2026 में दो बार पड़ रहा ज्येष्ठ का महीना, क्या नौतपा भी दो बार सताएगा?
Nautapa 2026: इस साल ज्येष्ठ का महीना दो बार आने वाला है. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या नौतपा भी दो बार आएगा.

- 2026 में ज्येष्ठ मास दो बार आएगा, अवधि 60 दिनों तक बढ़ेगी।
- नौतपा सूर्य के रोहिणी नक्षत्र प्रवेश पर निर्भर, 15 दिन रहता है।
- 2026 में नौतपा 25 मई से 2 जून तक चलेगा।
- नौतपा अवधि में दो मंगलवार, लू की तीव्रता बढ़ सकती है।
Nautapa 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में एक दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग देखने को मिलेगा. इसमें अधिक मास जिसे मलमास भी कहा जाता है के आगमन की वजह से ज्येष्ठ मास दो बार आएगा. इस घटना के चलते इस साल ज्येष्ठ मास की अवधि सामान्य एक महीने के चक्र के बजाय बढ़कर लगभग 59 से 60 दिनों तक हो जाएगी. हालांकि महीने की अवधि बढ़ जाने के बावजूद नौतपा के नाम से जाना जाने वाला 9 दोनों का तीव्र गर्मी का दौर दो बार नहीं आएगा. विशेषज्ञ बताते हैं कि नौतपा का संबंध महीने की कुल अवधि से नहीं बल्कि सूरज के किसी विशेष नक्षत्र में प्रवेश करने से होता है.
नौतपा रोहिणी नक्षत्र पर निर्भर करता है
हिंदू ज्योतिष में नौतपा तब शुरू होता है जब सूरज रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है. पूरे साल के दौरान सूरज रोहिणी नक्षत्र में सिर्फ एक बार ही प्रवेश करता है. सूरज इस नक्षत्र में लगभग 15 दिनों तक रहता है और इस गोचर के शुरुआती 9 दिनों को सामूहिक रूप से नौतपा कहा जाता है. क्योंकि सूरज साल में सिर्फ एक बार ही रोहिणी में प्रवेश करता है इस वजह से नौतपा भी सिर्फ एक बार ही आता है.
2026 में नौतपा कब तक चलेगा
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक 2026 में नौतपा 25 मई को शुरू होगा और 2 जून तक जारी रहेगा. उत्तरी और मध्य भारत के कई हिस्सों में इस अवधि को पारंपरिक रूप से ग्रीष्म ऋतु का सबसे गर्म दौर माना जाता है. इन दिनों में सूरज की सीधी किरणें काफी ज्यादा तीव्र हो जाती हैं. इससे तापमान अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और कुछ क्षेत्रों में 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता है. इस अवधि के दौरान लू के नाम से जानी जाने वाली गर्म हवा भी काफी ज्यादा तेज हो जाती है.
एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग भी बन रहा
ज्योतिषियों का यह कहना है कि 2026 में नौतपा के साथ एक दुर्लभ ग्रह संयोग भी बनेगा. कहा जा रहा है कि लगभग 27 सालों में पहली बार नौतपा की 9 दिवसीय अवधि के अंदर दो मंगलवार पड़ेंगे. क्योंकि मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है इस वजह से कई लोगों का यह मानना है कि लू की तीव्रता और बढ़ सकती है.
नौतपा का मानसून से संबंध
पारंपरिक मान्यताओं में नौतपा को अक्सर मानसून की गर्भधारण अवधि के रूप में जाना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इन नौ दिनों के दौरान पड़ने वाली तीव्र गर्मी भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर लो प्रेशर सिस्टम बनाने में मदद करती है. यह सिस्टम बाद में मानसून की हवाओं को और ज्यादा शक्तिशाली बनाता है. ऐसा कहा जाता है कि जितना ज्यादा तीव्र नौतपा होगा आगे आने वाले मानसून के मौसम के उतना ही स्वस्थ और सशक्त होने का संकेत होता है.
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Source: IOCL


























