एक्सप्लोरर

Number Plate History: आखिर कब से लगाई जा रहीं हैं गाड़ियों पर नंबर प्लेट, जानें क्यों शुरू किया गया था यह?

Number Plate History: आज के समय में हर गाड़ी या फिर मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट दिखाई देती है. आइए जानते हैं कैसे हुई थी इसकी शुरुआत.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नंबर प्लेट प्रणाली सड़क सुरक्षा और वाहन पहचान हेतु शुरू हुई।
  • फ्रांस ने 1893 में पहला नंबर प्लेट सिस्टम लागू किया।
  • जर्मनी, नीदरलैंड समेत कई देशों ने प्रणाली को अपनाया।
  • भारत में 1914 के अधिनियम से राष्ट्रीय पंजीकरण ढांचा बना।

Number Plate History: नंबर प्लेट हर गाड़ी या फिर मोटरसाइकिल पर लगी होती है. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर यह प्रणाली कब शुरू हुई थी. आज सड़क पर हर वाहन पर एक अलग पंजीकरण संख्या होती है. इससे अधिकारियों को मलिक की पहचान करने, वाहन को ट्रैक करने और यातायात कानून को लागू करने में मदद मिलती है. हालांकि यह अवधारणा 130 सालों से भी ज्यादा पुरानी है. 

नंबर प्लेट क्यों शुरू की गई? 

19वीं सदी के आखिर में जैसे ही ऑटोमोबाइल सड़कों पर दिखाई देने लगे सरकारों को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा. घोड़े से खींची जाने वाली गाड़ियों के उलट मोटर वाहन तेजी से यात्रा कर सकते थे और दुर्घटनाओं या फिर अपराधों के बाद उन्हें ट्रैक करना काफी ज्यादा मुश्किल होता था. इस परेशानी को सुलझाने के लिए अधिकारियों ने वाहन मालिकों के लिए वाहन और उसके मालिक के बारे में जानकारी रखने वाली पहचान प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया. इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार, जवाबदेही, वाहन मलिक की पहचान करना और चोरी और अवैध वाहन के इस्तेमाल पर रोक लगाना था.

दुनिया का पहला नंबर प्लेट सिस्टम 

वाहन पहचान प्लेट के लिए दुनिया की पहली आधिकारिक जरूरत 14 अगस्त 1893 को पेरिस, फ्रांस में शुरू की गई थी. शहर के अंदर चलने वाले हर वाहन को मलिक के नाम और पते के साथ वाहन नंबर दिखाने वाली एक पहचान प्लेट ले जानी जरूरी थी. इससे पुलिस को दुर्घटनाओं में शामिल ड्राइवर का पता लगाने में मदद मिली. 

यह भी पढ़ेंः ये था भारत का सबसे अमीर राजा, दुनिया की 25% GDP के बराबर थी दौलत

दूसरे देशों ने इस प्रणाली को कैसे अपनाया? 

फ्रांस के बाद कई देशों ने धीरे-धीरे वाहन पंजीकरण प्रणाली को अपना लिया. जर्मनी ने 1896 में एक राष्ट्रव्यापी नंबर प्लेट प्रणाली शुरू की. यह राष्ट्रीय स्तर पर वाहन पहचान को लागू करने वाले शुरुआती देशों में से एक बन गया. 1898 में नीदरलैंड ने इसका अनुसरण किया और एकीकृत राष्ट्रीय यातायात कानून के तहत ड्राइविंग लाइसेंस प्लेट जारी करने वाला पहला देश बन गया. 

संयुक्त राज्य अमेरिका में न्यूयॉर्क ने 1901 में वाहन पहचान की जरूरत वाला कानून पारित किया.  शुरुआत में वाहन मालिकों ने चमड़े, लकड़ी या फिर धातु का इस्तेमाल करके अपनी खुद की प्लेट बनाई. बाद में 1903 में मैसाचुसेट्स आधिकारिक सरकार निर्मित नंबर प्लेट जारी करने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना. 

भारत में नंबर प्लेट की शुरुआत 

भारत की वाहन पंजीकरण यात्रा ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुई. 1900 की शुरुआत में अलग-अलग प्रांतों ने अपने खुद के वाहन पहचान नियम पेश किया. बॉम्बे ने 1901 में वाहन पंजीकरण नियम लागू किए, उसके बाद 1903 में बंगाल और 1907 में मद्रास ने नियम लागू किए. हालांकि ये प्रणालियां एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में अलग-अलग थी. 1914 के भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के जरिए एक राष्ट्रव्यापी ढांचा स्थापित किया गया. इसने औपचारिक रूप से पूरे ब्रिटिश भारत में वाहन पंजीकरण जरूरतों को पेश किया.

यह भी पढ़ेंः भारत के पड़ोसियों के पास कितनी विदेशी मुद्रा, जानें Forex Reserve के मामले में कौन सबसे अमीर

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कौन करता है IAS और IPS के तबादले, किसके पास होती है इतनी पावर?
कौन करता है IAS और IPS के तबादले, किसके पास होती है इतनी पावर?
कब और किसने शुरू किया था फ्रेंच किस का चलन, क्या है इसका इतिहास?
कब और किसने शुरू किया था फ्रेंच किस का चलन, क्या है इसका इतिहास?
नोएडा में क्यों नहीं है खुद का रेलवे स्टेशन? क्या है इसकी वजह
नोएडा में क्यों नहीं है खुद का रेलवे स्टेशन? क्या है इसकी वजह
रोज एक करोड़ रुपये खर्च करे मुकेश अंबानी, तो कितने साल में खत्म होगी उनकी दौलत
रोज एक करोड़ रुपये खर्च करे मुकेश अंबानी, तो कितने साल में खत्म होगी उनकी दौलत

वीडियोज

नए वीडियो में आखिरी पलों का राज !
EC में 'बगावत' का 'संपूर्ण सत्य'
UPI बारकोड रखकर व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
क्या विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोप सही?
जेल, इस्तीफा...Gyanesh Kumar पर होगा एक्शन?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
UNGA में ईरान के राष्ट्रपति का ट्रंप पर पलटवार, बोले- 'हम खुद आतंकवाद..'
UNGA में ईरान के राष्ट्रपति का ट्रंप पर पलटवार, बोले- 'हम खुद आतंकवाद..'
जमुई कांड का आरोपी हरेराम यादव पहुंचा कोर्ट, वकील ने जड़ा थप्पड़
जमुई कांड का आरोपी हरेराम यादव पहुंचा कोर्ट, वकील ने जड़ा थप्पड़
इंग्लैंड के एक और क्रिकेटर ने लिया संन्यास, अब जो रूट के भाई ने क्रिकेट को कहा अलविदा
इंग्लैंड के एक और क्रिकेटर ने लिया संन्यास, अब जो रूट के भाई ने क्रिकेट को कहा अलविदा
नेशनल अवॉर्ड लेकर लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे कार्तिक आर्यन, गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद
नेशनल अवॉर्ड लेकर लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे कार्तिक आर्यन, गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद
पंजाब कांग्रेस में होगा बदलाव? पायलट ने राहुल-खरगे को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट
पंजाब कांग्रेस में होगा बदलाव? पायलट ने राहुल-खरगे को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट
'बातचीत से खत्म हो तनाव', ओमान में जहाज पर हमले में भारतीय की मौत पर सख्त सरकार
'बातचीत से खत्म हो तनाव', ओमान में जहाज पर हमले में भारतीय की मौत पर सख्त सरकार
कब और किसने शुरू किया था फ्रेंच किस का चलन, क्या है इसका इतिहास?
कब और किसने शुरू किया था फ्रेंच किस का चलन, क्या है इसका इतिहास?
इस्तीफा, गिरफ्तारी, जेल…, ज्ञानेश कुमार पर भड़का विपक्ष, पढ़ें 10 नेताओं के तीखे हमले
इस्तीफा, गिरफ्तारी, जेल…, ज्ञानेश कुमार पर भड़का विपक्ष, पढ़ें 10 नेताओं के तीखे हमले
Embed widget