Visakhapatnam Steel Plant Accident: कितना होता है पिघली हुई स्टील का तापमान, कितनी देर में यह दे देता है मौत?
Visakhapatnam Steel Plant Accident: विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हादसा बहुत ज्यादा पिघले हुए स्टील को ले जा रही लैडल के फटने से हुआ. लैडल फटने के तुरंत बाद ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई.

Visakhapatnam Steel Plant Accident: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित विजाग स्टील प्लांट में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर कर दिया है. दरअसल, यहां क्रेन से ले जाए जा रहे पिघले हुए स्टील से भरी लैडल फट गई, जिसके बाद लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर वाला स्टील मजदूरों पर गिर पड़ा. इस हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई और मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हादसे को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है. इस हादसे के बाद यह भी सवाल उठने लगा है कि आखिर पिघली हुई स्टील का तापमान कितना होता है?
कितना होता है पिघली हुई स्टील का तापमान?
स्टील एक मिश्रधातु है जो मुख्य रूप से लोहे और कार्बन से मिलकर बनती है. अलग-अलग ग्रेड की स्टील का गलनांक अलग होता है. आमतौर पर स्टील 1370 डिग्री सेल्सियस से 1530 डिग्री सेल्सियस के बीच पिघलती है. वहीं स्टील प्लांट में इसे पूरी तरह तरल अवस्था में रखने और ढालने के लिए तापमान अक्सर 1550 डिग्री सेल्सियस से 1600 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाया जाता है. विशाखापट्टनम हादसे में भी जिस पिघले हुए स्टील की बात सामने आई है, उसका तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस बताया जा रहा है. तुलना करें तो यह तापमान ज्वालामुखी के लावा से भी कई मामलों में ज्यादा गर्म हो सकता है.
क्यों रखी जाती है इतनी गर्म स्टील?
स्टील को केवल पिघलाना ही काफी नहीं होता है. इसे अलग-अलग आकार में ढालने और इससे अशुद्धियों को हटाने के लिए काफी ज्यादा तापमान पर रखा जाता है. स्टील प्लांट में ब्लास्ट फर्नेस और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस जैसे विशाल भट्टियों का इस्तेमाल किया जाता है, जहां स्टील को पूरी तरह तरल बनाए रखने के लिए हजारों डिग्री तापमान पैदा किया जा सकता है
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1600 डिग्री तापमान से इंसानी शरीर पर क्या पड़ता है असर?
मानव शरीर का तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है. वहीं स्किन 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर कुछ ही सेकंड में जल सकती है. अगर किसी व्यक्ति के शरीर पर 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली पिघली स्टील गिर जाए तो स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती है. पिघली हुई स्टील में इतनी गर्म होती है कि वह स्किन, मांसपेशियों और हड्डियों तक को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार , तने ज्यादा तापमान पर शरीर के कांटेक्ट में आने पर कुछ ही सेकंड में चौथी डिग्री तक से जलन घाव हो सकते हैं, जो स्किन के साथ-साथ अंदरूनी टिश्यूज को भी नष्ट कर देते हैं.
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