एक्सप्लोरर

इस्लामाबाद आ रहे यूएस-ईरान के डेलिगेशन को खाने में क्या परोसा जाएगा, कैसे तय होता है मेन्यू?

इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे राउंड की अमेरिका-ईरान शांतिवार्ता के बीच मेहमानों के लिए तैयार किए गए मेन्यू को लेकर चर्चा है. आइए जानें यह कैसे डिसाइड किया जाता है और इसके बारे में कौन बताता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अमेरिका-ईरान तनाव कम करने की इस्लामाबाद में कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं.
  • पाकिस्तानी व्यंजन, कॉन्टिनेंटल और चाइनीज फूड मेन्यू में शामिल किए जा सकते हैं.
  • विदेश मंत्रालय के चीफ ऑफ प्रोटोकॉल मेन्यू को अंतिम रूप देते हैं.
  • सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित होटलों से आता है भोजन.

दुनिया की नजरें इस वक्त इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहां अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें हो रही हैं. इस गंभीर बातचीत के बीच एक दिलचस्प पहलू चर्चा में है- दौरा करने वाले अमेरिकी और ईरानी डेलिगेशन की मेहमाननवाजी. जब दो धुर विरोधी देशों के प्रतिनिधि एक मेज पर बैठते हैं, तो उनकी सुरक्षा के साथ-साथ उनके खान-पान का ध्यान रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता है. आइए जानें कि यह कैसे तय होता है.

स्वाद और कूटनीति का मेल

कूटनीतिक दौरों में खाना सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं होता, बल्कि यह मेजबान देश की संस्कृति और अतिथि सत्कार का प्रतीक भी होता है. इस्लामाबाद में चल रही इस उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए डेलिगेशन को पारंपरिक पाकिस्तानी व्यंजनों के साथ-साथ कॉन्टिनेंटल और चाइनीज फूड परोसा जा सकता है. इसका मकसद एक ऐसा माहौल बनाना है जहां तनावपूर्ण चर्चाओं के बीच मेहमान थोड़ा सहज महसूस कर सकें. पाकिस्तानी आतिथ्य का यह अंदाज दुनिया में मशहूर है और उम्मीद है कि इस बार भी पाक इसे पूरी संजीदगी के साथ निभाएगा.

मेन्यू में खास पकवानों की महक

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेलिगेशन की थालियों में स्वाद का एक खास मिश्रण परोसा जा सकता है. मुख्य व्यंजनों में चिकन कोरमा, मलाईदार चिकन मलाई बोटी और रसीले सीक कबाब शामिल हो सकते हैं. ये व्यंजन पाकिस्तान की पाक कला की पहचान हैं. इनके साथ ही चाइनीज राइस और पालक करी जैसे विकल्प भी रखे जा सकते हैं, ताकि डेलिगेशन में मौजूद अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों की पसंद का ख्याल रखा जा सके. वहीं, मीठे में रसगुल्ला और जलेबी के साथ स्थानीय हलवा भी परोसा जा सकता है, जिसे कई लोग 'गिल्टी प्लेजर' भी कहते हैं.

यह भी पढ़ें: Oil Production Cost: तेल के कुएं से तेल निकालने में कितना आता है खर्च, जानें भारत में क्या है उत्पादन की लागत?

प्रोटोकॉल से तय होता है भोजन

इतने अहम डेलिगेशन के लिए मेन्यू का चयन रातों-रात नहीं होता है. इसके पीछे एक बहुत ही व्यवस्थित प्रक्रिया है. पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय अपने चीफ ऑफ प्रोटोकॉल के जरिए खाने की पूरी सूची को अंतिम रूप देता है. यह प्रक्रिया काफी सावधानीपूर्वक होती है. इसमें मेहमानों की धार्मिक और व्यक्तिगत खान-पान की पसंद का पूरा ध्यान रखा जाता है. अगर कोई सदस्य रेड मीट नहीं खाता या शाकाहारी विकल्प चुनता है, तो मंत्रालय के अधिकारी पहले से ही इन बातों को सुनिश्चित कर लेते हैं.

सुरक्षा और गुणवत्ता का ध्यान

जब बात अमेरिका और ईरान जैसे देशों के डेलिगेशन की हो, तो भोजन की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू बन जाती है. भोजन अक्सर इस्लामाबाद के बेहद प्रतिष्ठित और सुरक्षित होटलों जैसे 'सेरेना होटल' या शहर के मशहूर रेस्टोरेंट्स से आता है. इन होटलों के प्रमुख रसोइये विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर काम करते हैं. भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर कड़े मानकों का पालन किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाइश न रहे.

मेहमाननवाजी की गहरी छाप

पाकिस्तान हमेशा से अपनी मेहमाननवाजी को कूटनीतिक संबंधों को सुधारने के लिए इस्तेमाल करता रहा है. बिरयानी, निहारी और पारंपरिक कबाब परोसकर वे अपनी संस्कृति का एक हिस्सा मेहमानों के सामने रखते हैं. इस वार्ता में भी यही कोशिश की जा सकती है कि कड़वी बातों के बीच खाने की मेज पर थोड़ी मिठास बनी रहे. यह कूटनीतिक बारीकी का ही हिस्सा है कि कैसे एक छोटा सा लंच या डिनर गंभीर से गंभीर वार्ता के दौरान माहौल को हल्का और सकारात्मक बनाने में मदद कर सकता है.

यह भी पढ़ें:  टैंकरों में भरा पड़ा था तेल, लेकिन खरीदने वाला कोई नहीं… जानें तेल बाजार में कब आई खौफनाक मंदी?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Chenab-Beas Link Project: चिनाब और ब्यास नदी को जोड़ने में कितना आएगा खर्च, इससे कितना बढ़ जाएगा भारत का पानी?
चिनाब और ब्यास नदी को जोड़ने में कितना आएगा खर्च, इससे कितना बढ़ जाएगा भारत का पानी?
क्या है 'भूल जाने' का अधिकार, जिसे अदालत ने भी माना सही; इससे कैसे लीक होती थी प्राइवेसी?
क्या है 'भूल जाने' का अधिकार, जिसे अदालत ने भी माना सही; इससे कैसे लीक होती थी प्राइवेसी?
India Nepal Dispute: भारत-नेपाल के बीच कब से चल रहा सीमा विवाद, रोटी-बेटी के रिश्ते वाले दोनों देश आमने-सामने क्यों?
भारत-नेपाल के बीच कब से चल रहा सीमा विवाद, रोटी-बेटी के रिश्ते वाले दोनों देश आमने-सामने क्यों?
भारत के इस गांव को कहते हैं सांपों का गांव, यहां कोबरा के साथ खेलते हैं बच्चे
भारत के इस गांव को कहते हैं सांपों का गांव, यहां कोबरा के साथ खेलते हैं बच्चे
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Crime News: खोड़ा थाने में 150 अपराधियों ने हाथ उठाकर मांगी माफी, योगी पुलिस का खौफ!
UP Police Action: मथुरा पुलिस का 'ऑन-स्पॉट' इंसाफ! | Vrindavan
UP Election 2027 | Surya Murder Case | Janhit:खोड़ा में 'असद' के नाम पर शुरू हुई वोट बैंक की सियासत!
Bharat Ki Baat | CM Yogi Speech | Akhilesh: CM Yogi की हुंकार, अखिलेश का पलटवार!
Weather Update: मौसम का क्यों बिगड़ रहा मिजाज? | ABP News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
600-700 पुरुषों ने तो कभी जानवरों ने किया रेप...ब्रिटेन में बाल यौन शोषण के काले सच! पीड़िताओं की गवाहियों से कांप उठेगी रूह
600-700 पुरुषों ने तो कभी जानवरों ने किया रेप...ब्रिटेन में बाल यौन शोषण के काले सच से कांप उठेगी रूह!
Ghaziabad News: सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस का एक्शन तेज, खोड़ा के 3 मदरसे सील, बिजली काटी
सूर्या हत्याकांड के बाद गाजियाबाद पुलिस का एक्शन तेज, इलाके के 3 मदरसे सील, बिजली काटी
IPL 2026 के बाद भी सूर्यकुमार यादव का फ्लॉप शो जारी, इस लीग में बुरी तरह फेल
IPL 2026 के बाद भी सूर्यकुमार यादव का फ्लॉप शो जारी, इस लीग में बुरी तरह फेल
Cocktail 2 Trailer Out: रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गया शाहिद-कृति और रश्मिका का लव ट्रायंगल
रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गई शाहिद-कृति और रश्मिका की तिकड़ी
सीबीएसई OSM सिस्टम विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा
सीबीएसई OSM विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
Explained: दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए 'डक कर्व' और सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
Embed widget