ये है भारत के अरबपतियों का ठिकाना, जहां सबसे ज्यादा है लोगों की कमाई, जानें टॉप पर कौन?
Richest States Of India: देश की औसत आय बढ़ी है, लेकिन अमीरी का केंद्र अब भी कुछ राज्यों तक सीमित है. सवाल यही है कि क्या बाकी भारत भी इस रफ्तार को पकड़ पाएगा?

भारत तेजी से बदल रहा है, सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां, ऊंची इमारतें और बढ़ता उपभोग इसकी तस्वीर पेश करता है. लेकिन इस चमक के पीछे एक सवाल छिपा है कि देश का असली पैसा आखिर कहां बन रहा है? क्या हर राज्य इस आर्थिक रफ्तार का बराबर हिस्सा बन पा रहा है, या अमीरी कुछ चुनिंदा राज्यों तक सिमटती जा रही है? हालिया सरकारी आंकड़े इसी असमान हकीकत से पर्दा उठाते हैं.
भारत की औसत आय में बड़ा उछाल
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,14,710 रुपये पहुंच गई है. यह जानकारी कुछ वक्त पहले वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में दी थी. स्थिर मूल्यों पर देखें तो 2014-15 में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 72,805 रुपये थी, जो एक दशक में करीब 41,900 रुपये बढ़ी है. यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने कुल मिलाकर मजबूती दिखाई है, लेकिन यह औसत हर क्षेत्र की सच्चाई नहीं बताता है.
कहां है भारत के अरबपतियों का गढ़?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य कर्नाटक बनकर उभरा है. यहां प्रति व्यक्ति आय 2,04,605 रुपये दर्ज की गई है. आईटी, स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मजबूत मौजूदगी ने कर्नाटक को देश का सबसे समृद्ध राज्य बना दिया है. इसके बाद तमिलनाडु 1,96,309 रुपये और हरियाणा 1,94,285 रुपये के साथ शीर्ष पायदानों में शामिल हैं.
टॉप राज्यों में कौन-कौन शामिल?
तेलंगाना 1,87,912 रुपये के साथ चौथे और महाराष्ट्र 1,76,678 रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ पांचवें स्थान पर है. औद्योगिक निवेश, वित्तीय सेवाएं और शहरीकरण महाराष्ट्र की आय को सहारा देते हैं. हिमाचल प्रदेश 1,63,465 रुपये के साथ पहाड़ी राज्यों में सबसे आगे है. उत्तराखंड, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और पंजाब भी उन राज्यों में शामिल हैं, जहां प्रति व्यक्ति आय एक लाख रुपये से ऊपर दर्ज की गई है.
जहां कमाई अब भी चिंता का विषय
दूसरी ओर कई बड़े और पूर्वी-उत्तर भारतीय राज्यों में प्रति व्यक्ति आय एक लाख रुपये से नीचे बनी हुई है. मध्य प्रदेश में यह 70,343 रुपये, असम में 81,127 रुपये और पश्चिम बंगाल में 82,781 रुपये रही. छत्तीसगढ़, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी आय का स्तर राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है. यह अंतर देश के भीतर आर्थिक असमानता की ओर इशारा करता है.
आय में अंतर क्यों बना रहता है?
वित्त राज्य मंत्री के अनुसार राज्यों के बीच प्रति व्यक्ति आय में अंतर के पीछे कई कारण हैं. आर्थिक विकास की रफ्तार, उद्योगों की संरचना, कृषि पर निर्भरता, शहरीकरण का स्तर और प्रशासनिक क्षमता जैसे कारक इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. जिन राज्यों में निवेश, शिक्षा और रोजगार के अवसर अधिक हैं, वहां आय तेजी से बढ़ी है.
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