एक्सप्लोरर

Ethanol Production: 1 टन गन्ने से कितना एथेनॉल बनाया जा सकता है, इससे कितना ईंधन तैयार होगा?

Ethanol Production: भारत में पेट्रोल में एथेनॉल मिलने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि 1 टन गन्ने से कितना एथेनॉल बनाया जा सकता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ा रहा, गन्ना महत्वपूर्ण स्रोत।
  • सीधे गन्ने के रस से 70-84, शीरे से 10-20 लीटर एथेनॉल बनता।
  • सीधे रस से उत्पादन अधिक कुशल, सरकार इसे प्रोत्साहित करती है।
  • यह एथेनॉल पेट्रोल में मिलकर E20 ईंधन बनाता है।

Ethanol Production: भारत अपनी ग्रीन एनर्जी और एनर्जी सिक्योरिटी पहलों के तहत पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का काम तेजी से बढ़ा रहा है. ऐसे में गन्ना देश के सबसे जरूरी बायोफ्यूल स्रोतों में से एक बनकर उभरा है. गन्ने से बनने वाला एथेनॉल न सिर्फ आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने में मदद करता है बल्कि किसानों और चीनी मिलों के लिए इनकम का  अतिरिक्त स्रोत भी प्रदान करता है. इसी बीच आइए जानते हैं कि 1 टन गन्ने से कितना एथेनॉल बनाया जा सकता है.

1 टन गन्ने से कितना एथेनॉल बनेगा? 

एथेनॉल का उत्पादन इस बात पर निर्भर करता है कि चीनी मिलें कौन सी उत्पादन विधि अपनाती हैं. अगर गन्ने के रस को सीधे एथेनॉल में बदला जाए तो 1 टन गन्ने से लगभग 70 से 84 लीटर शुद्ध एथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है. हालांकि जब पहले चीनी बनाई जाती है और बाद में बचे हुए शीरे से एथेनॉल निकाला जाता है तो उत्पादन काफी कम हो जाता है. इस प्रक्रिया में 1 टन गन्ने से लगभग 10 से 20 लीटर एथेनॉल और साथ ही लगभग 110 से 115 किलोग्राम चीनी का उत्पादन किया जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः डेड बॉडी के प्राइवेट पार्ट का मजाक बनाने पर MBBS छात्रा सेजल पर FIR, जानें कितनी हो सकती है सजा?

सीधे रस से एथेनॉल का उत्पादन ज्यादा 

एथेनॉल उत्पादन के लिए सीधे रस वाली विधि को सबसे कुशल माना जाता है. गन्ने को चीनी में बदलने के बजाय निकाले गए रस को फर्मेंट किया जाता है और सीधे एथेनॉल में प्रोसेस किया जाता है. यह विधि मिलों को एथेनॉल का उत्पादन ज्यादा से ज्यादा करने की सुविधा देती है. इससे यह तब खास तौर से ज्यादा उपयोगी हो जाता है जब सरकार एथेनॉल  ब्लेंडिंग के बड़े लक्ष्य को प्रोत्साहित करती है या फिर जब चीनी का स्टॉक पहले से ही काफी ज्यादा होता है.

वाहनों में एथेनॉल का इस्तेमाल 

भारत में एथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर पेट्रोल के साथ मिलाकर किया जाता है ना सिर्फ अकेले ईंधन के रूप में. सरकार की E20 नीति के तहत ईंधन में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है. 

अगर सीधे रस वाली विधि से 1 टन गन्ने से लगभग 80 लीटर एथेनॉल मिलता है तो E20 ईंधन बनाने के लिए अतिरिक्त 320 लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी. ब्लेंडिंग के बाद कुल उत्पादन लगभग 400 लीटर E20 ईंधन हो जाता है. 

जब शीरे से एथेनॉल का उत्पादन किया जाता है तो उत्पादन काफी कम होता है. अगर औसतन 15 लीटर एथेनॉल का उत्पादन होता है तो E20 फ्यूल बनाने के लिए लगभग 60 लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी. इस मिश्रण से लगभग 75 लीटर E20 ब्लेंडेड फ्यूल तैयार होगा.

यह भी पढ़ेंः क्या वेनेजुएला की तरह ईरान पर कब्जा कर सकते हैं ट्रंप, जानें कितना मजबूत है सुप्रीम लीडर का सिक्योरिटी सिस्टम?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत में फांसी के लिए कितनी पेंडेंसी? देखें आंकड़े
भारत में फांसी के लिए कितनी पेंडेंसी? देखें आंकड़े
भारत में जंतर-मंतर, तो अमेरिका-ब्रिटेन समेत दूसरे देशों में कहां होते हैं बड़े प्रदर्शन?
भारत में जंतर-मंतर, तो अमेरिका-ब्रिटेन समेत दूसरे देशों में कहां होते हैं बड़े प्रदर्शन?
मदर ऑफ ऑल बम..कितना ताकतवर है, कौन से शहर पलक झपकते हो जाएंगे स्वाहा?
मदर ऑफ ऑल बम..कितना ताकतवर है, कौन से शहर पलक झपकते हो जाएंगे स्वाहा?
जब तक मुस्कान के साथ जेल में रहेगी छोटी बेटी, क्या तब तक फांसी भी नहीं होगी?
जब तक मुस्कान के साथ जेल में रहेगी छोटी बेटी, क्या तब तक फांसी भी नहीं होगी?

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके की हिरासत पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
Embed widget