी बातें... लोगों को फंसाने के लिए लव बॉम्बिंग का सहारा ले रही कंपनियां, जानिए ये क्या है

भर्ती करने वाले लोग आशावादी होते हैं. ऐसे में उनका यह व्यवहार अच्छी भावना के कारण भी हो सकता है, लेकिन आजकल कुछ कंपनियां लोगों को नियुक्त करने के लिए लव बॉम्बिंग का तरीका अपना रही हैं.

Love Bombing: आमतौर पर जब व्यक्ति को नौकरी की जरूरत होती है तो वो कंपनियों में अप्लाई करता है. उसके बाद कंपनी का एचआर उस व्यक्ति से संपर्क करता है. दोनों पक्षों की पूरी तरह से संतुष्टि होने पर कंपनी उस व्यक्ति को हायर कर लेती है, लेकिन आजकल कुछ कंपनियां लोगों को फंसाने के लिए लव बॉम्बिंग का सहारा ले रही हैं. कुछ लोग इस जालसाजी को समझ नहीं पाते हैं और जाल में फंस जाने के बाद पछताते हैं. आइए जानते हैं आखिर ये लव बॉम्बिंग क्या है. 

क्या है लव बॉम्बिंग?

लव बॉम्बिंग शब्द को सुनकर ज्यादातर लोगों के दिमाग में कुछ रोमांटिक रिश्तों की तस्वीर बन सकती हैं, लेकिन यह सिर्फ रोमांटिक रिश्तों तक ही सीमित नहीं है. नौकरी के क्षेत्र में कई लोगों को इस तरह के व्यवहार से दो चार होना पड़ता है. कई कंपनियां अपने यहां खाली पदों के लिए कैंडिडेट हायर करने के लिए ऐसा व्यवहार करती हैं. उम्मीदवारों के साथ कंपनियां ऐसा व्यवहार करती हैं, जिसमें पद से जुड़े कामों और जिम्मेदारियों के बारे में सही जानकारी देने की बजाय उसके अनुभव की तारीफ करने और कई तरह के वादे कर, लुभाने पर ज्यादा जोर दिया जाता है.

सिर्फ अच्छा पक्ष दिखाना

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, करियर कोच सैमॉरन सेलिम बताती हैं कि यह बिल्कुल ऐसा होता है, जैसे किसी रोमांटिक रिश्ते की शुरुआती डेट्स में हर कोई अपना बेहतर पक्ष दिखाने की कोशिश करता है. ठीक इसी तरह भर्ती करने वाले भी उम्मीदवारों को अपनी कमियों या कमजोरियों की बजाय मजबूत और सकारात्मक छवि पेश करते हैं, कई बार कंपनियां एचआर पर ऐसा करने के दबाव भी बनाती हैं. कई मामलों में भर्ती करने वाले (एचआर) को भी इस बात का अहसास नहीं होता कि वो लव बॉम्बिंग जैसा व्यवहार कर रहा है.

क्या हो सकते हैं इसके कारण?

भर्ती करने वाले लोग आशावादी होते हैं. ऐसे में उनका यह व्यवहार अच्छी भावना के कारण भी हो सकता है, क्योंकि शायद वे चाहते हैं कि कैंडिडेट को नौकरी मिले और वह उसमें खुश भी रहे. हालांकि, कई बार लव बॉम्बिंग जैसे व्यवहार के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं. जैसे भर्ती करने वाला अपने फायदे के लिए भी उम्मीदवारों से बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बातें कर सकता है. इसका सारा नुकसान उम्मीदवार को उठाना पड़ता है, क्योंकि वह जिन आशाओं के साथ कंपनी में आता उसे वहां वैसा नहीं मिलता है. लव बॉम्बिंग और इससे होने वाले नुकसान से बचने का तरीका यही है कि उम्मीदवार को सावधानी बरतनी चाहिए.

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