Free WiFi Nation: यह है दुनिया का पहला वाई फाई देश, लोगों को मिलता है फ्री वायरलेस इंटरनेट
Free WiFi Nation: दुनिया में एक ऐसा देश भी है जिसने अपने देश की जनता को फ्री वाई-फाई नेटवर्क दिया. आइए जानते हैं उस देश के बारे में पूरी जानकारी.

Free WiFi Nation: शहरों और एयरपोर्ट पर फ्री पब्लिक वाई-फाई आम होने से काफी पहले एक छोटे से आइलैंड देश ने एक बड़ा इतिहास रचा था. 2003 में साउथ पेसिफिक ओशन में बसा नीयू दुनिया का पहला वाई-फाई देश बन गया था. इसने पूरे देश में फ्री वायरलेस इंटरनेट एक्सेस दिया. यह ऐसे समय में हुआ जब दुनिया का ज्यादातर हिस्सा डायल-अप कनेक्शन के लिए जूझ रहा था.
नीयू कैसे बना पहला वाई-फाई देश
पूरे देश में वाई-फाई पहल की घोषणा 23 जून 2003 को इंटरनेट यूजर्स समिति नीयू ने ऑफीशियली की थी. आइडिया आसान लेकिन काफी ज्यादा क्रांतिकारी था. दरअसल पूरे आइलैंड में रहने वालों, टूरिस्ट, सरकारी ऑफिस और बिजनेस विजिटर को फ्री वायरलेस इंटरनेट देना था. कम आबादी और लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर वाले देश के लिए वायरलेस कनेक्टिविटी अंडरग्राउंड केबल बिछाने से ज्यादा प्रैक्टिकल थी.
डोमेन नेम से मिलता है फंड
नीयू के वाई-फाई प्रोजेक्ट की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि इसे कैसे फंड किया गया. फ्री इंटरनेट सर्विस के लिए इस देश के कंट्री कोड इंटरनेट डोमेन .nu के रजिस्ट्रेशन से हुई कमाई का इस्तेमाल किया गया. यह डोमेन इंटरनेशनल लेवल पर खासकर यूरोप में पॉपुलर हो गया. इसके बाद इससे होने वाली कमाई को यहां के वायरलेस नेटवर्क को बनाने और मेंटेन करने में लगाया गया.
जियोग्राफी ने डिजिटल चॉइस को आकार दिया
यह देश लगभग 260 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में फैला है. इसकी आबादी लगभग 1600 से 2000 लोगों की है. यहां पर अक्सर काफी खराब मौसम की स्थिति रहती है, जिस वजह से अंडरग्राउंड कॉपर लाइनों को नुकसान पहुंचता है. वायरलेस इंटरनेट को सिर्फ सुविधा के लिए ही नहीं बल्कि एक टिकाऊ और सस्ते सॉल्यूशन के तौर पर भी अपनाया गया है. इतना ही नहीं , बल्कि इसके निवासियों के लिए डिजिटल लिटरेसी और ग्लोबल कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिला है.
आज कैसी है नीयू में इंटरनेट कनेक्टिविटी
हालांकि यह देश पहले वाईफाई देश के तौर पर ग्लोबल नाम कमा चुका है लेकिन समय के साथ यह सिस्टम काफी बेहतर हुआ है. आज ज्यादातर विजिटर कानीयू वाई-फाई हॉटस्पॉट के जरिए इंटरनेट एक्सेस करते हैं. कुछ होटल फ्री वाई-फाई देते हैं लेकिन पब्लिक एक्सेस के लिए अक्सर डेटा वाउचर खरीदना पड़ता है.
नीयू के फाइबर ऑप्टिक केबल से जुड़ने के बाद कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है. इससे तेज और ज्यादा स्टेबल इंटरनेट मिलता है. इस आइलैंड पर अब 4G नेटवर्क भी है जो 150 एमबीपीएस तक की स्पीड देता है.
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Source: IOCL
























