कौन हैं सिद्धार्थ बाबू? BRICS में एक पल भी नहीं छोड़ा पीएम मोदी का साथ
UPSC 2017 बैच के IFS अधिकारी सिद्धार्थ बाबू ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग के साथ कूटनीतिक Interpreter की अहम भूमिका निभाकर रातों-रात इंटरनेट सनसनी बन गए हैं.

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, और उनके जन्मदिन से ठीक पहले हाल ही में हुए ब्रिक्स समिट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई है. इन तस्वीरों में पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आ रहे हैं, लेकिन इनके बीच खड़ा एक युवा अधिकारी भी लोगों का खास ध्यान खींच रहा है.
यह अधिकारी हर बड़ी मुलाकात और बातचीत के दौरान पीएम मोदी के साथ मौजूद दिखाई दिए, जिसके बाद लोगों की उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर यह शख्स कौन है. इनकी पहचान भारतीय विदेश सेवा यानी आईएफएस के अधिकारी सिद्धार्थ बाबू के तौर पर हुई है.
कौन हैं सिद्धार्थ बाबू?
सिद्धार्थ बाबू केरल के कोच्चि शहर के रहने वाले 36 साल के IFS अधिकारी हैं. वह 2017 बैच के अधिकारी हैं और फिलहाल विदेश मंत्रालय के ईस्ट एशिया डिवीजन में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं. चीन में लंबे समय तक रहने और मंदारिन भाषा में दक्षता की वजह से उन्हें चीन से जुड़े मामलों का जानकार माना जाता है. ब्रिक्स समिट के दौरान वह शी जिनपिंग के साथ बातचीत को पीएम मोदी तक सही तरीके से पहुंचाने में मदद कर रहे थे, यानी वह एक तरह से इंटरप्रेटर की भूमिका निभा रहे थे.
इंजीनियरिंग से डिप्लोमेसी तक का सफर
सिद्धार्थ बाबू का करियर शुरुआत में डिप्लोमेसी से बिल्कुल अलग था. उन्होंने 2012 में मार अथानासियस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और इसके बाद ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरी भी की. हालांकि उनका मन कहीं और ही लगा हुआ था, और उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. उनका पहला प्रयास सफल नहीं रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 15 हासिल की और IASके बजाय IFS को चुना, क्योंकि उनकी दिलचस्पी शुरू से ही डिप्लोमेसी और ग्लोबल अफेयर्स में थी.
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चीन और अमेरिका में कर चुके हैं पोस्टिंग
दिसंबर 2017 में नई दिल्ली से बतौर ऑफिसर ट्रेनी अपना डिप्लोमैटिक करियर शुरू करने वाले सिद्धार्थ बाबू बीजिंग में करीब चार साल तक तैनात रहे, जहां उन्होंने चीन से जुड़े मामलों की गहरी समझ हासिल की. इसके अलावा वह अमेरिका में भी पोस्टेड रह चुके हैं. 2024 में भारत लौटने के बाद उन्होंने जनवरी 2025 में विदेश मंत्रालय के ईस्ट एशिया डिवीजन में डिप्टी सेक्रेटरी का पद संभाला.
पहले भी दिख चुके हैं पीएम के साथ
ब्रिक्स समिट सिद्धार्थ बाबू का पीएम मोदी के साथ किसी बड़े डिप्लोमैटिक मौके पर पहली बार दिखना नहीं था. इससे पहले जनवरी 2026 में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी वह पीएम मोदी और तत्कालीन मुख्य अतिथि, यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लेयेन के बीच बातचीत में मदद करते हुए नजर आए थे. उस समय भी VIP पोडियम पर उनकी मौजूदगी ने काफी ध्यान खींचा था.
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