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Norway Oil: नॉर्वे के पास तेल के कितने कुएं, इससे कितना कमाता है यह देश; यहां पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी

Norway Oil: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे जाने वाले हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि नॉर्वे के पास तेल के कितने कुएं हैं और इससे उसकी कितनी कमाई होती है.

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  • नॉर्वे के पास 6.9 से 7 अरब बैरल सिद्ध तेल भंडार है।
  • नॉर्वे के ऊर्जा क्षेत्र में 97 सक्रिय तेल और गैस उत्पादन क्षेत्र हैं।
  • नॉर्वे का तेल फंड दुनिया का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड है।
  • तेल और गैस से नॉर्वे का राजस्व 2026 में $78.71 बिलियन तक पहुंच सकता है।

Norway Oil: नॉर्वे अक्सर अपनी शानदार समुद्री खाड़ियों, बर्फीले नजारों और एक अनोखी घटना के लिए जाना जाता है.  दरअसल यहां कुछ इलाकों में लगभग 6 महीनों तक सूरज की रोशनी रहती है और बाकी समय अंधेरा छाया रहता है.  अपनी कम आबादी के बावजूद नॉर्वे आज दुनिया के सबसे अमीर और खुशहाल देश में से एक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए ओस्लो जाने वाले हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि नॉर्वे का तेल उद्योग कितना बड़ा है और उससे कितनी संपत्ति पैदा होती है. 

नॉर्वे में तेल और गैस के क्षेत्र 

नॉर्वे में इस समय नॉर्वेजियन कॉन्टिनेंटल शेल्फ पर तेल और गैस उत्पादन के 97 सक्रिय क्षेत्र काम कर रहे हैं. यह समुद्री ऊर्जा क्षेत्र मुख्य रूप से उत्तरी सागर, नॉर्वेजियन सागर और बैरेंट्स सागर के इलाकों में फैले हुए हैं. इन उत्पादन क्षेत्र के अलावा अधिकारी 91 और खोजे गए क्षेत्रों के विकास का भी मूल्यांकन कर रहे हैं जो भविष्य में चालू हो सकते हैं.  नॉर्वे ने दशकों के दौरान खोज और उत्पादन के मकसद से हजारों कुएं खोदे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नॉर्वे ने अकेले 2010 से 2024 के बीच 468 खोजपूर्ण या फिर वाइल्डकैट कुएं पूरे किए हैं.

नॉर्वे का तेल भंडार 

वर्ल्डोमीटर के मुताबिक नॉर्वे के पास लगभग 6.9 से 7 अब बैरल का सिद्ध तेल भंडार है. यह कुल सिद्ध तेल भंडार के मामले में इस देश को दुनिया भर में लगभग 20वें स्थान पर रखता है. हालांकि नॉर्वे के भंडार सऊदी अरब या रूस जैसे देशों की तुलना में छोटे हैं लेकिन इसके कुशल प्रबंधन और एडवांस्ड समुद्री ड्रिलिंग तकनीक ने उपलब्ध संसाधनों से मुनाफा बढ़ाने में मदद की है. तेल समकक्ष  पैमानों पर मापने पर नॉर्वे इस समय प्रतिदिन लगभग 40 लाख बैरल तेल और गैस का उत्पादन करता है. 

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नॉर्वे का तेल राजस्व 

ईरान और मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में भू राजनीतिक तनाव और अस्थिरता से जुड़ी वैश्विक एनर्जी कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से  नॉर्वे के तेल और गैस से होने वाली कमाई में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. नॉर्वे की सरकार ने यह अनुमान लगाया है कि 2026 के लिए तेल और गैस से होने वाला राजस्व लगभग 78.71 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों ने नॉर्वे के एनर्जी एक्सपोर्ट की मांग को बढ़ा दिया है. 

अगर पिछले साल की बात करें तो नॉर्वे सरकार के आधिकारिक बजट आंकड़ों के मुताबिक तेल और गैस क्षेत्र से कुल सरकारी कमाई  लगभग 75.60 अरब डॉलर रही थी. 

नॉर्वे का तेल फंड 

नॉर्वे की एनर्जी संपदा का सबसे खास पहलू यह है कि यह देश अपनी कमाई का प्रबंधन कैसे करता है. तेल से होने वाली ज्यादातर कमाई को सीधे सरकारी खर्चों पर खर्च करने के बजाय  नॉर्वे ने गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल की स्थापना की है. इसे तेल फंड कहा जाता है. यह सॉवरेन वेल्थ फंड अब बढ़कर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के मूल्य तक पहुंच गया है. इससे यह दुनिया का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड बन गया है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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