एक्सप्लोरर

आज तक एक भी चुनाव नहीं हारा दिल्ली का यह नेता, जहां से खेला दांव, वहां मारी बाजी

दिल्ली विधानसभा चुनाव के सभी 70 सीटों पर काउंटिंग जारी है. लेेकिन आज हम आपको एक ऐसे नेता के बारे में बताएंगे, जो कभी भी दिल्ली का कोई भी चुनाव नहीं हारा है. जानिए इस बार कहां से मिला था टिकट.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज यानी 8 फरवरी को नतीजों की बारी है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली के 19 काउंटिंग सेंटर्स पर वोटों की गिनती हो रही है. अभी तक सामने रिजल्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी जीत तरफ बढ़ रही है. लेकिन आज हम आपको बीजेपी के एक ऐसा नेता के बार में बताने वाले हैं, जिनका नाम नाम बीजेपी की सरकार बनने पर आगे चलेगा. इतना ही बीजेपी के इस नेता ने अभी तक अपने जीवन के सभी चुनाव जीते हैं.

दिल्ली में 70 सीटों पर काउंटिंग जारी

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा सीट पर 5 फरवरी को मतदान हुआ था. यहां मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP), बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. लेकिन अब एग्जिट पोल और अब सामने आ रहे परिणाम में कांग्रेस इस रेस से बाहर होती नजर आ रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर असल मुकाबला अब आप और बीजेपी के बीच है. 

सीएम की रेस में कौन आगे?

अभी तक सामने आए परिणाम के मुताबिक बीजेपी जीत की ओर बढ़ रही है. लेकिन सवाल ये है बीजेपी की जीत के बाद दिल्ली का सीएम कौन बनेगा? हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है. लेकिन रमेश बिधूड़ी का नाम भी इस रेस में हो सकता है. रमेश बिधूड़ी अपने जीवन में कोई चुनाव हारे नहीं है. 

कौन हैं रमेश बिधूड़ी ?

बता दें कि रमेश बिधूड़ी शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे हैं. बिधूड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में की थी. छात्र जीवन में उन्हें शहीद भगत सिंह कॉलेज का सेंट्रल काउंसलर और दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के लिए चुना गया था. एक छात्र नेता के रूप उन्होंने 1983 से एबीवीपी के लिए लगन और समर्पण के साथ काम किया था. दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज (एम) से स्नातक करने के बाद उन्होंने मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलबी में अपनी डिग्री पूरी की थी. उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत भी की है.

रमेश बिधूड़ी का राजनीतिक सफर

 रमेश बिधूड़ी ने 1993 से ही कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों में प्रतिष्ठित पदों पर रहते हुए राजनीति में सक्रिय रूप से काम किया है.बता दें कि उन्होंने वर्ष 1996 महरौली जिले के जिला महासचिव के रूप में काम किया था. वहीं उन्होंने 1997 से 2003 तक भाजपा के महरौली जिला अध्यक्ष थे. उन्होंने 2003 से 2008 तक भाजपा दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय रूप से काम किया है. वर्तमान में रमेश बिधूड़ी भाजपा दिल्ली प्रदेश के दिल्ली प्रदेश के महासचिव हैं,वो 2008 से ही इस पद पर हैं. वह 2003 में पहली बार तुगलकाबाद से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गये थे.

जानिए कितनी बार बने विधायक और सांसद?

 वहीं 2008 में परिसीमन के बाद तुगलकाबाद निर्वाचन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर दिया गया और ओखला नई विधानसभा बनी थी. जिसके बाद फिर ओखला की जनता ने रमेश बिधूड़ी को अपना विधायक चुना था. उन्होंने 2013 का विधानसभा चुनाव एक बार फिर तुगलकाबाद से लड़ा और लगातार तीसरी बार विधायक बने थे.  भाजपा ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया और वह पहली बार सांसद बने थे. इसके बाद 2019 के चुनाव में उन्होंने दक्षिण दिल्ली की सीट पर जीत बरकरार रखी थी. 

हालांकि बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में रमेश बिधूड़ी की जगह रामवीर सिंह बिधूड़ी को दक्षिण दिल्ली सीट से टिकट दिया था. लेकिन अब उम्मीद है कि रमेश बिधूड़ी एक बार फिर वो राज्य की सियासत में वापसी कर सकते हैं. बता दें कि वह कालकाजी सीट से दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला दो महिला उम्मीदवारों से है. इस सीट से आप नेता और दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी वर्तमान विधायक हैं. वहीं कांग्रेस ने अलका लांबा को कालकाजी से अपना उम्मीदवार बनाया है. हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी रमेश बिधूड़ी लीड कर रहे हैं. 

ये भी पढ़ें:चुनाव जीतने के बाद क्या चुनाव आयोग की तरफ से मिलता है कोई सर्टिफिकेट? जानें कैसे बनते हैं विधायक

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का क्या है द्वितीय विश्व युद्ध से संबंध, जानें यहां?
लंदन की सड़कों पर लगी रेलिंग का क्या है द्वितीय विश्व युद्ध से संबंध, जानें यहां?
किस कार का इस्तेमाल करती हैं ममता बनर्जी? ये कितनी सुरक्षित
किस कार का इस्तेमाल करती हैं ममता बनर्जी? ये कितनी सुरक्षित
बिना इजाजत किसी का बना लिया वीडियो, इस पर कितनी हो सकती है सजा?
बिना इजाजत किसी का बना लिया वीडियो, इस पर कितनी हो सकती है सजा?
किन राज्यों में बाहरी नहीं खरीद सकते जमीन, क्यों लिया गया ऐसा फैसला?
किन राज्यों में बाहरी नहीं खरीद सकते जमीन, क्यों लिया गया ऐसा फैसला?

वीडियोज

Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ED चीफ राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ED चीफ राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
बिहार में शराबबंदी पर जीतनराम मांझी बोले, 'गुजरात मॉडल की...'
बिहार में शराबबंदी पर जीतनराम मांझी बोले, 'गुजरात मॉडल की...'
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
Monsoon Travel Insurance: घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
अब दोबारा से होगी आरजीकर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
अब दोबारा से होगी RG कर अस्पताल रेप मर्डर केस की जांच, शुभेंदु सरकार का फैसला
Gum Disease Can Cause Heart Attack: मसूड़ों से खून को न करें नजरअंदाज, दिल से है कनेक्शन
मसूड़ों से खून को न करें नजरअंदाज, दिल से है कनेक्शन
Embed widget