एक्सप्लोरर

Middle East Crisis: तेल-गैस से लेकर खाद और तारकोल तक... जानें मिडिल ईस्ट के हालात से किन चीजों की हुई कमी?

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर सिर्फ तेल सप्लाई पर नहीं पड़ा है बल्कि कुछ और उद्योग और जरूरी चीजों पर भी पड़ा है. आइए जानते हैं कौन सी हैं वे चीजें.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मध्य पूर्व संकट ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग को बाधित किया।
  • ऊर्जा, उर्वरक, बिटुमेन, एल्यूमीनियम और हीलियम की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई।
  • कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।
  • कृषि, निर्माण, ऑटोमोबाइल और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों पर गंभीर असर पड़ा।

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने होर्मुज स्ट्रेट जैसे जरूरी वैश्विक शिपिंग मार्ग को बाधित कर दिया. यह जरूरी रास्ता वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है. यहां किसी भी तरह की रुकावट कई उद्योगों में हलचल मचा देती है. यही वजह है कि अब तेल और गैस के अलावा भी कई क्षेत्रों में कमी और कीमतों में उछाल महसूस किया जा रहा है.

ऊर्जा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा मार 

इसका पहला और सबसे साफ असर ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ा है. मार्च में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर लगभग 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. यह 4 साल का सबसे ज्यादा स्तर था. इस उछाल ने दुनिया भर में ईंधन की लागत को सीधे तौर पर बढ़ा दिया है. इसी के साथ एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी बाधित हुई है. भारत जैसे देश जो मिडिल ईस्ट से होने वाले इंपोर्ट पर काफी ज्यादा निर्भर हैं, आपूर्ति के दबाव का सामना कर रहे हैं. कतर जैसे प्रमुख गैस केंद्रों पर हुए हमलों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है. इस वजह से सरकारों को केरोसिन के वितरण को बढ़ाने जैसे कदम उठाने पड़े. 

उर्वरक आपूर्ति पर दबाव 

कृषि क्षेत्र भी इसकी मार झेल रहा है. यूरिया और अमोनिया जैसे उर्वरकों का एक बड़ा हिस्सा प्राकृतिक गैस पर ही निर्भर होता है. इसका ज्यादातर हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है. आपूर्ति में रुकावट की वजह से उर्वरक उत्पादन में 10% से 15% तक की गिरावट आने की उम्मीद है. इसके अलावा उर्वरक निर्माण के लिए जरूरी कच्चे माल जैसे फॉस्फोरिक एसिड और सल्फर की कमी की वजह से वे महंगे होते जा रहे हैं. इसका सीधा असर फसल चक्र पर पड़ सकता है. 

बिटुमेन की कमी 

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी हो रही है क्योंकि बिटुमेन की आपूर्ति कम हो गई है. क्योंकि बिटुमेन कच्चे तेल से मिलता है इस वजह से तेल की बढ़ती कीमतों ने सड़क निर्माण को काफी महंगा बना दिया है. इससे राजमार्ग परियोजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है और कुल निर्माण लागत बढ़ गई है. इसका असर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी विकास दोनों पर पड़ रहा है.

एल्युमिनियम की कीमतों में उछाल 

वैश्विक एल्युमिनियम उत्पादन में मिडिल ईस्ट का एक अहम योगदान है. आपूर्ति में रुकावट की वजह से एल्युमिनियम की कीमतें 4 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. इसका असर ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग और निर्माण जैसे उद्योगों पर भी पढ़ रहा है. यहां एल्युमिनियम एक प्रमुख कच्चा माल है. 

हीलियम की कमी 

इसका एक अहम असर हीलियम की कमी पर भी पड़ रहा है. मध्य पूर्व इस गैस का एक प्रमुख सप्लायर है. यह सेमीकंडक्टर बनाने और एमआरआई मशीनों जैसे मेडिकल उपकरणों के लिए काफी जरूरी है. हीलियम की सप्लाई में रुकावट से चिप का प्रोडक्शन धीमा हो सकता है और हेल्थ केयर सेवाओं पर असर पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: दूसरे दल से बीजेपी में आए कितने लोग अब तक बन चुके हैं मुख्यमंत्री? चौंका देंगे ये नाम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या अपनी करेंसी बंद कर दूसरे देश की करेंसी इस्तेमाल कर सकता है देश, क्या है नियम?
क्या अपनी करेंसी बंद कर दूसरे देश की करेंसी इस्तेमाल कर सकता है देश, क्या है नियम?
नेपाल ही क्यों भागते हैं ज्यादातर अपराधी, क्या वहां से गिरफ्तारी नहीं हो सकती?
नेपाल ही क्यों भागते हैं ज्यादातर अपराधी, क्या वहां से गिरफ्तारी नहीं हो सकती?
टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले शूटर्स पकड़े गए, इन्हें कितने दिन की जेल होगी?
टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले शूटर्स पकड़े गए, इन्हें कितने दिन की जेल होगी?
कोई कानून बनने में कितना समय लगता है, सड़क से संसद तक क्या प्रोसीजर?
कोई कानून बनने में कितना समय लगता है, सड़क से संसद तक क्या प्रोसीजर?

वीडियोज

Tiger Shroff Firing News: बॉलीवुड लॉरेंस के कितने 'दुश्मन' ? | Breaking | Mumbai | ABP News
मुंबई से फरार...ट्रेन में सवार...कोटा में गिरफ्तार | Sansani | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: टाइगर..'किस्मत' से जिंदा है! | Tiger Shroff Firing | Mumbai Police
Tiger Shroff Firing Case Update | क्या बॉलीवुड को बनाया जा रहा निशाना?। Mumbai Police | Crime News
Sandeep Chaudhary: SIR पर मचे हंगामा का सटीक विश्लेषण! | Gyanesh Kumar | Rahul Gandhi | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'क्या फिर बिल...?' परिसीमन को लेकर जयराम रमेश का केंद्र पर तंज, पूछे 3 सवाल
'क्या फिर बिल...?' परिसीमन को लेकर जयराम रमेश का केंद्र पर तंज, पूछे 3 सवाल
'जब कुछ लोगों ने नफरतों की...', मोहन भागवत के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोली सपा
'जब कुछ लोगों ने नफरतों की...', मोहन भागवत के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोली सपा
विजय के बाद धनुष की राजनीति में एंट्री? TVK ने पहले ही कर दिया स्वागत
विजय के बाद धनुष की राजनीति में एंट्री? TVK ने पहले ही कर दिया स्वागत
भारतीय खिलाड़ी पर सख्त हुआ ICC, गुस्से में आकर की थी ये हरकत
भारतीय खिलाड़ी पर सख्त हुआ ICC, गुस्से में आकर की थी ये हरकत
फायरिंग की घटना के बाद टाइगर श्रॉफ को मिली पुलिस प्रोटेक्शन, सुरक्षा में बॉडीगार्ड किए गए तैनात
फायरिंग की घटना के बाद टाइगर श्रॉफ को मिली पुलिस प्रोटेक्शन, सुरक्षा में बॉडीगार्ड तैनात
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
सौरव दास-आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत क्यों बढ़ाई, कोर्ट ने कहा- 'साफ पता चलता है कि...'
Explained: मक्का में बांग्लादेशी जोड़े को फांसी, सऊदी न्याय प्रणाली और मानवाधिकारों पर उठते 10 बड़े सवाल
Explained: मक्का में बांग्लादेशी जोड़े को फांसी, सऊदी न्याय प्रणाली और मानवाधिकारों पर उठते 10 बड़े सवाल
2024 से सबक... अमित शाह लेंगे अहम फैसले! कई टिकट बदलने की तैयारी
2024 से सबक... अमित शाह लेंगे अहम फैसले! कई टिकट बदलने की तैयारी
Embed widget