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Television Ban: इस देश में टेलीविजन पर था पूरी तरह प्रतिबंध, जानें क्या थी बैन की वजह?

Television Ban: दुनिया में एक देश ऐसा भी है जिसने लंबे समय तक टेलीविजन पर बैन लगाए रखा. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश और क्या थी इसकी वजह.

Television Ban: एक ऐसे दौर में जब टेलीविजन दुनिया भर में मॉडर्न जिंदगी की पहचान बन चुका था, एक देश ने जानबूझकर इसे बाहर रखने का फैसला किया. भूटान मॉडर्न इतिहास में दुनिया का आखिरी देश है जिसने टेलीविजन को शुरू किया और दशकों तक इस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया. यह फैसला टेक्नोलॉजी या फिर रिसोर्सेज की कमी की वजह से नहीं था बल्कि कल्चर, वैल्यूज और एक खास तरह की जिंदगी को बचाने के लिए सोच समझ कर लिया गया फैसला था.

भूटान ने टेलीविजन और इंटरनेट पर बैन क्यों लगाया?

भूटान के टेलीविजन और इंटरनेट पर लंबे समय से लगे बैन का मुख्य कारण कल्चरल बचाव था. भूटानी लीडरशिप को डर था कि विदेशी मीडिया खासकर वेस्टर्न एंटरटेनमेंट के बिना रोक-टोक के संपर्क में आने से देश की जमाई हुई गहरी जड़े, बौद्ध परंपरा, भाषा,  पहनावा और सामाजिक मेलजोल कम हो सकता है. ऐसे वक्त में जब ग्लोबलाइजेशन तेजी से समाज को बदल रहा था भूटान ने तेजी के बजाय सावधानी को चुना. 

बिना वेस्टर्नाइजेशन के मॉर्डनाइजेशन 

भूटान के पॉलिसी बनाने वालों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि वह तरक्की के खिलाफ नहीं है. देश मॉडर्नाइज करना चाहता था लेकिन  वेस्टर्नाइज नहीं. उस समय भूटान की लीडरशिप के मुताबिक सैटलाइट टेलिविजन में वैल्यू सिस्टम को बहुत तेजी से बदलने की क्षमता थी. उनका मानना था कि ग्लोबल मीडिया के अचानक संपर्क में आने से सामाजिक संतुलन काफी ज्यादा बिगड़ सकता है और कम्युनिटी के रिश्ते भी कमजोर हो सकते हैं. 

बैन कैसे लागू किया गया?

बैन सिर्फ सिंबॉलिक नहीं था बल्कि सख्त था. 1989 में भूटान की सरकार ने पूरे देश में सभी टेलीविजन एंटीना और सैटेलाइट डिश को हटाने का ऑर्डर दिया. जो भी मौजूद इंस्टॉलेशन थे उन्हें हटाने और नष्ट करने का आदेश दिया गया था. इसके बाद भूटान ग्लोबल ब्रॉडकास्ट मीडिया से पूरी तरह से अलग हो गया. 

आखिरकार टेलीविजन कब आया? 

ब्रॉडकास्ट मीडिया से सालों तक अलग-थलग रहने के बाद भूटान ने जून 1999 में टेलीविजन और इंटरनेट पर लगी पाबंदियों को हटा दिया. यह कदम सावधानी से प्लान किया गया था और एक कंट्रोल्ड मॉर्डनाइजेशन स्ट्रेटजी के हिस्से के तौर पर राजा ने इसे पर्सनली मंजूरी दी. टेलीविजन की शुरुआत भूटान ब्रॉडकास्टिंग सर्विस के लॉन्च से हुई. यह उस समय देश का पहला और एकमात्र नेशनल टेलीविजन ब्रॉडकास्टर था. आपको बता दें कि भूटान का पहला बड़ा टेलिविजन ब्रॉडकास्ट कोई लोकल इवेंट नहीं था बल्कि एक ग्लोबल इवेंट था. यह इवेंट 1998 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल था. यह मैच सबके सामने दिखाया गया और इसने देश में टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग की सिंबॉलिक शुरुआत की.

ये भी पढ़ें: यह है दुनिया का पहला वाई फाई देश, लोगों को मिलता है फ्री वायरलेस इंटरनेट

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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