एक्सप्लोरर

क्या होती है GPS Spoofing, जानें क्यों है यह खतरनाक और यूएई को क्या है इससे खतरा

GPS Spoofing: यूनाइटेड अरब अमीरात अब एक नई मुसीबत का सामना कर रहा है. दरअसल यहां पर जीपीएस स्पूफिंग का खतरा बढ़ चुका है. आइए जानते हैं क्या है जीपीएस स्पूफिंग.

GPS Spoofing: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव ने यूनाइटेड अरब अमीरात के ऊपर एक नया खतरा पैदा कर दिया है. दुबई और अबू धाबी जैसे बड़े इंटरनेशनल हब जाने वाले एयरक्राफ्ट अब ऐसे जोन से गुजर रहे हैं जहां जीपीएस स्पूफिंग की संभावना 10% से ज्यादा है. एविएशन अथॉरिटी और पायलट इस अनदेखे इलेक्ट्रॉनिक खतरे के बारे में तेजी से चेतावनी दे रहे हैं. आइए जानते हैं कि आखिर जीपीएस स्पूफिंग होता क्या है और यूएई को इससे खतरा कैसे है.

क्या है जीपीएस स्पूफिंग? 

जीपीएस स्पूफिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें अटैकर नेविगेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए नकली सैटलाइट सिग्नल ब्रॉडकास्ट करते हैं. हवाई जहाज, जहाज या फिर स्मार्टफोन जैसे डिवाइस अपनी लोकेशन और समय पता करने के लिए जीपीएस सेटेलाइट से मिलने वाले सिग्नल पर ही निर्भर होते हैं.

यह सिग्नल जैमिंग से थोड़ा अलग होता है. सिग्नल जैमिंग में जीपीएस सिग्नल को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाता है, लेकिन स्पूफिंग में असली सैटलाइट सिग्नल को एक ज्यादा मजबूत नकली सिग्नल से बदल दिया जाता है. फिर डिवाइस गलत सिग्नल को असली मान लेता है और गलत जगह का हिसाब लगाता है. आसान शब्दों में कहें तो दिल्ली में उड़ता हुआ हवाई जहाज अचानक आपको लखनऊ में उड़ता हुआ दिख सकता है.

स्पूफिंग और जैमिंग में क्या अंतर है?

जैमिंग में रेडियो इंटरफेस बस जीपीएस सिग्नल को ब्लॉक कर देता है. इस वजह से नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर देता है. इसमें पायलट को तुरंत पता चल जाता है कि कुछ गड़बड़ है क्योंकि सिग्नल ही गायब हो जाते हैं. 

लेकिन स्पूफिंग इससे कहीं ज्यादा खतरनाक है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें सिस्टम नॉर्मल तरीके से काम करता रहता है. बस वह जो जानकारी दिखा रहा होता है वह गलत होती है. इससे समस्या का पता लगाना मुश्किल हो जाता है और पायलट या फिर शिप कैप्टन गलत नेविगेशन डेटा पर भरोसा करने के लिए गुमराह हो सकते हैं.

जीपीएस स्पूफिंग खतरनाक क्यों है? 

जीपीएस स्पूफिंग का सबसे बड़ा रिस्क नेविगेशन में गलतियों में होता है. अगर पायलट गलत कोऑर्डिनेट्स पर भरोसा करते हैं तो वह अनजाने में दिशा या फिर ऊंचाई बदल सकते हैं. इस वजह से रिस्ट्रिक्टेड एयरस्पेस में घुसने या फिर दूसरे एयरक्राफ्ट के खतरनाक रूप से करीब आने से रिस्क बढ़ जाता है. 

आपको बता दें कि स्पूफिंग बैकअप सिस्टम में भी रुकावट डाल सकती है. जब जीपीएस सिग्नल खो जाते हैं तो नेविगेशन को बनाए रखने में मदद के लिए मॉडर्न एयरक्राफ्ट इनर्शियल रेफरेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि पावरफुल स्पूफिंग सिग्नल कभी-कभी इस सिस्टम को भी खराब कर सकते हैं. 

UAE को इतना खतरा क्यों?

मिडिल ईस्ट में अपनी स्ट्रैटेजिक लोकेशन की वजह से यूनाइटेड अरब अमीरात स्पूफिंग के लिए खास तौर पर कमजोर हो चुका है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबू धाबी जैसे बड़े एविएशन हब के लिए हवाई रास्ते उन इलाकों के पास से गुजरते हैं जहां पर इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर सिस्टम एक्टिवेट हो सकते हैं. 

इलाके के मिलिट्री तनाव से लिंक 

ऐसा कहा जा रहा है कि स्पूफिंग की घटनाओं में हालिया बढ़ोतरी इस इलाके में काम कर रहे मिलिट्री इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर सिस्टम से जुड़ी है. जैसे-जैसे ईरान, यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के बीच तनाव बढ़ रहा है, इन सिस्टम का इस्तेमाल दुश्मन की नेविगेशन टेक्नोलॉजी को रोकने या फिर मॉनिटर करने के लिए किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: सऊदी अरब से यूएई तक 8 मुस्लिम देशों को ईरान ने क्यों बनाया निशाना? जानें हमले की वजह

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

केजरीवाल से कन्हैया तक, आंदोलन से निकलकर बड़े नेता बन चुके ये लोग
केजरीवाल से कन्हैया तक, आंदोलन से निकलकर बड़े नेता बन चुके ये लोग
मौत की सजा सुनाने के बाद जज क्यों तोड़ देते थे पेन की नोक, क्या थी वजह?
मौत की सजा सुनाने के बाद जज क्यों तोड़ देते थे पेन की नोक, क्या थी वजह?
क्या आप भी रिकॉर्ड करते हैं ऑफिस की बातें, ऐसे केस में कितनी सजा?
क्या आप भी रिकॉर्ड करते हैं ऑफिस की बातें, ऐसे केस में कितनी सजा?
कितनी मिलती है तिहाड़ जेल के जल्लाद को सैलरी, कौन देता है पैसा?
कितनी मिलती है तिहाड़ जेल के जल्लाद को सैलरी, कौन देता है पैसा?

वीडियोज

लखनऊ में मौत की पटकथा...नेपाल में 'गुप्त लीला' !
SC में सुनवाई का सार..'क्या 'तमाशा' बना रखा है ?'
तो सत्ता परिवर्तन का प्लान-बांग्लादेश का क्यों बखान!
Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
यूपी में कब से शुरू होगा SSR का कार्यक्रम? यहां पढ़ें पूरी जानकारी
यूपी में कब से शुरू होगा SSR का कार्यक्रम? यहां पढ़ें पूरी जानकारी
कांग्रेस छोड़कर BJP में गए नेताओं पर राहुल गांधी का तंज, बोले- 'वो लोग अब...'
कांग्रेस छोड़कर BJP में गए नेताओं पर राहुल गांधी का तंज, बोले- 'वो लोग अब...'
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
पत्रकार निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ SC में चलेगा अवमानना केस, दाखिल हुई याचिका
पत्रकार निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ SC में चलेगा अवमानना केस, दाखिल हुई याचिका
नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर अभिजीत दीपके बोले, 'हम हमेशा अहिंसा और...'
नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर अभिजीत दीपके बोले, 'हम हमेशा अहिंसा और...'
मवेशियों में तेजी से फैल सकती है ये बीमारी, पशुपालक तुरंत करें ये काम
मवेशियों में तेजी से फैल सकती है ये बीमारी, पशुपालक तुरंत करें ये काम
Embed widget