LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान IAS को कितना मिलता है पैसा, जानें कहां कितनी होती है कटौती?
यूपीएससी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. यह परीक्षा पास करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग सिविल सेवाओं में नियुक्ति मिलती है और इसके बाद उनकी ट्रेनिंग शुरू होती है.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट आ चुका है. इस बार यूपीएससी में राजस्थान, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने टॉप 10 की लिस्ट में अपनी धाक जमाई है. राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री, तमिलनाडु की राजेश्वरी और चंडीगढ़ के अकांक्ष धूल तीनों ही टॉपर्स हैं. वहीं यूपीएससी का रिजल्ट आने के बाद सफल उम्मीदवारों की जिंदगी का नया चरण शुरू हो जाता है. परीक्षा पास करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग सिविल सेवाओं में नियुक्ति मिलती है और इसके बाद उनकी ट्रेनिंग शुरू होती है. खासकर जिन उम्मीदवारों को आईएएस कैडर मिलता है, उनके लिए असली सफर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी से शुरू होता है.
दरअसल, LBSNAA को केवल एक ट्रेनिंग सेंटर नहीं, बल्कि यहां नए अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियां के लिए तैयार किया जाता है. यहां आने के बाद उम्मीदवार एस्पिरेंट्स से ऑफिसर बन जाते हैं. ट्रेनिंग के दौरान उन्हें अनुशासन, टीमवर्क, प्रशासनिक सेवा और देश की विविधता को करीब से समझने का मौका मिलता है. इसी दौरान एक सवाल अक्सर पूछा जाता है कि ट्रेनिंग के समय आईएएस अधिकारी को कितनी सैलरी मिलती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान आईएएस अधिकारी को कितना पैसा मिलता है.
ट्रेनिंग के दौरान मिलता है इतना पैसा
LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को पूरी सैलरी नहीं मिलती, बल्कि उन्हें स्टाइपेंड दिया जाता है. सातवें वेतन आयोग के अनुसार आईएएस ऑफिसर को ट्रेनिंग के दौरान करीब 56,100 प्रति माह महीने का स्टाइपेंड मिलता है. हालांकि इस रकम से कुछ खर्च काटे जाते हैं. इसमें मेस का खर्च, रहने की व्यवस्था और दूसरी सुविधाओं का पेमेंट शामिल होता है. इन कटौतियों के बाद आमतौर पर एक आईएएस के हाथ में करीब 35,000 से 40,000 रुपये तक बचते हैं.
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ट्रेनिंग के बाद कितनी होती है सैलरी?
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आईएएस अधिकारी को 56,100 रुपये प्रति माह का मूल वेतन मिलता है. इसके साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया, यात्रा भत्ता और चिकित्सा भत्ता जैसे कई अन्य भत्ते दिए जाते हैं. इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद एक आईएएस अधिकारी की कुल सैलरी आमतौर पर 1 लाख से लेकर ढाई लाख रुपये प्रति महीने तक पहुंच सकती है. वही एक्सपीरियंस और प्रमोशन के साथ-साथ यह सैलरी और सुविधाएं भी बढ़ती जाती है.
ट्रेनिंग की शुरुआत होती है फाउंडेशन कोर्स से
LBSNAA में ट्रेनिंग की शुरुआत लगभग 15 हफ्तों के फाउंडेशन कोर्स से होती है. इस दौरान आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के सभी चयनित उम्मीदवार एक साथ ट्रेनिंग लेते हैं. इस कोर्स का उद्देश्य अलग-अलग सेवाओं के अधिकारियों के बीच तालमेल बनाना और उन्हें प्रशासन की बुनियादी समझ देना होता है. ट्रेनिंग के दौरान कानून, अर्थव्यवस्था, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और भारतीय इतिहास जैसे सब्जेक्ट्स भी पढ़ाए जाते हैं.
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