USA Independence: दुनिया को हेकड़ी दिखाने वाला अमेरिका किसका था गुलाम, कब मिली थी उसे आजादी?
USA Independence: यूनाइटेड स्टेट्स आज अपने आप को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश मानता है. आइए जानते हैं क्या था इसका इतिहास और आखिर यह किसका गुलाम था.

USA Independence: आज के समय में यूनाइटेड स्टेट्स खुद को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताता है. लेकिन इसका इतिहास काफी अलग कहानी कहता है. एक आजाद देश बनने से पहले अमेरिका ग्रेट ब्रिटेन की एक कॉलोनी था. 18 वीं सदी के बीच तक ब्रिटेन ने उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट पर 13 कॉलोनी पर कंट्रोल कर लिया था. इन कॉलोनी पर लंदन से शासन किया जाता था और टैक्स, व्यापार और एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में सभी बड़े फैसले ब्रिटिश पार्लियामेंट लेती थी.
अमेरिकी कॉलोनियों ने विद्रोह क्यों किया
अमेरिकी आजादी की जड़ें ब्रिटिश शासन से बढ़ती असंतोष में है. यूरोप में महंगे युद्ध लड़ने के बाद ब्रिटेन ने अपने नुकसान की भरपाई के लिए कॉलोनियों पर भारी टैक्स लगा दिए थे. स्टैम्प एक्ट 1765 और टी एक्ट 1773 जैसे कानून ने उपनिवेशवादियों को गुस्सा दिलाया. इन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में कोई प्रतिनिधि ना होने के बावजूद भी टैक्स देने के लिए मजबूर किया गया. 1773 में बोस्टन टी पार्टी के साथ स्थिति काफी चरम पर पहुंच गई और अमेरिकी क्रांतिकारियों ने विरोध में ब्रिटिश चाय को समुद्र में फेंक दिया. ब्रिटेन ने कड़े कदम उठाए जिस वजह से पूरी आजादी की मांग और ज्यादा मजबूत हुई.
अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम शुरू
हालांकि आजादी की औपचारिक घोषणा 1776 में कर दी गई थी लेकिन संघर्ष एक साल पहले ही शुरू हो चुका था. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम 1775 में लेक्सिंगटन और कॉनकॉर्ड की लड़ाइयों के साथ शुरू हुआ. औपनिवेशिक मलेशिया जिन्हें बाद में कॉन्टिनेंटल आर्मी के रूप में संगठित किया गया ब्रिटिश सेना के खिलाफ हथियार उठा चुके थे.
स्वतंत्रता की घोषणा
4 जुलाई 1776 को 13 कॉलोनियों के प्रतिनिधि फिलाडेल्फिया में इकट्ठा हुए और स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया. मुख्य रूप से थॉमस जेफरसन ने दस्तावेज को तैयार किया और औपचारिक रूप से घोषणा की. घोषणा में इस बात का तर्क दिया गया कि सभी लोग जीवन, स्वतंत्रता और खुशी की तलाश जैसे प्राकृतिक अधिकारों के साथ पैदा होते हैं और जो सरकार इन अधिकारों का उल्लंघन करती है वह अपनी वैधता खो देती है.
विदेशी समर्थन और आखिरी जीत
अमेरिका की सफलता में एक बड़ी मदद फ्रांस ने की थी. फ्रांस ने पैसे, हथियार, सैनिक और नौसेना का सपोर्ट दिया था. फ्रांस चाहता था कि इस युद्ध से ब्रिटेन कमजोर पड़ जाए. इसी के साथ स्पेन और नीदरलैंड्स ने भी अमेरिकी मकसद का समर्थन किया था. टर्निंग पॉइंट 1781 में आया जब ब्रिटिश जनरल लॉर्ड कॉर्निवॉलिस ने यॉर्कटाउन की घेराबंदी में जॉर्ज वाशिंगटन के सामने सरेंडर कर दिया था.
वैसे तो अमेरिका ने 1776 में आजादी की घोषणा कर दी थी लेकिन ब्रिटेन ने 1783 में आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड स्टेट्स को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दी. यह मान्यता 3 सितंबर 1786 को पेरिस की संधि पर हस्ताक्षर के साथ मिली. इसके बाद 1787 में यूनाइटेड स्टेट्स ने अपना संविधान अपनाया.
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Source: IOCL




























