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Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन जंग ने तोड़ा फर्स्ट वर्ल्ड वॉर का भी रिकॉर्ड, जानें कितने दिन चला था यह महायुद्ध?

Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन युद्ध ने प्रथम विश्व युद्ध का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. आइए जानते हैं प्रथम विश्व युद्ध कितने दिनों तक चला था.

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  • रूस-यूक्रेन युद्ध प्रथम विश्व युद्ध से अधिक समय तक चला।
  • फरवरी 2022 में शुरू होकर, यह आधुनिक युद्धों में लंबा चला।
  • इसमें खाई युद्ध और आधुनिक ड्रोन तकनीक का मेल दिखा।
  • युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा, खाद्य आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव डाला।

Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन युद्ध अब प्रथम विश्व युद्ध की अवधि से भी लंबा खिंचकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. मानव इतिहास के सबसे घातक संघर्षों में से एक प्रथम विश्व युद्ध कुल 1568 दिनों तक चला था. यह 28 जुलाई 1914 को शुरू हुआ और 11 नवंबर 1918 को समाप्त हुआ. जून 2026 तक रूस यूक्रेन युद्ध 1568 दिनों से ज्यादा समय तक चल चुका था और इसके खत्म होने का कोई भी साफ संकेत नहीं है. 

प्रथम विश्व युद्ध 

प्रथम विश्व युद्ध प्रमुख वैश्विक ताकतों के बीच लड़ा गया था और यह 4 साल 3 महीने और 14 दिनों तक चला. इस संघर्ष के परिणाम में कई शक्तिशाली साम्राज्यों का पतन हुआ. इनमें ओटोमन, रूसी, जर्मन और ऑस्ट्रो हंगेरियन साम्राज्य शामिल थे. यह युद्ध बड़े पैमाने पर खंदक युद्ध, भारी तोपखाने की लड़ाई और टैंकों व रासायनिक हथियारों के पहली बार बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए याद किया जाता है.

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रूस यूक्रेन युद्ध 

रूस यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था. रूस ने यूक्रेन के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया. शुरुआत में रूसी नेतृत्व को तेजी से जीत की उम्मीद थी और उन्हें लगा था कि वह कम समय में कीव पर कंट्रोल कर लेंगे .‌ हालांकि यूक्रेन की रक्षात्मक तैयारी और अंतरराष्ट्रीय समर्थन ने इस संघर्ष को आधुनिक युग के सबसे लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में से एक में बदल दिया. जून 2026 तक यह संघर्ष 1568 दिनों के आंकड़े को पार कर गया. 

आधुनिक तकनीक और खंदक युद्ध का मेल 

हालांकि यह संघर्ष 21वीं सदी में हो रहा है लेकिन कई युद्ध क्षेत्र प्रथम विश्व युद्ध के दौरान देखे गए खंदक युद्ध जैसे ही हैं. साथ ही इस युद्ध में आधुनिक सैन्य तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल देखा गया है. इनमें ड्रोन, साइबर युद्ध क्षमता और सटीक निर्देशित मिसाइल सिस्टम शामिल हैं. 

संघर्ष का वैश्विक प्रभाव 

रूस यूक्रेन युद्ध का असर युद्ध क्षेत्र से कहीं आगे तक फैला है. इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट को बढ़ावा दिया है, खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है और रूस के साथ-साथ नाटो देशों के बीच भू राजनीतिक तनाव को बढ़ाया है. कई जानकार रूस और पश्चिम के बीच मौजूदा टकराव की तुलना कोल्ड वॉर के माहौल से करते हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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