Governor Salary India: क्या दो राज्यों का काम संभालने वाले राज्यपाल को अलग से मिलती है सैलरी, क्या है नियम?
Governor Salary India: भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल पदों पर बदलाव हुए हैं. आइए जानते हैं क्या दो राज्यों को काम संभालने वाले राज्यपाल को दो सैलरी मिलती है?

Governor Salary India: हाल ही में एक बड़े एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल की वजह से पूरे भारत में कई नए गवर्नर नियुक्त किए गए हैं. बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को नए गवर्नर मिले हैं. इसी के साथ दिल्ली और लद्दाख को भी नए लेफ्टिनेंट गवर्नर मिले हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या दो राज्यों को संभालने वाले गवर्नर को दो अलग-अलग सैलरी मिलती हैं?
कई राज्यों में एक गवर्नर के लिए संवैधानिक प्रोविजन
एक व्यक्ति को कई राज्यों का गवर्नर नियुक्त करने का अधिकार भारतीय संविधान के आर्टिकल 153 से मिलता है. इस प्रोविजन के मुताबिक भारत के प्रेसिडेंट एक ही व्यक्ति को दो या उससे ज्यादा राज्यों का गवर्नर नियुक्त कर सकते हैं. इस व्यवस्था को अक्सर तब इस्तेमाल किया जाता है जब किसी राज्य में कुछ समय के लिए कोई परमानेंट गवर्नर नहीं होता या फिर एडमिनिस्ट्रेटिव बदलाव के दौरान. ऐसे हालत में दूसरे राज्य के मौजूदा गवर्नर को तब तक एडिशनल चार्ज दिया जाता है जब तक कोई फुल टाइम अपॉइंटमेंट ना हो जाए.
एडिशनल चार्ज संभालने वाले गवर्नर के उदाहरण
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर केरल के गवर्नर हैं और उन्हें तमिलनाडु के गवर्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया है. इतिहास की बात करें तो इसी तरह अजय कुमार भल्ला जो पहले यूनियन होम सेक्रेटरी थे, मणिपुर के गवर्नर के तौर पर काम कर चुके हैं और साथ ही उन्होंने नागालैंड का एडिशनल चार्ज भी संभाला है.
एक और खास उदाहरण सी पी राधाकृष्णन का है. इन्होंने मार्च 2024 और जुलाई 2024 के बीच एक साथ तीन पद संभाले. उन्होंने झारखंड के गवर्नर के तौर पर काम किया, साथ ही तेलंगाना के गवर्नर और पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर का एडिशनल चार्ज भी संभाला.
क्या गवर्नर को दो सैलरी मिलती है?
एक से ज्यादा राज्यों की जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद भी एक गवर्नर को दो अलग-अलग सैलरी नहीं मिलती. अगर किसी व्यक्ति को दो या उससे ज्यादा राज्यों का गवर्नर बनाया भी जाता है तो भी उन्हें उस पद के लिए सिर्फ एक ही सैलरी मिलती है. इस नियम से यह पक्का होता है कि यह पद मुनाफा कमाने वाली पोस्ट के बजाय एक संवैधानिक पद बना रहे हैं.
राज्यों के बीच सैलरी कैसे बांटी जाती है?
हालांकि गवर्नर को सिर्फ एक सैलरी मिलती है लेकिन इसे देने की फाइनेंशियल जिम्मेदारी उन राज्यों के बीच बांटी जाती है जिनकी वे सेवा करते हैं. संविधान के आर्टिकल 158 (3A) के तहत कई राज्यों में सेवा देने वाले गवर्नर की सैलरी और भत्ते उन राज्यों के बीच बांट दिए जाते हैं. पेमेंट का सही हिस्सा भारत के राष्ट्रपति एक ऑफिशियल ऑर्डर के जरिए तय करते हैं.
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Source: IOCL



























