किस देश के प्रधानमंत्री का सबसे ज्यादा है मेकअप का खर्च? चौंका देगा नाम
एक रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी के बाल व मेकअप पर साल 2019 से अब तक करीब 4 करोड़ का भारी-भरकम सरकारी खर्च होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

दुनियाभर के नेता अपनी पब्लिक इमेज को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं, लेकिन जब बात टैक्सपेयर के पैसों से मेकअप और हेयरस्टाइलिंग पर खर्च की आती है, तो यह मुद्दा अक्सर विवादों में घिर जाता है. हाल ही में एक RTI रिपोर्ट के जवाब में इजरायल सरकार ने खुद यह आंकड़ा जारी किया है कि उसके प्रधानमंत्री कार्यालय ने पिछले कुछ सालों में हेयर स्टाइलिंग, मेकअप और रिप्रेजेंटेशन जैसी सुविधाओं पर कितना पैसा खर्च किया है. यह आंकड़ा जानकर लोग हैरान रह गए हैं, क्योंकि यह रकम करोड़ों रुपये में है.
कितना है इजरायली पीएम का मेकअप बजट?
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी 2019 से अगस्त 2026 के बीच हेयर स्टाइलिंग, मेकअप और रिप्रेजेंटेशन खर्च पर करीब 4.49 करोड़ रुपये यानी लगभग 4 लाख 70 हजार डॉलर खर्च किए गए हैं. यह जानकारी एक कानूनी वकील की फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन याचिका के बाद सार्वजनिक की गई. हालांकि पूरी रकम सिर्फ मेकअप पर खर्च नहीं हुई, इसमें ऑफिशियल इवेंट्स और अन्य प्रतिनिधित्व से जुड़े खर्च भी शामिल हैं, लेकिन हेयर और मेकअप का हिस्सा भी इसमें काफी बड़ा है.
नेतन्याहू और उनकी पत्नी का है सबसे बड़ा हिस्सा
रिकॉर्ड के मुताबिक इस पूरी अवधि में हुए कुल हेयर और मेकअप खर्च का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा अकेले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू से जुड़ा हुआ है. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि इस पूरी अवधि के ज्यादातर समय नेतन्याहू ही प्रधानमंत्री पद पर रहे हैं.
दिलचस्प बात यह है कि जब नेतन्याहू दोबारा प्रधानमंत्री बने, उसके बाद से इस खर्च में काफी बढ़ोतरी देखी गई. 2023 में यह खर्च करीब 98 लाख रुपये था, जबकि 2025 में यह अब तक का सबसे ज्यादा सालाना खर्च दर्ज किया गया, जो करीब 1.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
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किन-किन प्रधानमंत्रियों के दौर का है यह डेटा?
जारी किए गए रिकॉर्ड में सिर्फ नेतन्याहू के कार्यकाल का ही नहीं, बल्कि नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों के दौर के खर्च का भी ब्योरा शामिल है. इससे यह भी पता चलता है कि अलग-अलग सरकारों के दौरान यह खर्च कम-ज्यादा होता रहा है, लेकिन नेतन्याहू के मौजूदा कार्यकाल में यह सबसे ज्यादा दर्ज हुआ है.
यह जानकारी सार्वजनिक होते ही इजरायल में टैक्सपेयर के पैसों के खर्च और सरकारी पारदर्शिता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, खासकर तब जब देश लंबे समय से युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों से भी जूझ रहा है.
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