यूट्यूब पर बजा रहे राष्ट्रगीत तो कैसे पहचानें कौन-सा असली? जानें सबकुछ
Authentic Vande Mataram: हाल ही में एकनाथ शिंदे के एक कार्यक्रम में गलत वंदे मातरम बजा दिया गया. आइए जानते हैं कि यूट्यूब पर असली वंदे मातरम की पहचान कैसे करें.

- आधिकारिक प्रसार भारती, दूरदर्शन चैनलों पर ही वंदे मातरम सुनें।
- निर्धारित 3:10 अवधि और सभी छह पद जांचें।
- ड्रम रोल और पारंपरिक संगीत व्यवस्था का ध्यान रखें।
- केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही हमेशा भरोसा करें।
Authentic Vande Mataram: आप यूट्यूब पर असली वंदे मातरम की पहचान कैसे कर सकते हैं? दरअसल ऑनलाइन कई वर्जन मौजूद होने की वजह से फिल्मी गानों, एल्बम रिकॉर्डिंग और मॉडर्न अडैप्टेशन से असली वर्जन को अलग करना मुश्किल हो जाता है. हाल ही में महाराष्ट्र के ठाणे में एक सरकारी कार्यक्रम में एक अजीब घटना देखने को मिली. दरअसल कार्यक्रम में वंदे मातरम के बजाय लाउडस्पीकर पर लता मंगेशकर के एल्बम का एक गाना बजने लगा. यह गाना लगभग 4 मिनट तक बजता रहा. वहां मौजूद सभी लोग 4 मिनट तक खड़े रहे. इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे. इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर लोग यूट्यूब पर सुनते समय असली राष्ट्रगीत की पहचान कैसे करें? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब.
आधिकारिक यूट्यूब चैनल देखें
पहला कदम रिकॉर्डिंग के स्रोत को चेक करना है. जो यूजर आधिकारिक वर्जन को ढूंढ रहे हैं उन्हें प्रसार भारती, दूरदर्शन और दूरदर्शन नेशनल जैसे सरकारी और पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग चैनलों पर भरोसा करना चाहिए. सरकारी मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्री और Mygovindia से जुड़े आधिकारिक चैनलों को भी देखा जा सकता है. चैनल के नाम के बगल में मौजूद वेरीफाइड बैज से यह संकेत मिल सकता है कि अकाउंट आधिकारिक है. हालांकि सिर्फ वेरिफिकेशन बैज ही एकमात्र पैमाना नहीं होना चाहिए. किसी रिकॉर्डिंग को असली मानने से पहले चैनल का नाम, स्रोत और वीडियो का विवरण भी चेक करना चाहिए.

अवधि और छह पद चेक करें
नई गाइडलाइंस के मुताबिक सरकारी कार्यक्रम के लिए तय वंदे मातरम के पूरे वर्जन की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड या 190 सेकंड है. यह एक बड़ा अंतर है क्योंकि ऑनलाइन मौजूद कई पुराने वर्जन काफी छोटे हैं. सिर्फ एक से डेढ़ मिनट के वीडियो को नए पूरे वर्जन के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए.
नए फॉर्मेट में राष्ट्रगीत के सभी 6 पद शामिल हैं. ना कि सिर्फ शुरुआती हिस्से जो आमतौर पर छोटी रिकॉर्डिंग में सुने जाते हैं. इस वजह से यूजर्स को अवधि और यह भी चेक करना चाहिए कि क्या पूरे 6 पद वाला वर्जन पेश किया जा रहा है.

ड्रम रोल सुनें
किसी औपचारिक बैंड परफॉर्मेंस को चेक करते समय शुरुआती क्रम से भी एक संकेत मिल सकता है. तय नियम के मुताबिक जब सेना या फिर बैंड वंदे मातरम बजाते हैं तो इसकी शुरुआत धीमी चाल के सात कदमों के बराबर ड्रम रोल या फिर वहां मौजूद लोगों को सावधान करने के लिए बिगुल या ड्रम के सिग्नल से होती है.
इस वजह से यूट्यूब पर बैंड की रिकॉर्डिंग देखते समय यूजर्स को शुरुआती कुछ सेकंड पर ध्यान देना चाहिए. यह बात खास तौर पर बैंड की औपचारिक प्रस्तुतियों के लिए लागू होती है. साथ ही हो सकता है कि स्टूडियो या गायन वाली रिकॉर्डिंग पर यह उसी तरह से लागू न हो.
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म्यूजिकल अरेंजमेंट की जांच
मान्यता प्राप्त पारंपरिक वर्जन वंदे मातरम के संगीत के मिजाज का पालन करता है. इसमें राग देश और पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों या मिलिट्री बैंड अरेंजमेंट का इस्तेमाल शामिल है. यूजर्स को कमर्शियल वर्जन और आधिकारिक समारोह वाले वर्जन के बीच भ्रमित होने से बचना चाहिए. पॉप अरेंजमेंट, मॉडर्न रीमिक्स, इलेक्ट्रॉनिक इफेक्ट, डिस्को बिट्स और फ्यूजन वर्जन में वंदे मातरम के बोल या धुन का इस्तेमाल हो सकता है. लेकिन उन्हें अपने आप सरकार द्वारा स्वीकृत वर्जन नहीं मान लेना चाहिए. कई जाने माने गायकों ने इस गाने के लोकप्रिय वर्जन रिकॉर्ड किए हैं. लेकिन किसी खास रिकॉर्डिंग की लोकप्रियता उसे सरकारी कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाला आधिकारिक वर्जन नहीं बनाती.
स्रोत की जांच क्यों जरूरी?
यह घटना देशभक्ति गीत और राष्ट्रगीत के बीच के अंतर को भी दर्शाती है. भारत में देशभक्ति के कई लोकप्रिय गीत हैं लेकिन किसी गाने का राष्ट्रीय समारोह से जुड़ा होना उसे अपने आप वंदे मातरम नहीं बना देता. यही बात यूट्यूब पर भी लागू होती है. राष्ट्रीय गीत शीर्षक वाले वीडियो में फिल्म, एल्बम, रीमिक्स या फिर स्वतंत्र प्रस्तुति हो सकती है. इस वजह से यूजर्स को सिर्फ शीर्षक या थंबनेल पर भरोसा करने के बजाय स्रोत की जांच करनी चाहिए. ज्यादा पक्की जानकारी के लिए प्रसार भारती, दूरदर्शन, सरकारी मंत्रालय और सांस्कृतिक मंत्रालय जैसे आधिकारिक स्रोत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
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