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जो बाइडेन से भी मजबूत है पुतिन का सुरक्षा कवच, यहां जानिए कैसे काम करते हैं रूसी राष्ट्रपति के खुफिया एजेंट

जब दुनिया में ताकतवर नेताओं की बात होती है तो उसमें अमेरिका और रूस के राष्ट्रपति का नाम पहले लिया जाता है. क्या आपको पता है कि इनकी सिक्योरिटी कितनी मजबूत है? आइए जानते हैं.

Putin & Biden Security: किसी भी देश के लिए उसके चीफ की सुरक्षा सबसे प्रमुख जिम्मेदारी में से एक होती है. चीफ का मतलब है कि उस देश का नेतृत्व करने वाले नेता. किसी देश में पीएम के हाथ में कमान होती है तो कोई मुल्क प्रेसीडेंट की देखरेख में संचालित होता है. और जब बात दुनिया के चीफ की सुरक्षा व्यवस्था की होती है तो अमेरिका और रूस का नाम शीर्ष में लिया जाता है. कहा जाता है कि इन देशों के पास दुनिया की बेस्ट फोर्स है. सुरक्षा एजेंसियां है. ऐसे में कई बार एक आम व्यक्ति के दिमाग में यह सवाल उठता है कि इन दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष में से किसके पास सबसे बेस्ट सुरक्षा कवच है? आज की स्टोरी में हम इसी बात की जानकारी देने जा रहे हैं.

पुतिन की सुरक्षा कितनी मजबूत?

माना जाता है कि पुतिन को दुनिया में सबसे अधिक जान का खतरा है, इसलिए उनकी सुरक्षा में सबसे अधिक बॉडीगार्ड की तैनाती रहती है, जो उनके हर कदम की सुरक्षा करते हैं. यह पुतिन के साथ हमेशा रहते हैं. पुतिन कभी विदेश यात्रा पर होते हैं तो यह एजेंट्स उनके वहां पहुंचने से पहले उस देश में जाकर सुरक्षा की पूरी जांच पड़ताल करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि पुतिन के खाने को गोपनिय तरीके से तैयार किया जाता है. पुतिन को खाना खाने से पहले उसकी जांच टीम के द्वारा की जाती है कि कहीं कोई उसमें जहर तो नहीं मिला दिया है. पुतिन और उनके परिवार की रक्षा  'रूसी राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा' करती है. 

पुतिन के सुरक्षा का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि वह मोबाइल का इस्तेमाल तक नहीं करते हैं कि कोई उसे टैप कर ले या उसे हैक कर पुतिन की पर्सनल जानकारी ले सके. बीबीसी में छपी एक खबर के मुताबिक, पुतिन को किसी से बात करनी होती है तो उसे सलाहकार द्वारा दी जाने वाली खास लैंडलाइन से करते हैं.

कितनी ताकतवर है अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था?

अमेरिकी राष्ट्रपति के सुरक्षा की जिम्मेदारी सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की होती है. उनकी सुरक्षा की जांच के लिए किसी देश की यात्रा से कई हफ्ते पहले यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट वहां पहुंच जाते हैं. अभी वह भारत आए हुए हैं, क्योंकि भारत में जो बाइडेन आ रहे हैं. इस टीम में प्रेसिडेंट स्टाफ और बाकी सुरक्षाबल मौजूद होते हैं. प्रेसीडेंट का प्लेन जिस एयरपोर्ट पर लैंड होता है वहां से लेकर जिस होटल में राष्ट्रपति ठहरते हैं, उसमें ये एजेंट्स पहुंचते हैं. उस देश में होने वाली हर गतिविधियों पर उनकी नजरें होती हैं और वो किसी भी तरह की सुरक्षा चूक नहीं होने देते हैं. 

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