एक्सप्लोरर

दिल्ली का जंतर-मंतर कैसे बना लोकतंत्र की आवाज, सबसे पहले यहां कौन सा आंदोलन हुआ था?

दिल्ली के जंतर मंतर पर इस वक्त सोनम वांगचुक का प्रदर्शन और आमरण अनशन चल रहा है. चलिए जानें कि यह कब आधिकारिक धरना स्थल बना, जो आज लोकतंत्र की सबसे बुलंद आवाज है.

दिल्ली में जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार सुर्खिया बटोर रहा है. नीट पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े वांगचुक की हालत दिन-ब-दिन खराब हो रही है. इस बड़े आंदोलन के बीच हर किसी के जेहन में यह सवाल जरूर आ रहा है कि आखिर दिल्ली की यह एतिहासिक जगह देश में बड़े आंदोलनों और प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र कैसे बन गई.

बोट क्लब पर लगी पाबंदी और फिर खुला नया रास्ता

साल 1990 के दशक तक देश की राजधानी दिल्ली में बोट क्लब को आंदोलनों और रैलियों के लिए सबसे प्रमुख जगह माना जाता था. लेकिन साल 1988 में किसान नेत महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में लाखों किसानों ने वहां पर डेरा डाल दिया, जिससे पूरी दिल्ली ठप हो गई थी. इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद पैदा हुई सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सरकार ने बोट क्लब पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा दी थी. इसके बाद प्रशासन में संसद मार्ग के बिल्कुल नजदीक मौजूद जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए एक आधिकारिक और नियंत्रित प्रोटेस्ट साइट के रूप में चुन लिया.

क्यों प्रदर्शन के लिए चुना गया जंतर-मंतर?

जंतर-मंतर देश का सबसे बड़ा धरना स्थल बनने के पीछे इसकी भौगोलिक स्थिति का बहुत बड़ा हाथ है. यह जगह दिल्ली के केंद्र राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से बिल्कुल पैदल दूरी पर है, जिससे प्रदर्शनकारियों के लिए यहां पहुंचना बहुत आसान हो जाता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संसद भवन और सत्ता के गलियारों के बिल्कुल करीब है, जिससे यहां होने वाली हलचल सीधे सरकार तक पहुंचती है. इसके अलावा दिल्ली का मुख्य मीडिया हब पास में होने के कारण यहां होने वाले किसी भी छोटे-बड़े प्रदर्शन को तुरंच राष्ट्रीय स्तर पर कवरेज मिलती है.

यह भी पढ़ें: Sonam Wangchuk Hunger Strike: अन्ना हजारे कैसे 12 दिन में घुटनों पर ले आए थे UPA सरकार, क्यों इतना सफल रहा था आंदोलन?

जंतर-मंतर पर इतिहास का पहला विरोध प्रदर्शन

जंतर मंतर पर आंदोलनों की शुरुआत का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है. आधिकारिक तौर पर धरना स्थल घोषित होने के बाद यहां सबसे पहला विरोध प्रदर्शन साल 1993 में हुआ था. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के तत्कालीन अध्यक्ष आशीष सूद ने केंद्र सरकार के एक आदेश के खिलाफ जंतर-मंतर पर पहला मोर्चा खोला था. इस पहले छात्र आंदोलन के बाद से यहां प्रदर्शनों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि आज पिछले तीन दशकों में यह हजारों छोटे-बड़े धरनों और अनशनों का मूक गवाब बन चुकी है.

देश को हिला देने वाले बड़े जन आंदोलन

इस मैदान ने भारत की राजनीति को बदलने वाले कई बड़े राष्ट्रीय जन आंदोलनों को करीब से देखा है. साल 2011 में अन्ना हजारे का एतिहासिक भ्रष्टाचार आंदोलन यहीं से शुरू हुआ था, जिसने देश की सत्ता बदल दी थी. इसके अलावा साल 2012 में निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा के लिए उमड़ा जनसैलाब, देश के विभिन्न राज्यों के किसानों के अनोखे धरने और कुछ साल पहले अंतरराष्ट्रीय पहलवानों के बड़े विरोध प्रदर्शनों ने जंतर-मंतर को भारतीय लोकतंत्र में न्याय मांगने का सबसे बड़ा और मजबूत मंच बनाया है.

यह भी पढ़ें: जब लाल बहादुर शास्त्री ने छोड़ दिया था रेल मंत्री का पद, क्या थी वह घटना और कितने लोगों की हुई थी मौत?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट
क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट
पान मसाले को कितना खतरनाक बना देता है प्लास्टिक पैक? जानें हर डिटेल
पान मसाले को कितना खतरनाक बना देता है प्लास्टिक पैक? जानें हर डिटेल
ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
ED खुद जांच शुरू कर देती है, लेकिन CBI को सिफारिश की जरूरत क्यों पड़ती है?
Air India Pilot Marijuana Drug Case : प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?
प्लेन उड़ाने से पहले पायलट के कौन-से होते हैं टेस्ट, क्यों नहीं पता चला गांजा?
Advertisement

वीडियोज

Chitra Tripathi: ट्रंप 'कंटेनर' के अंदर क्या ईरान का डर ? | Janhit
Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)
Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली फुकेत फ्लाइट में कब क्या हुआ ? पढ़ें पूरी पोस्ट फ्लाइट रिपोर्ट
दिल्ली फुकेत फ्लाइट में कब क्या हुआ ? पढ़ें पूरी पोस्ट फ्लाइट रिपोर्ट
राम मंदिर CEO पद के लिए इंटरव्यू खत्म, आगे क्या होगा? ट्रस्ट ने बताया
राम मंदिर CEO पद के लिए इंटरव्यू खत्म, आगे क्या होगा? ट्रस्ट ने बताया
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
इंग्लैंड टेस्ट से पहले अख्तर की बाबर सेना को चेतावनी, बोले- 'अंग्रेज तुम्हारे सामने...'
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
जूनियर एनटीआर की सक्सेसफुली पूरी हुई कंधे की सर्जरी, जानें अब कैसी है तबीयत
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
'पोस्ट डिलीट कर मांगें माफी', नेताजी पर BJP सांसद के विवादित बयान पर भड़के शुभेंदु
'पोस्ट डिलीट कर मांगें माफी', नेताजी पर BJP सांसद के विवादित बयान पर भड़के शुभेंदु
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
‘जल्द शुरू होने जा रहा जंतर-मंतर का सीजन-2’, दीपके बोले- बहुत लोग कर रहे थे कमेंट
पंजाब: 454 फार्मासिस्ट भर्ती पर HC की रोक, AAP सरकार पर विपक्ष ने साधा निशाना
पंजाब: 454 फार्मासिस्ट भर्ती पर HC की रोक, AAP सरकार पर विपक्ष ने साधा निशाना
Embed widget