Plastic Note In Washing Machine: क्या वॉशिंग मशीन में भी नहीं गलेंगे प्लास्टिक के नोट, इनकी कितनी लाइफ?
Plastic Note In Washing Machine: भारत में जल्द ही प्लास्टिक के नोट बाजार में आने वाले है. ये नोट कागज के नोटों से ज्यादा टिकाऊ होते है और इनकी कॉपी करना भी मुश्किल हैं.

Plastic Note In Washing Machine: अक्सर हड़बड़ी में कपड़े धोते समय हमारे पेंट या शर्ट की जेब में पैसे छूटना एक आम बात है. जब कागज के नोट वॉशिंग मशीन के पानी और सर्फ के संपर्क में आते हैं, तो वे पूरी तरह गल जाते हैं, फट जाते हैं या उनका रंग उड़ जाता है. फिर उनका इस्तेमाल करना काफी मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को देखते हुए अब भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI एक बार फिर प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट लाने पर विचार कर रहा है. लेकिन अगर जेब में प्लास्टिक या पॉलीमर के नोट रह जाएं और वे वॉशिंग मशीन में धुल जाएं, तो क्या प्लास्टिक के नोट पानी और सर्फ के इस कड़े चक्र को झेल सकते हैं. आइए जानते हैं.
वॉशिंग मशीन में प्लास्टिक के नोट का क्या होगा?
दरअसल प्लास्टिक या पॉलीमर नोट एक खास तरह की सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं. इस वजह से पानी और साबुन का इन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है. अगर कभी गलती से आपका प्लास्टिक का नोट वॉशिंग मशीन के अंदर चला भी जाता है, तो वह पानी को बिल्कुल नहीं सोखता. सर्फ का केमिकल भी इसके प्लास्टिक मटीरियल और इस पर छपे गांधी जी की तस्वीर या सीरियल नंबर को खराब नहीं कर पाता है. वॉशिंग मशीन से बाहर निकालने के बाद यह नोट बिल्कुल वैसा ही दिखेगा जैसा पहले था.
भले ही प्लास्टिक का नोट पानी में न गले, लेकिन वॉशिंग मशीन के अंदर कुछ कारणों से इसे मामूली नुकसान जरुर पहुंच सकता है. जैसे कि वॉशिंग मशीन में जब कपड़े बहुत तेजी से घूमते हैं, तो नोट कपड़ों के बीच दबकर बुरी तरह सिकुड़ सकता है. हालांकि, पॉलीमर के नोट वापस सीधे हो जाते है, लेकिन ज्यादा दबाव से इन पर स्थाई लाइनें पड़ सकती हैं. यदि आप कपड़ों को धोने के लिए वॉशिंग मशीन में हॉट वाटर मोड का इस्तेमाल कर रहे हैं, या धोने के बाद नोट को सुखाने के लिए ड्रायर की तेज हीट का उपयोग करते हैं, तो ऐसे में प्लास्टिक नोट पिघल या सिकुड़ सकता है. क्योंकि प्लास्टिक नोट केवल सामान्य तापमान का पानी ही झेल सकते हैं.
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कितनी होगी इनकी लाइफ?
प्लास्टिक के नोटों को दुनिया भर में लाने का सबसे बड़ा कारण ही इनकी लंबी उम्र है. एक आम कागज का नोट बाजार में लगातार घूमने के कारण औसतन 1 से 2 साल के भीतर गंदा होकर फटने लगता है. वहीं, एक प्लास्टिक का नोट बाजार में कम से कम 5 से 7 साल तक बिना खराब हुए आसानी से चल सकता है. साथ ही कागज के नोट बहुत जल्दी पसीना, तेल और मिट्टी सोख लेते हैं, जिससे उन पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. लेकिन प्लास्टिक के नोटों की सतह पर गंदगी नहीं चिपकती है, जिससे ये लंबे समय तक बिल्कुल साफ-सुथरे बने रहते हैं.
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