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एक बार राष्ट्रपति बनने के बाद ये 6 काम नहीं कर सकते यूएस प्रेसिडेंट, जानकर हैरान हो जाएंगे आप

यूएस प्रेसिडेंट बनने के बाद कई सुविधाएं मिलने के साथ-साथ कई पाबंदियों का सामना भी करना पड़ता है. अमेरिका के राष्ट्रपति को कुछ ऐसे साधारण काम भी करने की अनुमति नहीं होती, जो आम इंसान रोज करता है.

दुनिया में अगर किसी देश का राष्ट्रपति सबसे ताकतवर माना जाता है, तो वो अमेरिका का राष्ट्रपति है. इस पद को न सिर्फ अमेरिका में, बल्कि पूरी दुनिया में बहुत बड़ा और जिम्मेदारी के साथ देखा जाता है. अमेरिका का राष्ट्रपति सिर्फ एक नेता नहीं होता, बल्कि वह अमेरिका की नीतियों, सुरक्षा और वैश्विक निर्णयों का भी एक मेन फेस होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रपति बनने के बाद कई सुविधाएं मिलने के साथ-साथ कई पाबंदियों का सामना भी करना पड़ता है. अमेरिका के राष्ट्रपति को कुछ ऐसे साधारण काम भी करने की अनुमति नहीं होती, जो आम इंसान रोज करता है  तो आइए जानते हैं, वो कौन से 6 हैरान करने वाले काम हैं, जो एक राष्ट्रपति पद पर रहते हुए या रिटायर होने के बाद भी यूएस प्रेसिडेंट नहीं कर सकता है. 

एक बार राष्ट्रपति बनने के बाद ये 6 काम नहीं कर सकते यूएस प्रेसिडेंट

1. खुद से गाड़ी चलाना - अमेरिका का राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति सार्वजनिक सड़कों पर खुद से गाड़ी नहीं चला सकता है. यह नियम सुरक्षा के कारण है. अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूएस सीक्रेट सर्विस की होती है, जो उन्हें किसी भी खतरे से बचाने के लिए कड़े प्रोटोकॉल अपनाती है. राष्ट्रपति को एक विशेष बख्तरबंद कार The Beast में ले जाया जाता है, जिसे सिर्फ प्रशिक्षित एजेंट ही चला सकते हैं. पद से हटने के बाद भी पूर्व राष्ट्रपति को आजीवन सुरक्षा दी जाती है, इसलिए उन्हें भी सड़कों पर ड्राइविंग की अनुमति नहीं होती है. 

2. खिड़की नहीं खोल सकते - यूएस के राष्ट्रपति कार या व्हाइट हाउस की खिड़की भी अपनी मर्जी से नहीं खोल सकते हैं . यह भी सुरक्षा के चलते प्रतिबंधित है. पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार उन्हें कैंप डेविड जाते हुए एक बार खिड़कियां खोलने की इजाजत मिली थी. वहीं अगर इस  नियम को नहीं मानते तो बाहर से कोई हमला आसानी से हो सकता है, स्नाइपर्स और हमलावरों के लिए वह आसान लक्ष्य बन सकते हैं और कोई भी व्यक्ति अचानक राष्ट्रपति के बहुत करीब आ सकता है. 

3. बिना सुरक्षा कहीं नहीं जा सकते - राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति कभी अकेले कहीं नहीं जा सकते हैं. उनके चारों ओर हमेशा सीक्रेट सर्विस एजेंट्स होते है. अगर उन्हें कहीं जाना होता है, तो पूरा सुरक्षा प्लान तैयार किया जाता है , चाहे वो रेस्टोरेंट जाना हो, या किसी समारोह में शामिल होना हो. यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति भी बिना सुरक्षा अनुमति के किसी पब्लिक प्लेस पर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त होती है कि राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति के लिए अपने बच्चों के स्कूल या खेल कार्यक्रम में जाना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वहां हर किसी की जांच करनी होती है.

4. नॉर्मल मोबाइल या गैजेट यूज नहीं कर सकते - राष्ट्रपति के लिए मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसी चीजें भी आम नहीं होतीं हैं. सुरक्षा कारणों से ये नॉर्मल मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का यूज नहीं कर सकते हैं. हालांकि उन्हें एक खास तरह का सुरक्षित डिवाइस दिया जाता है. ट्रंप और बाइडेन जैसे राष्ट्रपति भी सिर्फ सुरक्षित और मॉडिफाइड डिवाइस का ही यूज करते हैं.

5. सोशल मीडिया पर लोगों को ब्लॉक नहीं कर सकते -  सोशल मीडिया नेताओं का बड़ा हथियार बन चुका है. लेकिन राष्ट्रपति अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी को ब्लॉक नहीं कर सकते हैं. 2018 में एक अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया था कि राष्ट्रपति लोगों को सोशल मीडिया पर ब्लॉक नहीं कर सकते, क्योंकि ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है. 

6. कॉमर्शियल फ्लाइट्स या ट्रेनों से यात्रा नहीं कर सकते - यूएस राष्ट्रपति किसी भी आम हवाई जहाज या ट्रेन से यात्रा नहीं कर सकते है. ऐसा सुरक्षा कारणों से होता है, ताकि कोई अप्रत्याशित स्थिति ना आए. राष्ट्रपति की यात्रा पूरी तरह सीक्रेट सर्विस के नियंत्रण में होती है, चाहे वो देश के अंदर हों या विदेश जा रहे हों. 

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मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. फिलहाल वह एबीपी नेटवर्क के टेक सेक्शन में काम कर रही हैं, जहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने के साथ-साथ उनके लिए रिसर्च और कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी संभालती हैं.

पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से इंटर्न के रूप में की. इसके बाद से वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. फीचर, टेक और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ उनकी रुचि स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में है.

मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की. वर्तमान में वह राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं.मानसी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखती हैं.

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