एक्सप्लोरर

Swedish krona: कितनी है एक स्वीडिश क्रोना की वैल्यू, जानें स्वीडन में भारत के 10000 कितने हो जाएंगे?

Swedish krona: स्वीडन की मुद्रा यूरोप की सबसे स्थिर और स्थाई मुद्राओं में से एक है. आइए जानते हैं इस मुद्रा का इतिहास और यह भी कि भारत के ₹10000 स्वीडन जाकर कितने हो जाएंगे.

Swedish krona: स्वीडिश क्रोना स्वीडन की राष्ट्रीय मुद्रा का इतिहास 19वीं सदी के आखिर से शुरू होता है. हालांकि यह अमेरिकी डॉलर या फिर यूरो जितनी वैश्विक स्तर पर चर्चित नहीं है लेकिन उसके बावजूद भी यूरोप की सबसे स्थिर और स्थायी मुद्राओं में से एक है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्वीडन में भारतीय रुपए की कीमत कितनी होगी? आइए जानते हैं कि भारत के 10000 स्वीडन में कितने होंगे. लेकिन उससे पहले जानते हैं इस मुद्रा का इतिहास.

स्वीडिश क्रोना का इतिहास 

इस मुद्रा की शुरुआत 1863 में हुई थी. दरअसल इसने पुराने स्वीडिश रिक्सडेलर की जगह ली थी. इस बदलाव के बाद स्वीडन को डेनमार्क और नॉर्वे के साथ स्कैंडिनेवियाई मौद्रिक संघ में शामिल कर लिया गया था. इसका उद्देश्य एक एकल स्वर्ण आधारित मुद्रा प्रणाली को बनाना था. क्रोना का मतलब मुकुट होता है और इसे स्थिरता और संप्रभुता के प्रति के रूप में चुना गया था. इस मुद्रा को सोने से जोड़ा गया जिससे इसका एक ठोस और अनुमानित मूल्य बना रहे. हालांकि 1914 में प्रथम विश्व युद्ध छिड़ने के साथ ही स्वीडन को स्वर्ण मानक को त्यागना पड़ा और स्कैंडिनेवियाई मौद्रिक संघ भंग हो गया. 

स्वीडन में आर्थिक बदलाव 

1931 के बाद स्वीडन ने स्वर्ण मानक को स्थायी रूप से त्याग दिया. इस कदम के बाद उसकी मुद्रा स्वतंत्र रूप से चल सकी और सोने के बजाय राष्ट्रीय बैंकिंग भंडार द्वारा समर्थित हो गई. इस निर्णय ने स्वीडन को अपनी अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने में मदद की, खासकर वैश्विक वित्तीय उतार चढ़ाव के समय. 20वीं सदी के बीच तक क्रोना स्वीडन के स्वतंत्र आर्थिक नीति का प्रतीक बन गई.

क्रोना को बनाए रखने का स्वीडन का निर्णय 

2003 में स्वीडन ने इस बात का निर्णय लेने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह कराया कि उसे यूरो अपनाना चाहिए या फिर नहीं  और इसका जवाब आया, नहीं. आज स्वीडन की आधिकारिक और एकमात्र वैद्य मुद्रा क्रोना है. 

क्या है विनियम मूल्य 

स्वीडन की मुद्रा को केंद्रीय बैंक, स्वेरिग्स रिक्सबैंक द्वारा जारी और प्रबंध किया जाता है. यह बैंक 1668 में स्थापित दुनिया का सबसे पुराना केंद्रीय बैंक भी है. हाल के विनियम दलों के मुताबिक एक स्वीडिश क्रोना लगभग 9.30 रुपए के बराबर है. इस हिसाब से अगर हम भारत से ₹10000 लेकर जाते हैं तो स्वीडन में इसकी कीमत लगभग 1060 से 1075 स्वीडिश क्रोना होगी.

ये भी पढ़ें: क्या कोई भी बंद करवा सकता है आपका फेसबुक अकाउंट, जानें इसके लिए कहां करनी होती है कम्प्लेन?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Putin Security: भारत में SPG, अमेरिका में सीक्रेट सर्विस तो रूस में कौन करता है राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा, जान लें नाम
भारत में SPG, अमेरिका में सीक्रेट सर्विस तो रूस में कौन करता है राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा, जान लें नाम
Super El Nino: भारत पर बरसेगा सुपर एल नीनो का कहर, जानें आखिरी बार कब आया था देश पर यह संकट
भारत पर बरसेगा सुपर एल नीनो का कहर, जानें आखिरी बार कब आया था देश पर यह संकट
ऑयल-फ्री नेशन बनने की कगार पर खड़ा यह देश, पेट्रोल पंपों पर लग रहे ताले; बिना तेल के दौड़ेगी अर्थव्यवस्था
ऑयल-फ्री नेशन बनने की कगार पर खड़ा यह देश, पेट्रोल पंपों पर लग रहे ताले; बिना तेल के दौड़ेगी अर्थव्यवस्था
UP Bhawan Tender: दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन में कैसे मिलता है कैंटीन का ठेका, क्या आम आदमी कर सकता है अप्लाई?
दिल्ली के उत्तर प्रदेश भवन में कैसे मिलता है कैंटीन का ठेका, क्या आम आदमी कर सकता है अप्लाई?

वीडियोज

Chitra Tripathi: वोट का 'धर्मयुद्ध', बंगाल में कौन जीतेगा? | West Bengal Election | Mamata Banerjee
Breaking News: एक तरफ प्रचार, दुसरी तरफ हमला...TMC बना निशाना! | West Bengal Election | Voilence
West Bengal Election 2026: बंगाल में Modi-Yogi-Shah का Road Show | Mamata Banerjee | TMC | BJP
Trump News: ट्रंप को मारने आए शख्स Cole Tomas Allen का सच जानकर उड़ जाएंगे होश! | Secret Service
Kejriwal vs Justice Swarna Kanta: केजरीवाल का खुला विद्रोह, सत्याग्रह का ऐलान! | Delhi High Court

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ढोंगी शांतिदूत पाकिस्तान ने दिखाई असलियत, अफगानिस्तान में विश्वविद्यालय और रिहाइशी इलाकों पर किया हमला, 4 मरे और 46 घायल
ढोंगी शांतिदूत पाकिस्तान ने दिखाई असलियत, अफगानिस्तान में रिहाइशी इलाकों पर किया हमला, 4 की मौत
UP Weather: यूपी का बांदा रहा देश की सबसे गर्म जगह, 47.6°C तापमान दर्ज, तोड़े पिछले रिकॉर्ड
यूपी का बांदा रहा देश की सबसे गर्म जगह, 47.6°C तापमान दर्ज, तोड़े पिछले रिकॉर्ड
'ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाओ', संजीव गोयनका से दिग्गज की मांग; डिटेल में बताया कारण
'ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाओ', संजीव गोयनका से दिग्गज की मांग; डिटेल में बताया कारण
दांत टूटा, चेहरा सूजा, Splitsvilla 16 की कंटेस्टेंट के साथ शख्स ने की मारपीट, हुआ बुरा हाल
दांत टूटा, चेहरा सूजा, Splitsvilla 16 की कंटेस्टेंट के साथ शख्स ने की मारपीट, हुआ बुरा हाल
सैनिकों की मौत के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर ड्रोन से किया अटैक, बॉर्डर पर बिगड़े हालात
सैनिकों की मौत के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर ड्रोन से किया अटैक, बॉर्डर पर बिगड़े हालात
Delhi Rain: दिल्ली में आंधी के साथ बारिश की संभावना, भयंकर गर्मी से जल्द राहत की उम्मीद, जानें देश में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली में आंधी के साथ बारिश की संभावना, भयंकर गर्मी से जल्द राहत की उम्मीद, जानें देश में कैसा रहेगा मौसम
30 बच्चों की जान बचाकर खुद शहीद हो गया ‘काली’, जहरीले सांप से लड़ते हुए कुत्ते की मौत, पूरे गांव ने बहाए आंसू
30 बच्चों की जान बचाकर खुद शहीद हो गया ‘काली’, जहरीले सांप से लड़ते हुए कुत्ते की मौत, पूरे गांव ने बहाए आंसू
अब यहां बदल गए दोपहिया वाहन को लेकर नियम, नहीं कर पाएंगे ग्रुप बाइकिंग, जानें क्यों लगाया बैन?
अब यहां बदल गए दोपहिया वाहन को लेकर नियम, नहीं कर पाएंगे ग्रुप बाइकिंग, जानें क्यों लगाया बैन?
Embed widget